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चाकी खेड़ा में फिर दिखा तेंदुआ, दहशत
ब्यूरो/अमर उजाला, अमरोहा
Updated Wed, 20 Apr 2016 01:05 AM IST
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तेंदुआ
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कुछ ग्रामीणों ने हाथों में लाठियां लेकर तेेंदुए को घेरने की कोशिश की, मगर कामयाबी नहीं मिली। इसके बाद ग्रामीणों ने खेतों से अपने घरों की ओर का रुख कर दिया। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को इसकी सूचना दी, मगर वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची।
गांव चाकी खेड़ा में मंगलवार सुबह करीब आठ बजे गांव के ही उमेश की ईख से कुछ दूरी पर किसान राजेश अपने खेत में गेहूं की निकासी करा रहा था। वहीं गांव के ही हुकुम सिंह, कृपाल और नवीन भी थे। उसी समय जंगल की ओर से एक तेंदुआ आता नजर आया जो उमेश की ईख में घुस गया। तेंदुए को देख आसपास खेतों में मौजूद किसान सहम गए। शोर मचा तो ग्रामीण हाथों में लाठियां लेकर मौके पर पहुंच गए। आसपास के खेतों में पंजों के निशान भी पाए गए हैं।
इस पर ग्रामीणों ने डीएम को जानकारी दी, मगर वन महकमे की टीम नहीं पहुंची। इधर, ज्यादा देर हो गई तो उमेश की ईख को घेरे किसान भी घरों की ओर लौट गए। किसान राजेश ने बताया कि वह सोमवार रात 11 बजे भी अपने खेत पर गेहूं की निकासी करा रहा था। आसपास खेतों में भी गेहूं निकल रहे थे। उस समय भी तेंदुए का शोर मचा था तो सभी भयवश घरों को चले गए। मंगलवार सुबह फिर तेंदुआ दिखा।
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कॉल रिसीव नहीं हुई
गजरौला। बता दें कि तेंदुआ दस अप्रैल सुबह करीब नौ बजे आम के बाग के पास गांव चाकी खेड़ा के किसान हरज्ञान सिंह के बाजरे के खेत में गांव के ही भरत सिंह पुत्र शेर सिंह ने तेंदुए को जाते देखा था। वन विभाग के कुमराला प्रभारी राकेश कुमार और धनौरा सेंच्यूरी के वन रेंजर इकबाल खान भी टीम के साथ पहुंचे थे, हालांकि तेंदुआ न होने की बात कहते हुए टीम लौट गई। बाद में तेंदुआ रेलवे लाइन की ओर भागते देखा गया। दो दिन बाद तेंदुआ पड़ोस के गांव शकूराबाद के जंगल में देखा गया था। ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग को सूचना देने के लिए फोन किया, मगर किसी ने कॉल रिसीव नहीं की।
सेंच्यूरी से 12 किलोमीटर दूर है गजरौला क्षेत्र
गजरौला। धनौरा सेंच्यूरी से गजरौला क्षेत्र की दूरी करीब 12 किलोमीटर है। ऐसे में पानी की तलाश में कई बार जंगली जानवर सेंच्यूरी एरिया से बाहर निकल रहे हैं। वन अधिकारियों के मुताबिक तेंदुआ की गति काफी अधिक होती है, जो रात में करीब 20 किलोमीटर से अधिक दूरी तक आ-जा सकता है। जंगली जानवरों से बचने के लिए जंगल क्षेत्र में समूह में रहना चाहिए और सुरक्षा के इंतजाम भी साथ रखें।
