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जलसा ए सीरत पाक की अनुमति पुलिस रिपोर्ट के बाद, जुलूस पर संकट
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अमरोहा। ईद मिलादुन्नबी के मौके पर जुलूस-ए-मोहम्मदी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। दरअसल कोविड 19 के संक्रमण के चलते प्रशासन जोखिम लेने को तैयार नहीं है। अलबत्ता 17 दिवसीय जलसे पर अनुमति मिल सकती है, लेकिन पुलिस और एलआईयू की रिपोर्ट के बाद निर्णय लिया जाएगा। हालांकि अनुमति भी सशर्त रह सकती है। मुस्लिम कमेटी ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से जलसा और जुलूस के लिए पत्रक सौंपा। पुलिस से रिपोर्ट तलब की है।
शहर में जलसा ए ईद मिलादुन्नबी और जुलूस ए मोहम्मदी ऐतिहासिक है। मुस्लिम कमेटी की देखरेख में 58 सालों से शान ओ शौकत के साथ निकलता है। रबी उल अव्वल के चांद के तस्दीक/ दीदार के बाद जलसा ए सीरत का आगाज होगा। कोविड 19 के प्रोटोकॉल के अनुसार सार्वजनिक कार्यक्रमों की अनुमति नहीं है। हालांकि कुछ कार्यक्रमों में सशर्त अनुमति दी गई है, लेकिन धार्मिक कार्यक्रमों के लिए सरकार छूट देने को तैयार नहीं है। मुस्लिम कमेटी के पदाधिकारी बुधवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एसडीएम शशांक चौधरी से मिलें। उन्होंने बताया कि 18 अक्तूबर से कार्यक्रम शुरू होगा। इसमें विभिन्न जगहों पर महफिल ए नात, जलसा-ए-सीरत पाक और नातिया ए महफिल है। कमेटी ने इस बार जलसा के कार्यक्रमों में बदलाव किया है। दरअसल चौक चौराहों पर कार्यक्रमों पर रोक है। ऐसे में कमेटी के पदाधिकारियों के आवास और उसके आस पास कार्यक्रम की अनुमति मांगी है। इस दौरान सदर हाजी नसीम खान, अब्दुल कयूम राइनी, मंसूर अहमद, हाजी खुर्शीद अनवर, सरताज मंसूरी, फहीम शाहनवाज, इकरार अहमद अंसारी, रियाजुद्दीन मंसूरी, कमर नकवी, डॉ. नजमुन्नबी, इकराम जैदी आदि रहे।
जुलूस पर रोक है। पुलिस से रिपोर्ट तलब की गई है। रिपोर्ट के बाद बैठक की जाएगी। कोविड 19 के प्रोटोकाल के अनुसार कार्यक्रमों पर फैसला किया जाएगा। शशांक चौधरी, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम
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शहर में जलसा ए ईद मिलादुन्नबी और जुलूस ए मोहम्मदी ऐतिहासिक है। मुस्लिम कमेटी की देखरेख में 58 सालों से शान ओ शौकत के साथ निकलता है। रबी उल अव्वल के चांद के तस्दीक/ दीदार के बाद जलसा ए सीरत का आगाज होगा। कोविड 19 के प्रोटोकॉल के अनुसार सार्वजनिक कार्यक्रमों की अनुमति नहीं है। हालांकि कुछ कार्यक्रमों में सशर्त अनुमति दी गई है, लेकिन धार्मिक कार्यक्रमों के लिए सरकार छूट देने को तैयार नहीं है। मुस्लिम कमेटी के पदाधिकारी बुधवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एसडीएम शशांक चौधरी से मिलें। उन्होंने बताया कि 18 अक्तूबर से कार्यक्रम शुरू होगा। इसमें विभिन्न जगहों पर महफिल ए नात, जलसा-ए-सीरत पाक और नातिया ए महफिल है। कमेटी ने इस बार जलसा के कार्यक्रमों में बदलाव किया है। दरअसल चौक चौराहों पर कार्यक्रमों पर रोक है। ऐसे में कमेटी के पदाधिकारियों के आवास और उसके आस पास कार्यक्रम की अनुमति मांगी है। इस दौरान सदर हाजी नसीम खान, अब्दुल कयूम राइनी, मंसूर अहमद, हाजी खुर्शीद अनवर, सरताज मंसूरी, फहीम शाहनवाज, इकरार अहमद अंसारी, रियाजुद्दीन मंसूरी, कमर नकवी, डॉ. नजमुन्नबी, इकराम जैदी आदि रहे।
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जुलूस पर रोक है। पुलिस से रिपोर्ट तलब की गई है। रिपोर्ट के बाद बैठक की जाएगी। कोविड 19 के प्रोटोकाल के अनुसार कार्यक्रमों पर फैसला किया जाएगा। शशांक चौधरी, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम
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