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UP: दम घुटने से परिवार में पांच की मौत... बंद घर में दम तोड़ रहे थे लोग, गांव को भनक तक नहीं; पड़ोसी रहे अनजान
Wed, 10 Jan 2024 09:24 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा
अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 10 Jan 2024 09:24 AM IST
सार
उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के सैदनगली थाना इलाके में दर्दनाक घटना हुई। यहां कमरे में कोयला जलाकर सोए तीन सगे भाई-बहन समेत पांच की मौत हो गई, जबकि महिला समेत दो की हालत नाजुक है।
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अमरोहा में दर्दनाक हादसा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अमरोहा के सैदनगली थाना इलाके के गांव अल्लीपुर भूड़ उर्फ ढक्का मोड़ निवासी ट्रक चालक रईसुद्दीन के घर में दिनभर पांच लाशें और दो लोग बेसुध पड़े रहे और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। रईसुद्दीन ने घर के नंबर पर फोन किया तो किसी ने रिसीव नहीं किया।
लिहाजा उन्होंने अपने छोटे भाई गबरू को फोन करके पत्नी हुस्न जहां से बात करने के लिए कहा। करीब पांच बजे जैसे ही गबरू घर पहुंचा तो किसी ने दरवाजा नहीं खोला। तभी आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। गबरू समेत कुछ लोग छत से सहारे घर में दाखिल हुए। इस दौरान देखा सभी लोग अचेत अवस्था में पड़े हुए थे। तब घटना की जानकारी हुई।
थाना इलाके के गांव अल्लीपुर भूड़ उर्फ ढक्का मोड़ निवासी रईसुद्दीन चार दिन पहले ही ट्रक चलाने काशीपुर गया था। घर में उसकी पत्नी हुस्नजहां, उसकी की बेटी सोनम, बड़ा बेटा जैद, छोटा बेटा माहिर और सिहाली जागीर का रहने वाला साला रियासत, उसकी बेटी महक और धनौरा निवासी साढू़ की बेटी कशिश एक ही कमरे में सोए हुए थे।
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सर्दी से बचने के लिए उन्होंने कमरे में तसले में कोयला जला लिया था। सभी की सोते में ही दम घुटने से मौत हो गई। जबकि रईसुद्दीन की पत्नी हुस्नजहां और साला रियासत की हालत गंभीर बनी हुई है। मंगलवार की शाम घटना की जानकारी मिलते ही डीएम राजेश कुमार त्यागी और एसपी कुंवर अनुपम सिंह मौके पर पहुंच गए।
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लिहाजा उन्होंने अपने छोटे भाई गबरू को फोन करके पत्नी हुस्न जहां से बात करने के लिए कहा। करीब पांच बजे जैसे ही गबरू घर पहुंचा तो किसी ने दरवाजा नहीं खोला। तभी आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। गबरू समेत कुछ लोग छत से सहारे घर में दाखिल हुए। इस दौरान देखा सभी लोग अचेत अवस्था में पड़े हुए थे। तब घटना की जानकारी हुई।
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थाना इलाके के गांव अल्लीपुर भूड़ उर्फ ढक्का मोड़ निवासी रईसुद्दीन चार दिन पहले ही ट्रक चलाने काशीपुर गया था। घर में उसकी पत्नी हुस्नजहां, उसकी की बेटी सोनम, बड़ा बेटा जैद, छोटा बेटा माहिर और सिहाली जागीर का रहने वाला साला रियासत, उसकी बेटी महक और धनौरा निवासी साढू़ की बेटी कशिश एक ही कमरे में सोए हुए थे।