चाकी खेड़ा में मंगलवार को तेंदुए के आने की सूचना मिली है, सूचना मिलने पर तत्काल वन विभाग की टीम को मौके पर भेज कर जांच पड़ताल कराई गई है, फिलहाल अभी तेंदुआ कहीं नजर नहीं आया। सुरक्षा के लिए एहतियात बरतने को कहा गया है। विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है, डब्ल्यूटीआई दिल्ली से भी संपर्क साधा गया है। इस बार यदि तेंदुआ दिखाई दिया और जरूरत पड़ी तो ट्रैंक्यूलाइज भी किया जाएगा।- इकबाल खान, रेंजर, धनौरा सेंच्यूरी।
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गांव चाकी खेड़ा में मंगलवार सुबह करीब आठ बजे गांव के ही उमेश की ईख से कुछ दूरी पर किसान राजेश अपने खेत में गेहूं की निकासी करा रहा था। वहीं गांव के ही हुकुम सिंह, कृपाल और नवीन भी थे। उसी समय जंगल की ओर से एक तेंदुआ आता नजर आया जो उमेश की ईख में घुस गया। तेंदुए को देख आसपास खेतों में मौजूद किसान सहम गए। शोर मचा तो ग्रामीण हाथों में लाठियां लेकर मौके पर पहुंच गए। आसपास के खेतों में पंजों के निशान भी पाए गए हैं।
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इस पर ग्रामीणों ने डीएम को जानकारी दी, मगर वन महकमे की टीम नहीं पहुंची। इधर, ज्यादा देर हो गई तो उमेश की ईख को घेरे किसान भी घरों की ओर लौट गए। किसान राजेश ने बताया कि वह सोमवार रात 11 बजे भी अपने खेत पर गेहूं की निकासी करा रहा था। आसपास खेतों में भी गेहूं निकल रहे थे। उस समय भी तेंदुए का शोर मचा था तो सभी भयवश घरों को चले गए। मंगलवार सुबह फिर तेंदुआ दिखा।
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कॉल रिसीव नहीं हुई
गजरौला। बता दें कि तेंदुआ दस अप्रैल सुबह करीब नौ बजे आम के बाग के पास गांव चाकी खेड़ा के किसान हरज्ञान सिंह के बाजरे के खेत में गांव के ही भरत सिंह पुत्र शेर सिंह ने तेंदुए को जाते देखा था। वन विभाग के कुमराला प्रभारी राकेश कुमार और धनौरा सेंच्यूरी के वन रेंजर इकबाल खान भी टीम के साथ पहुंचे थे, हालांकि तेंदुआ न होने की बात कहते हुए टीम लौट गई। बाद में तेंदुआ रेलवे लाइन की ओर भागते देखा गया। दो दिन बाद तेंदुआ पड़ोस के गांव शकूराबाद के जंगल में देखा गया था। ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग को सूचना देने के लिए फोन किया, मगर किसी ने कॉल रिसीव नहीं की।
सेंच्यूरी से 12 किलोमीटर दूर है गजरौला क्षेत्र
गजरौला। धनौरा सेंच्यूरी से गजरौला क्षेत्र की दूरी करीब 12 किलोमीटर है। ऐसे में पानी की तलाश में कई बार जंगली जानवर सेंच्यूरी एरिया से बाहर निकल रहे हैं। वन अधिकारियों के मुताबिक तेंदुआ की गति काफी अधिक होती है, जो रात में करीब 20 किलोमीटर से अधिक दूरी तक आ-जा सकता है। जंगली जानवरों से बचने के लिए जंगल क्षेत्र में समूह में रहना चाहिए और सुरक्षा के इंतजाम भी साथ रखें।
चाकी खेड़ा में मंगलवार को तेंदुए के आने की सूचना मिली है, सूचना मिलने पर तत्काल वन विभाग की टीम को मौके पर भेज कर जांच पड़ताल कराई गई है, फिलहाल अभी तेंदुआ कहीं नजर नहीं आया। सुरक्षा के लिए एहतियात बरतने को कहा गया है। विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है, डब्ल्यूटीआई दिल्ली से भी संपर्क साधा गया है। इस बार यदि तेंदुआ दिखाई दिया और जरूरत पड़ी तो ट्रैंक्यूलाइज भी किया जाएगा।- इकबाल खान, रेंजर, धनौरा सेंच्यूरी।