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बुखार हुआ बेकाबू, पांच की ली जान
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Tue, 01 Nov 2016 12:22 AM IST
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- फोटो : demo
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जिले में बुखार बेकाबू हो गया है। एक के बाद एक लोग बुखार का निवाला बन रहे हैं और प्रशासन बेफिक्र है। न ही बुखार को रोकने के लिए कोई कोशिश की जा रही है और न ही मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराया जा रहा है। अब बुखार से जिलेभर में पांच लोगों की मौत का मामला सामने आया है।
कस्बा नौगावां सादात के मोहल्ला गुला तालाब निवासी यावर अहमद के डेढ़ वर्षीय बेटे अयान को तीन दिन से बुखार आ रहा था। परिजनों ने निजी चिकित्सक से उसे दवा दिलाई थी। दो दिन उपचार के बाद भी उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। इस पर परिवार के लोग बीते दिन उसको लेकर मुरादाबाद में निजी चिकित्सक के यहां जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही दम तोड़ दिया। बेटे की मौत से माता-पिता बदहवास हो गए।
अन्य लोगों ने उनको किसी तरह संभाला। बाद में उसको दफन कर दिया गया। उधर डिडौली कोतवाली क्षेत्र के गांव पतेई खालसा निवासी राजवीर पुत्र हरिशचंद्र को तीन दिन से बुखार आ रहा था। स्थानीय डाक्टर से दवा ली, मगर तबीयत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद परिजन उसको लेकर रात मेरठ अस्पताल के लिए घर से निकले थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
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उझारी, ढबारसी और गंगवार में भी बुखार से मौत ः कस्बा उझारी में एक बैंक की स्थानीय शाखा के पास रहने वाले नईम अहमद(30) को कई दिनों से बुखार आ रहा था। शुरू में तो कस्बे के प्राइवेट डाक्टरों से ही उपचार कराया गया। लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। नईम की तबीयत बिगड़ती गई। रविवार शाम को परिजन उसे हसनपुर ले जा रहे थे, लेकिन इसने भी रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
वहीं, गंगवार निवासी कदीर की पत्नी शकीला(42) को चार दिन से बुखार आ रहा था। आसपास के निजी डाक्टरों से उपचार कराया गया। लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। गंभीर हालत में शकीला को मेरठ रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। परिजनों में कोहराम मचा है। जबकि बुखार से पीड़ितों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
ढबारसी निवासी रमेश(70) पुत्र सुंदर को एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। पीड़ित का स्थानीय झोलाछाप के यहां इलाज कराया जा रहा था। सोमवार शाम उसने दम तोड़ दिया।
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कस्बा नौगावां सादात के मोहल्ला गुला तालाब निवासी यावर अहमद के डेढ़ वर्षीय बेटे अयान को तीन दिन से बुखार आ रहा था। परिजनों ने निजी चिकित्सक से उसे दवा दिलाई थी। दो दिन उपचार के बाद भी उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। इस पर परिवार के लोग बीते दिन उसको लेकर मुरादाबाद में निजी चिकित्सक के यहां जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही दम तोड़ दिया। बेटे की मौत से माता-पिता बदहवास हो गए।
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अन्य लोगों ने उनको किसी तरह संभाला। बाद में उसको दफन कर दिया गया। उधर डिडौली कोतवाली क्षेत्र के गांव पतेई खालसा निवासी राजवीर पुत्र हरिशचंद्र को तीन दिन से बुखार आ रहा था। स्थानीय डाक्टर से दवा ली, मगर तबीयत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद परिजन उसको लेकर रात मेरठ अस्पताल के लिए घर से निकले थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
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उझारी, ढबारसी और गंगवार में भी बुखार से मौत ः कस्बा उझारी में एक बैंक की स्थानीय शाखा के पास रहने वाले नईम अहमद(30) को कई दिनों से बुखार आ रहा था। शुरू में तो कस्बे के प्राइवेट डाक्टरों से ही उपचार कराया गया। लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। नईम की तबीयत बिगड़ती गई। रविवार शाम को परिजन उसे हसनपुर ले जा रहे थे, लेकिन इसने भी रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
वहीं, गंगवार निवासी कदीर की पत्नी शकीला(42) को चार दिन से बुखार आ रहा था। आसपास के निजी डाक्टरों से उपचार कराया गया। लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। गंभीर हालत में शकीला को मेरठ रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। परिजनों में कोहराम मचा है। जबकि बुखार से पीड़ितों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
ढबारसी निवासी रमेश(70) पुत्र सुंदर को एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। पीड़ित का स्थानीय झोलाछाप के यहां इलाज कराया जा रहा था। सोमवार शाम उसने दम तोड़ दिया।