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सर्दी से बचने के लिए उन्होंने कमरे में तसले में कोयला जला लिया था। सभी की सोते में ही दम घुटने से मौत हो गई। जबकि रईसुद्दीन की पत्नी हुस्नजहां और साला रियासत की हालत गंभीर बनी हुई है। मंगलवार की शाम घटना की जानकारी मिलते ही डीएम राजेश कुमार त्यागी और एसपी कुंवर अनुपम सिंह मौके पर पहुंच गए।
आला अधिकारियों के साथ घटनास्थल का मुआयना किया। जिस कमरे में तसले में कोयला जलाया गया था, उस स्थान का बारीकी से निरीक्षण किया। एसपी कुंवर अनुपम सिंह के निर्देश पर फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई और साक्ष्य जुटाए।
पड़ोस में रहने वाले जाहिद ने बताया कि अगर पड़ोसियों को थोड़ी सी आहट हो जाती तो किसी भी स्थिति में बच्चों को बचा लिया जाता। लेकिन कमरे में बंद परिवार के साथ क्या हुआ यह किसी को भी पता नहीं था। सीओ हसनपुर ने बताया कि अंदाजा लगाया जा रहा है कि सोते-सोते परिवार के लोगों का दम घुटा है। अगर वह जागते हुए होते तो जरूर घर से बाहर भागने की कोशिश करते हैं।
दाल चावल खाकर सोए थे परिवार के लोग
गांव अल्लीपुर भूड़ उर्फ ढक्का मोड़ पर ट्रक चालक का परिवार और उसके रिश्तेदार सोमवार की शाम को घर पर दाल चावल खाकर सोए थे। मंगलवार शाम को पांच लोगों के मरने की जानकारी मिलने के बाद पहुंची फॉरेंसिक टीम ने दाल चावल के नमूने लिए हैं।
गांव अल्लीपुर भूड़ उर्फ ढक्का मोड़ पर ट्रक चालक का परिवार और उसके रिश्तेदार सोमवार की शाम को घर पर दाल चावल खाकर सोए थे। मंगलवार शाम को पांच लोगों के मरने की जानकारी मिलने के बाद पहुंची फॉरेंसिक टीम ने दाल चावल के नमूने लिए हैं।
तीन चारपाई पर सो रहे थे सात लोग
गांव अल्लीपुर भूड़ उर्फ ढक्का मोड़ पर ट्रक चालक रईसुद्दीन के घर पर उनका साला रियासत और अन्य रिश्तेदार भी आए हुए थे। बताते हैं कि सर्दी से बचने के लिए सातों लोग तीन चार पाई पर सोए हुए थे। मंगलवार शाम को जब कमरा खोल कर देखा गया तो तीन चार पाई पड़ी हुई थी।
गांव अल्लीपुर भूड़ उर्फ ढक्का मोड़ पर ट्रक चालक रईसुद्दीन के घर पर उनका साला रियासत और अन्य रिश्तेदार भी आए हुए थे। बताते हैं कि सर्दी से बचने के लिए सातों लोग तीन चार पाई पर सोए हुए थे। मंगलवार शाम को जब कमरा खोल कर देखा गया तो तीन चार पाई पड़ी हुई थी।
पड़ोसी भी रहे अनजान
थानाक्षेत्र के अल्लीपुर भूड़ गांव में तीन सगे भाई-बहन समेत पांच बच्चों की मौत हो गई। जबकि ट्रक चालक रईसुद्दीन की पत्नी और साले की हालत गंभीर है। ये घटना सोमवार की रात की है। पूरा परिवार मंगलवार को दिनभर कमरे में पड़ा रहा। इसकी भनक पड़ोसियों को भी नहीं लगी। किसी ने घर पहुंच कर हकीकत जानने की कोशिश नहीं की। दिनभर परिवार के लोग घर से बाहर नहीं निकले।
थानाक्षेत्र के अल्लीपुर भूड़ गांव में तीन सगे भाई-बहन समेत पांच बच्चों की मौत हो गई। जबकि ट्रक चालक रईसुद्दीन की पत्नी और साले की हालत गंभीर है। ये घटना सोमवार की रात की है। पूरा परिवार मंगलवार को दिनभर कमरे में पड़ा रहा। इसकी भनक पड़ोसियों को भी नहीं लगी। किसी ने घर पहुंच कर हकीकत जानने की कोशिश नहीं की। दिनभर परिवार के लोग घर से बाहर नहीं निकले।