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गंगा ने किया घरों का रुख ग्रामीणों की बढ़ी धड़कन
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Sat, 13 Aug 2016 01:21 AM IST
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तिगरी में गंगा में उफान आने पर गंगा के पानी में डूबी झुग्गियां।
- फोटो : amar ujala
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उत्तराखण्ड के पहाड़ों और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही बारिश से उफन रही गंगा ने अब गांवों की ओर रुख कर लिया है। तेज बहाव के साथ कटान कर रही गंगा ने अब तटवर्ती गांवों का रुख कर लिया है। तट के पास की झुग्गियाें से आगे पानी पहुंच चुका है और श्मशान घाट जलमग्न हो गया है। अब लोगों को बंधा के दूसरी तरफ अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है। वहीं ओसीदा जग्देपुर गांव से दो किलोमीटर तक खेतों में पानी घुसने से फसलें नष्ट हो रहीं हैं।
ब्रजघाट पर गंगा का पानी मुख्य स्नान घाट की पैड़ियों पर चढ़ता जा रहा है। वहीं तिगरी में गंगा तट का कटान कर गंगा अंदर की ओर आ गई हैं। आलम ये है कि गंगा तट की झुग्गियां भी पानी में डूब गई हैं।
गंगा किनारे शमशान घाट की ओर जाने वाला रास्ता भी जलमग्न हो गया है। श्मशान घाट पर अंत्येष्टि के लिए स्थान नहीं बचा। लोग गंगा पर बने बंधे के दूसरी ओर अंत्येष्टि करने के लिए मजबूर हैं। इसके अलावा गंगा का जल बंधे पर भी चढ़ने लगा है। उधर तिगरी से ब्रजघाट के बीच ओसीदा जग्देपुर गांव के निकट खेतों में चार-पांच फीट तक भरा गंगा का पानी अभी उतरा नहीं है।
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जिससे किसानों की गन्ना, धान, चरी, मक्का, उड़द आदि फसलों पर संकट गहरा गया है। उधर, बैराजों से पानी भी छोड़ा जा रहा है। शुक्रवार को हरिद्वार बैराज से 81375 क्यूसेक और बिजनौर बैराज से 124931 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
यूं बढ़ा जलस्तर
तिथि ब्रजघाट तिगरी
11 अगस्त 198.20 200.90 मीटर
12 अगस्त 198.20 201.00 मीटर
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ब्रजघाट पर गंगा का पानी मुख्य स्नान घाट की पैड़ियों पर चढ़ता जा रहा है। वहीं तिगरी में गंगा तट का कटान कर गंगा अंदर की ओर आ गई हैं। आलम ये है कि गंगा तट की झुग्गियां भी पानी में डूब गई हैं।
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गंगा किनारे शमशान घाट की ओर जाने वाला रास्ता भी जलमग्न हो गया है। श्मशान घाट पर अंत्येष्टि के लिए स्थान नहीं बचा। लोग गंगा पर बने बंधे के दूसरी ओर अंत्येष्टि करने के लिए मजबूर हैं। इसके अलावा गंगा का जल बंधे पर भी चढ़ने लगा है। उधर तिगरी से ब्रजघाट के बीच ओसीदा जग्देपुर गांव के निकट खेतों में चार-पांच फीट तक भरा गंगा का पानी अभी उतरा नहीं है।
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जिससे किसानों की गन्ना, धान, चरी, मक्का, उड़द आदि फसलों पर संकट गहरा गया है। उधर, बैराजों से पानी भी छोड़ा जा रहा है। शुक्रवार को हरिद्वार बैराज से 81375 क्यूसेक और बिजनौर बैराज से 124931 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
यूं बढ़ा जलस्तर
तिथि ब्रजघाट तिगरी
11 अगस्त 198.20 200.90 मीटर
12 अगस्त 198.20 201.00 मीटर