फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amroha News ›   Do not allow water shortage in the body suffering from fever and diarrhea, 30 patients admitted

Amroha News: बुखार और डायरिया पीड़ित शरीर में न होने दें पानी की कमी, 30 मरीज भर्ती

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 22 Apr 2023 01:10 AM IST
विज्ञापन
Do not allow water shortage in the body suffering from fever and diarrhea, 30 patients admitted
अमरोहा। भीषण गर्मी में लोग डिहाइड्रेशन का शिकार हो रहे हैं। डायरिया के कारण बच्चों में अत्यधिक पानी की कमी होने से डिहाइड्रेशन की समस्याएं बढ़ जाती है। ये जानलेवा भी हो जाता है। सही समय पर डायरिया के लक्षणों को जानकर उनका उचित उपचार कर बच्चों को इस गंभीर रोग से आसानी से सुरक्षित किया जा सकता है। आलम ये है कि जिला अस्पताल में इन दिनों में मरीजों की लाइन लगी हुई है। जनरल वार्ड फुल हो गए हैं। शुक्रवार को भी वार्ड में डायरिया के 30 मरीज भर्ती मिले।
विज्ञापन

सीएमओ डॉ. राजीव सिंघल ने बताया कि डायरिया के शुरुआती लक्षणों का ध्यान रख माताएं इसकी आसानी से पहचान कर सकती हैं। इससे केवल नवजातों को ही नहीं बल्कि बड़े बच्चों को भी डायरिया से बचाया जा सकता है। इसमें लगातार पतला दस्त होना, बार-बार दस्त के साथ उल्टी का होना, प्यास बढ़ जाना, भूख का कम जाना या खाना नहीं खाना, दस्त के साथ हल्के बुखार का आना, कभी-कभी स्थित गंभीर हो जाने पर दस्त में खून भी आना आदि शामिल हैं। बार-बार डायरिया, दस्त लगने से हुए डिहाइड्रेशन को दूर करने के लिए बड़े बच्चों को ओरल रीहाइड्रेशन सलूशन (ओआरएस) का घोल पिलाएं। इससे दस्त के कारण पानी के साथ शरीर से निकले जरूरी एल्क्ट्रोलाइट्स ( सोडियम, पोटेशियम, क्लोराइड एवं बाईकार्बोनेट) की कमी को दूर किया जा सकता है। माताएं अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र से संपर्क कर इस बात की जानकारी ले सकती हैं कि ओआरएस का घोल कैसे बनाना है और किस उम्र के बच्चे को इसकी कितनी मात्रा कितने बार दिया जाना है। फिजिशियन डॉ. प्रांजल मिश्रा ने बताया कि गुर्दे के जो पुराने रोगी हैं, उनकी स्थिति अधिक बिगड़ रही है। शरीर में पानी और नमक की कमी हो जाने से गुर्दों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, पानी की कमी से गुर्दों पर कई बार सूजन बन जाती है। इसमें लापरवाही बरतने पर किडनी फेल का खतरा रहता है। इस समय बड़े बुजुर्गों के साथ ही युवा भी गुर्दे संबंधी बीमारी से पीड़ित मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि सामान्य हमें दिन में तीन लीटर पानी अवश्य पीना चाहिए। इससे शरीर में बनने वाले हानिकारक टॉक्सिन हमारे पेशाब के सहारे बाहर निकल जाते हैं। लेकिन पानी का कम सेवन किए जाने से ऐसे टॉक्सिन हमारी किडनी को खराब करते हैं। उन्होंने बताया कि 30 साल से कम उम्र के युवा भी गुर्दे की बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं। जिला अस्पताल में रोजाना 1 हजार से 1500 मरीजों की ओपीडी होती है। जिसमें 130 से 150 मरीज बुखार और डायरिया से पीड़ित आ रहे हैं। पिछले सात दिन में करीब 140 मरीजों को भर्ती किया जा चुका है। शुक्रवार को भी वार्ड में 30 मरीज भर्ती थे।
विज्ञापन

डायरिया से करें बच्चों का बचाव
फिजिशियन डॉक्टर फाईक अली ने बताया कि इन दिनों डायरिया फैल रहा है, बच्चे इसकी चपेट में आ रहे हैं। डायरिया के कारण सबसे अधिक बच्चे डिहाइड्रेशन के शिकार होते हैं। बच्चों के गंभीर होने का यह बड़ा कारण है। बुखार, डायरिया होने पर बच्चों के शरीर में पानी की कमी नहीं होने देनी चाहिए। उन्हें नियमित पानी, ग्लूकोज व अन्य पेय पिलाते रहें।
विज्ञापन
विज्ञापन


बचाव के लिए ये करें
. शरीर में पानी की कमी न होने दें।
. डॉक्टर से संपर्क कर दवा की डोज दुरुस्त करा लें।
. जिनके गुर्दे अधिक खराब हैं, वह चिकित्सक के हिसाब से पानी पीएं।
. बेवजह धूप में बाहर न आए-जाएं।
-----------------
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed