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पैमाइश को पहुंची टीम के सामने चलीं गोलियां
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Mon, 20 Jun 2016 12:59 AM IST
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रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
- फोटो : demo pic
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गढ़मुक्तेश्वर से सटे थाना गजरौला क्षेत्र के गांव गुलालपुर में जमीन के विवाद को लेकर रविवार दोपहर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। विवाद उस वक्त हुआ जब तहसील प्रशासन की टीम पुलिस फोर्स के साथ जमीन की पैमाईश कर पट्टे चिह्नित कराने पहुंची।
पुलिस और तहसील प्रशासन के सामने ही दोनों पक्षों से ताबड़तोड़ फायरिंग होने लगी। करीब 20-25 फायर हुए। जिससे गांव में भगदड़ मच गई। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी खिसक लिए, गनीमत रही किसी को गोली नहीं लगी। हालांकि, एसडीएम ने विवाद से इंकार किया है।
बता दें कि एक पक्ष के नोएडा निवासी रमेश चंद्र पुत्र राधेश्याम और राजकुमार ने गांव गुलालपुर में सन 1991 में पट्टे करा लिए थे, जो बाद में निरस्त हो गए। पट्टे निरस्त होने के बाद रमेश चंद्र और राजकुमार ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने प्रशासन को जमीन की पैमाइश कर पट्टे चिह्नित करने का आदेश जारी कर दिया था।
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इन पट्टों पर गांव के सुखदेव सरदार, सुभाष, सुल्तान, ओमवीर, रमेश, सत्तन, होराम, किशनपाल, रामपाल, बांके समेत गांव के तमाम किसान सालों से खेती करते बताए जा रहे हैं। इनका कहना है कि ये जमीन उनकी निजी है। हाईकोर्ट के आदेश पर जमीन की पैमाइश करने के लिए रविवार दोपहर करीब 12 बजे नायब तहसीलदार राकेश जैन अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
थाना गजरौला पुलिस भी बुला ली गई। जमीनों की पैमाइश कराते वक्त गांव के सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए। वहीं लग्जरी गाड़ियों से नोएडा के रमेश चंद्र और राजकुमार के साथ लोग पहुंच गए। पैमाइश के बाद जब मेड़ बनाने की कोशिश की तो तनातनी हो गई।
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पुलिस और तहसील प्रशासन के सामने ही दोनों पक्षों से ताबड़तोड़ फायरिंग होने लगी। करीब 20-25 फायर हुए। जिससे गांव में भगदड़ मच गई। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी खिसक लिए, गनीमत रही किसी को गोली नहीं लगी। हालांकि, एसडीएम ने विवाद से इंकार किया है।
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बता दें कि एक पक्ष के नोएडा निवासी रमेश चंद्र पुत्र राधेश्याम और राजकुमार ने गांव गुलालपुर में सन 1991 में पट्टे करा लिए थे, जो बाद में निरस्त हो गए। पट्टे निरस्त होने के बाद रमेश चंद्र और राजकुमार ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने प्रशासन को जमीन की पैमाइश कर पट्टे चिह्नित करने का आदेश जारी कर दिया था।
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इन पट्टों पर गांव के सुखदेव सरदार, सुभाष, सुल्तान, ओमवीर, रमेश, सत्तन, होराम, किशनपाल, रामपाल, बांके समेत गांव के तमाम किसान सालों से खेती करते बताए जा रहे हैं। इनका कहना है कि ये जमीन उनकी निजी है। हाईकोर्ट के आदेश पर जमीन की पैमाइश करने के लिए रविवार दोपहर करीब 12 बजे नायब तहसीलदार राकेश जैन अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
थाना गजरौला पुलिस भी बुला ली गई। जमीनों की पैमाइश कराते वक्त गांव के सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए। वहीं लग्जरी गाड़ियों से नोएडा के रमेश चंद्र और राजकुमार के साथ लोग पहुंच गए। पैमाइश के बाद जब मेड़ बनाने की कोशिश की तो तनातनी हो गई।