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Amroha News: खादर के गांवों में बाढ़ का कहर, चारों तरफ तबाही जैसा मंजर, खौफ में ग्रामीण
Thu, 17 Aug 2023 02:35 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Thu, 17 Aug 2023 02:35 AM IST
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अमरोहा। चौदह अगस्त को तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ने के बाद मंगलवार को मंडी धनौरा, गजरौला और हसनपुर क्षेत्र में गंगा किनारे बसे गांव में तीन-तीन फीट पानी भर गया। पानी बढ़ने के बाद इन गांव में बसे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। गांव में संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया। ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। पशुओं के लिए चारा लाने में लोगों को दिक्कत उठानी पड़ रही है। लोग जान जोखिम में डालकर गहरे पानी से निकलने को मजबूर हैं। इतना ही नहीं लगातार कीचड़ और जलभराव के कारण गांवों में संक्रामक बीमारी फैल रही है।
पहाड़ और मैदान में हो रही बारिश खादर के लिए आफत बन रही है। गंगा के उफान से बाढ़ का पानी दर्जनों गांवों घरों में घुस गया है। नदी-नालों की तरह पानी गांवों की सड़कों पर बह रहा है। जिससे खादरवासियों की नींद हराम हो गई है। लोग अपना कामधंधा छोड़ गंगा के पानी पर ही नजर रख रहे हैं। मालूम नहीं कब पलायन के हालात पैदा जाएं। टीकोवाली में चेतराम, रुपेश, हुकम, राजू, जयपाल के घर में पानी घुस आया। उधर भुड्डीवाली पूरी तरह से गंगा की धार के मुहाने पर आ गया है। भुुड्डीवाली की तरफ कटान करते हुए गंगा तेजी से बढ़ रही है। यहां गांव वालों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई हैं। दहशतजदा ग्रामीण पूरी तरह से सतर्क हैं। अगर गांव कटा तो ग्रामीण पलायन कर जाएंगे। इसके अलावा जाटोवाली में कृष्णा के घर में पानी पहुंच गया।
शीशोवाली को पानी ने चारों तरफ से घेर लिया है। बस गांव में पानी घुसना बाकी रह गया है। साथ ही दारानगर के एक घर में भी पानी पहुंच गया। खादर में बसे मंदिरवाली में भी हाल बेहाल है। गांव के चारों तरफ सभी गांव में पानी खड़ा हुआ है। संपर्क मार्ग पहले ही कट चुके हैं। शहर से इन सभी गांव का संपर्क कटा हुआ है। कुछ लोग की हिम्मत करके नाव से शहर आ रहे हैं। विभागीय आंकड़ों की बात करें तो अगर पानी और छोड़ा गया तो हालात तेरह साल पहले जैसे हो जाएंगे। क्योकि सितंबर 2010 में सबसे ज्यादा हालात बिगड़े थे। तिगरी गंगा घाट पर 202.00 मीटर पानी मापा गया था। जो तेरह साल में अब तक सबसे अधिक है। उस समय स्थिति ये हो गई थी कि इन गांवों के लोगों को निकाल कर बांध किनारे गांवों में बसाना पड़ा था।
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जबकि सैंकड़ों पर परिवार बांध पर तंबु बनाकर बस गए थे। करीब एक महीने तक यहां के लोग बेघर रहे थे। वर्ष 2010 के मुकाबले इस साल पानी महज 0.55 मीटर पीछे हैं। उस समय 202.00 मीटर था जबकि वर्तमान में 201.45 मीटर मापा गया है। अगर पानी और छोड़ा गया तो हालात वर्ष 2010 की तरह बिगड़ सकते हैं। हालांकि की बाढ़ खंड के अधिकारियों ने बुधवार की रात से पानी कम होने की बात कही है। उधर जिला प्रशासन ने तीन दिन पहले ही अलर्ट जारी कर ग्रामीणों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की अपील की थी।
तीन दिन दिन पहले हरिद्वार से 3 लाख 13 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद अलर्ट जारी कर दिया गया था। ग्रामीणों की सहूलियत के लिए चार नाव लगाई गई हैं। सुरक्षा के लिहाजा से गांवों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। बाढ़ चौकी पर तैनात अधिकारी-कर्मचारियाें से पल-पल की अपडेट ली जा रही है।-सुरेंद्र सिंह, एडीएम
तिगरी गंगा घाट पर बीते नौ साल में पानी की अधिकतम स्थिति
वर्ष-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -पानी
2014-- -- -- -- -- -- -- -- 201.10 मीटर
2015-- -- -- -- -- -- -- -- 200.90 मीटर
2016-- -- -- -- -- -- -- -- 201.00 मीटर
2017-- -- -- -- -- -- -- -- 200.90 मीटर
