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समस्याओं को लेकर किसानों का हाईवे पर पैदल मार्च, वाहनों के पहिए थमे
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Farmers march on the highway due to problems, wheels of vehicles stopped
- फोटो : JPNAGAR
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किसानों की समस्याओं को लेकर भाकियू भानु के पदाधिकारियों ने हाईवे पर एक किलोमीटर दूर तक पैदल मार्च किया। अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों का शोषण करने का आरोप लगाया। करीब पंद्रह मिनट तक किसान हाईवे पर रहे। इससे वाहनों के पहिए थम गए। जाम लगता देख पुलिस प्रशासन के पसीने छूट पड़े। अधिकारियों ने किसानों को समझा कर बमुश्किल हाईवे से हटाया। जिसके बाद राहत की सांस ली।
बृहस्पतिवार को भारतीय किसान यूनियन भानु की पंचायत रजबपुर के साप्ताहिक बाजार में प्रस्तावित थी। इसलिए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह के नेतृत्व में तमाम किसान एकत्र होकर पंचायत में पहुंचे। यहां वक्ताओं ने गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी को नाकाफी बताया। गन्ना के बकाया भुगतान को 14 दिन के अंदर कराने की मांग की। कहा कि गन्ना क्रय केंद्रों और चीनी मिल गेट के कांटों पर हो रही गन्ना घटतौली को रोका जाए। कहा कि 41 हजार वंचित किसानों पीएम सम्मान निधि की राशि दिलाई जाए। किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ऋण लेने वाले किसानों का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा अपर्याप्त है, इसको 50 हजार से बढ़ाकर 5 लाख किया जाना चाहिए। साथ ही मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा भी 5 लाख से बढ़ाकर 10 रुपये लाख किया जाए। किसानों के ट्यूबवेलों का एक वर्ष का विद्युत बिल पूर्ण रूप से माफ किया जाए। ट्यूबवेल पर मीटर लगाने का विरोध किया। किसानों को सभी सब्सिडी डीबीटी के तहत दी जानी चाहिए।
तेरह सूत्रीय मांगों को लेकर किसानों ने जमकर नारेबाजी की। किसान नेताओं ने अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की। करीब 2.10 बजे किसान नारेबाजी करते हुए हाईवे पर उतर आए। करीब एक किलोमीटर दूर तक पैदल मार्च किया। किसान करीब पंद्रह मिनट हाईवे पर रहे, जिससे वाहनों के पहिए थम गए। जिससे राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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अधिकारियों में एलडीएम, एसडीएम, जिला कृषि अधिकारी, जिला चकबंदी अधिकारी, जिला गन्ना अधिकारी, सीओ धनौरा, रीजनल मैनेजर प्रथमा बैंक गजरौला मौजूद रहे। जबकि किसानों में जिलाध्यक्ष सतपाल.सिंह, हरज्ञान सिंह, गुरमीत चौधरी, बृजपाल सैनी, यशवीर सिंह, अशोक कुमार, महिपाल सैनी, धर्मवीर सिंह, इश्ताकार, उत्तम सिंह आदि मौजूद रहे।
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बृहस्पतिवार को भारतीय किसान यूनियन भानु की पंचायत रजबपुर के साप्ताहिक बाजार में प्रस्तावित थी। इसलिए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह के नेतृत्व में तमाम किसान एकत्र होकर पंचायत में पहुंचे। यहां वक्ताओं ने गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी को नाकाफी बताया। गन्ना के बकाया भुगतान को 14 दिन के अंदर कराने की मांग की। कहा कि गन्ना क्रय केंद्रों और चीनी मिल गेट के कांटों पर हो रही गन्ना घटतौली को रोका जाए। कहा कि 41 हजार वंचित किसानों पीएम सम्मान निधि की राशि दिलाई जाए। किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ऋण लेने वाले किसानों का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा अपर्याप्त है, इसको 50 हजार से बढ़ाकर 5 लाख किया जाना चाहिए। साथ ही मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा भी 5 लाख से बढ़ाकर 10 रुपये लाख किया जाए। किसानों के ट्यूबवेलों का एक वर्ष का विद्युत बिल पूर्ण रूप से माफ किया जाए। ट्यूबवेल पर मीटर लगाने का विरोध किया। किसानों को सभी सब्सिडी डीबीटी के तहत दी जानी चाहिए।
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तेरह सूत्रीय मांगों को लेकर किसानों ने जमकर नारेबाजी की। किसान नेताओं ने अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की। करीब 2.10 बजे किसान नारेबाजी करते हुए हाईवे पर उतर आए। करीब एक किलोमीटर दूर तक पैदल मार्च किया। किसान करीब पंद्रह मिनट हाईवे पर रहे, जिससे वाहनों के पहिए थम गए। जिससे राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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अधिकारियों में एलडीएम, एसडीएम, जिला कृषि अधिकारी, जिला चकबंदी अधिकारी, जिला गन्ना अधिकारी, सीओ धनौरा, रीजनल मैनेजर प्रथमा बैंक गजरौला मौजूद रहे। जबकि किसानों में जिलाध्यक्ष सतपाल.सिंह, हरज्ञान सिंह, गुरमीत चौधरी, बृजपाल सैनी, यशवीर सिंह, अशोक कुमार, महिपाल सैनी, धर्मवीर सिंह, इश्ताकार, उत्तम सिंह आदि मौजूद रहे।