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स्टेट हाईवे पर लगाया जाम
ब्यूरो/अमर उजाला, अमरोहा
Updated Sun, 24 Apr 2016 01:07 AM IST
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जाम लगाया
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ऑटो रिक्शा यूनियन और रिक्शा मजदूर कल्याण समिति से जुड़े तमाम ऑटो रिक्शा और ई-रिक्शा चालक शनिवार सुबह दस बजे टीपीनगर तिराहे पर एकत्र हुए और स्टेट हाईवे पर ऑटो, ई-रिक्शा खड़े कर जाम लगा दिया। चालकों ने कहा कि रेलवे स्टेशन परिसर में डीआरएम मुरादाबाद ने रिक्शा चालकों के लिए वर्षों पहले स्टैंड दिया था। जिसे करीब छह माह पहले आरपीएफ ने उनसे छीन लिया है। ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा और रिक्शा चालक स्टैंड पर आकर खड़े हो जाते थे, लेकिन ठिकाना छीन लिए जाने से उनके सामने परेशानी खड़ी हो गई है। इस दौरान उन्होंने मांग के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की। जाम लगाने की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर आ गई। कुछ देर बाद सीओ सिटी शील कुमार भी चालकों के बीच पहुंचे और आश्वासन दिया कि उनकी मांग को अधिकारियों तक पहुंचा दिया जाएगा। करीब एक घंटा बाद चालकों ने जाम खोल दिया और हड़ताल भी स्थगित कर दी। इधर, जाम लगाने से टीपीनगर तिराहे पर हर तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यात्रियों और वाहन चालकों को भीषण गर्मी में जाम में फंसे रहने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहर बाद ऑटो रिक्शा आदि सड़क पर दिखाई दिए।
जहां-तहां खड़े राहगीर करते रहे इंतजार
अमरोहा। हड़ताल, ऊपर से भीषण गर्मी ने तमाम राहगीरों की हिम्मत तोड़ दी। मुख्य मार्गों और चौराहों पर जहां तहां राहगीर पेड़, मकानों की छांव में खड़े दिखाई दिए। मानो भीषण गर्मी में उनकी हिम्मत ने जवाब दे गई हो। दोपहर में हड़ताल स्थगित होने के बाद सड़कों पर जब ऑटो, ई-रिक्शा और रिक्शा चलते दिखाई दिए तो राहत मिली।
जाम लगाने वालों पर कार्रवाई हो
अमरोहा। जिला सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य अनिल कुमार जग्गा ने एसपी को पत्र लिखकर स्टेट हाईवे पर जाम लाकर राहगीरों को परेशान करने वाले ऑटो, ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने तर्क दिया है कि ई-रिक्शा चालकों का पंजीकरण भी जरूरी है, लेकिन यहां अवैध तरीके से इनका संचालन किया जा रहा है और रोड जाम करना वैसे भी कानूनन अपराध है। लिहाजा जाम लगाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
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हड़ताल ने फुला दी राहगीरों की सांसें
अमरोहा। रेलवे स्टेशन पर ट्रेन, रोडवेज और प्राइवेट बस अड्डों पर बस से उतरने के बाद राहगीर सवारी का इंतजार करते रहे। न ऑटो रिक्शा दिखाई दिए और न ही ई-रिक्शा। यहां तक की रिक्शा चालक भी संबंधित स्थानों से गायब थे। तेज धूप और भीषण गर्मी में किसी के पास भारी सामान था, कोई पूरे परिवार के साथ था। महिलाएं छोटे-छोटे बच्चों के साथ धूप में खड़े होकर सवारी का इंतजार करती रहीं।
जब उन्हें पता चला कि ऑटो, ई-रिक्शा और रिक्शा चालक हड़ताल पर हैं, तो उन्होंने पैदल ही सफर तय किया। किसी को धनौरा रोड, कांठ रोड, कैलसा रोड, अतरासी रोड से स्टेशन जाता था, तो किसी को शहर में आना था। यहां से कई किलोमीटर का पैदल रास्ता तय करने में राहगीर पसीने-पसीने हो गए। रास्ते में कई जगह रूककर हैंडपंप का पानी पीकर गला तर किया और फिर आगे बढ़ गए। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और विद्यार्थियों को हुई।
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जहां-तहां खड़े राहगीर करते रहे इंतजार
अमरोहा। हड़ताल, ऊपर से भीषण गर्मी ने तमाम राहगीरों की हिम्मत तोड़ दी। मुख्य मार्गों और चौराहों पर जहां तहां राहगीर पेड़, मकानों की छांव में खड़े दिखाई दिए। मानो भीषण गर्मी में उनकी हिम्मत ने जवाब दे गई हो। दोपहर में हड़ताल स्थगित होने के बाद सड़कों पर जब ऑटो, ई-रिक्शा और रिक्शा चलते दिखाई दिए तो राहत मिली।
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जाम लगाने वालों पर कार्रवाई हो
अमरोहा। जिला सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य अनिल कुमार जग्गा ने एसपी को पत्र लिखकर स्टेट हाईवे पर जाम लाकर राहगीरों को परेशान करने वाले ऑटो, ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने तर्क दिया है कि ई-रिक्शा चालकों का पंजीकरण भी जरूरी है, लेकिन यहां अवैध तरीके से इनका संचालन किया जा रहा है और रोड जाम करना वैसे भी कानूनन अपराध है। लिहाजा जाम लगाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
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हड़ताल ने फुला दी राहगीरों की सांसें
अमरोहा। रेलवे स्टेशन पर ट्रेन, रोडवेज और प्राइवेट बस अड्डों पर बस से उतरने के बाद राहगीर सवारी का इंतजार करते रहे। न ऑटो रिक्शा दिखाई दिए और न ही ई-रिक्शा। यहां तक की रिक्शा चालक भी संबंधित स्थानों से गायब थे। तेज धूप और भीषण गर्मी में किसी के पास भारी सामान था, कोई पूरे परिवार के साथ था। महिलाएं छोटे-छोटे बच्चों के साथ धूप में खड़े होकर सवारी का इंतजार करती रहीं।
जब उन्हें पता चला कि ऑटो, ई-रिक्शा और रिक्शा चालक हड़ताल पर हैं, तो उन्होंने पैदल ही सफर तय किया। किसी को धनौरा रोड, कांठ रोड, कैलसा रोड, अतरासी रोड से स्टेशन जाता था, तो किसी को शहर में आना था। यहां से कई किलोमीटर का पैदल रास्ता तय करने में राहगीर पसीने-पसीने हो गए। रास्ते में कई जगह रूककर हैंडपंप का पानी पीकर गला तर किया और फिर आगे बढ़ गए। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और विद्यार्थियों को हुई।