2018-- -- -- -- -- -- -- -- 200.30 मीटर
2019-- -- -- -- -- -- -- -- 200.25 मीटर
2020-- -- -- -- -- -- -- -- -200.30 मीटर
2021-- -- -- -- -- -- -- -- -200.40 मीटर
2022-- -- -- -- -- -- -- -- -200.70 मीटर
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
ब्रजघाट पर बीते नौ साल में पानी की अधिकतम स्थिति
वर्ष-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- पानी
2014-- -- -- -- -- -- -- -- -198.42 मीटर
2015-- -- -- -- -- -- -- -- -- 198.35 मीटर
2016-- -- -- -- -- -- -- -- -- 198.50 मीटर
2017-- -- -- -- -- -- -- -- -- -198.55 मीटर
2018-- -- -- -- -- -- -- -- -- -198.60 मीटर
2019-- -- -- -- -- -- -- -- -- -198.35 मीटर
2020-- -- -- -- -- -- -- -- -- -198.55 मीटर
2021-- -- -- -- -- -- -- -- -- 198.40 मीटर
2022-- -- -- -- -- -- -- -- -- 198.40 मीटर
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नोट: ये आकड़े दैवीय आपदा विभाग से लिए गए हैं।
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पहाड़ और मैदान में हो रही बारिश खादर के लिए आफत बन रही है। गंगा के उफान से बाढ़ का पानी दर्जनों गांवों घरों में घुस गया है। नदी-नालों की तरह पानी गांवों की सड़कों पर बह रहा है। जिससे खादरवासियों की नींद हराम हो गई है। लोग अपना कामधंधा छोड़ गंगा के पानी पर ही नजर रख रहे हैं। मालूम नहीं कब पलायन के हालात पैदा जाएं। टीकोवाली में चेतराम, रुपेश, हुकम, राजू, जयपाल के घर में पानी घुस आया। उधर भुड्डीवाली पूरी तरह से गंगा की धार के मुहाने पर आ गया है। भुुड्डीवाली की तरफ कटान करते हुए गंगा तेजी से बढ़ रही है। यहां गांव वालों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई हैं। दहशतजदा ग्रामीण पूरी तरह से सतर्क हैं। अगर गांव कटा तो ग्रामीण पलायन कर जाएंगे। इसके अलावा जाटोवाली में कृष्णा के घर में पानी पहुंच गया।
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शीशोवाली को पानी ने चारों तरफ से घेर लिया है। बस गांव में पानी घुसना बाकी रह गया है। साथ ही दारानगर के एक घर में भी पानी पहुंच गया। खादर में बसे मंदिरवाली में भी हाल बेहाल है। गांव के चारों तरफ सभी गांव में पानी खड़ा हुआ है। संपर्क मार्ग पहले ही कट चुके हैं। शहर से इन सभी गांव का संपर्क कटा हुआ है। कुछ लोग की हिम्मत करके नाव से शहर आ रहे हैं। विभागीय आंकड़ों की बात करें तो अगर पानी और छोड़ा गया तो हालात तेरह साल पहले जैसे हो जाएंगे। क्योकि सितंबर 2010 में सबसे ज्यादा हालात बिगड़े थे। तिगरी गंगा घाट पर 202.00 मीटर पानी मापा गया था। जो तेरह साल में अब तक सबसे अधिक है। उस समय स्थिति ये हो गई थी कि इन गांवों के लोगों को निकाल कर बांध किनारे गांवों में बसाना पड़ा था।
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जबकि सैंकड़ों पर परिवार बांध पर तंबु बनाकर बस गए थे। करीब एक महीने तक यहां के लोग बेघर रहे थे। वर्ष 2010 के मुकाबले इस साल पानी महज 0.55 मीटर पीछे हैं। उस समय 202.00 मीटर था जबकि वर्तमान में 201.45 मीटर मापा गया है। अगर पानी और छोड़ा गया तो हालात वर्ष 2010 की तरह बिगड़ सकते हैं। हालांकि की बाढ़ खंड के अधिकारियों ने बुधवार की रात से पानी कम होने की बात कही है। उधर जिला प्रशासन ने तीन दिन पहले ही अलर्ट जारी कर ग्रामीणों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की अपील की थी।
तीन दिन दिन पहले हरिद्वार से 3 लाख 13 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद अलर्ट जारी कर दिया गया था। ग्रामीणों की सहूलियत के लिए चार नाव लगाई गई हैं। सुरक्षा के लिहाजा से गांवों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। बाढ़ चौकी पर तैनात अधिकारी-कर्मचारियाें से पल-पल की अपडेट ली जा रही है।-सुरेंद्र सिंह, एडीएम
तिगरी गंगा घाट पर बीते नौ साल में पानी की अधिकतम स्थिति
वर्ष
2014
2015
2016
2017
2018
2019
2020
2021
2022
ब्रजघाट पर बीते नौ साल में पानी की अधिकतम स्थिति
वर्ष
2014
2015
2016
2017
2018
2019
2020
2021
2022
नोट: ये आकड़े दैवीय आपदा विभाग से लिए गए हैं।