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Amroha News: फर्जी आधार बनाने में सीएससी के जिला प्रबंधक फंसे
Sun, 26 Jan 2025 02:12 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Sun, 26 Jan 2025 02:12 AM IST
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अमरोहा।
फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनाने के मामले में जनसेवा केंद्र संचालक, सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) जिला प्रबंधक और आईपीसीएल जिला प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। नायब तहसीलदार की तहरीर पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। फर्जी आधार कार्ड बनाने का खेल सामने आने के बाद अधिकारियों ने जनसेवा केंद्र का पंजीयन भी निरस्त कर दिया था।
बीते सोमवार को नौगांवा सादात एसडीएम सुनीता सिंह ने तहसील के सामने स्थित मेहर अली जनसेवा केंद्र पर फर्जी आधार कार्ड बनाए जाने की शिकायत पर छापा मारा था। एसडीएम ने फर्जी आधार समेत जरूरी अभिलेख कब्जे में ले लिए थे। जांच में बड़ी संख्या में फर्जी आधार बनाए जाने का खुलासा हुआ था। सामने आया था कि जनसेवा केंद्र संचालक आधार में हेराफेरी करता था, जबकि असली आधार कार्ड में कोई भी बदलाव नहीं होता था। फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद जनसेवा केंद्र का पंजीयन निरस्त कर दिया गया था, जिसके बाद केंद्र का संचालक मेहर अली भाग गया था। मामले में डीएम निधि गुप्ता वत्स ने कार्रवाई करने के लिए नौगांवा सादात एसडीएम को निर्देश दिए थे।
जांच में सामने आया कि नौशाद नबी जिले में सीएससी जिला प्रबंधक के पद पर कार्यरत है और सीएससी के अंतर्गत भी आधार कार्ड अपडेशन का कार्य आता है, जिसके एवज में फीस भी सीएससी के पोर्टल से ही काटी जाती है। सीएससी पर चल रहे आधार अपडेशन के कार्य की जांच करने का दायित्व नौशाद नबी का भी है। इसलिए अधिकारियों ने जिला प्रबंधक नौशाद नबी से मामले में एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा। इसके बावजूद नौशाद नबी ने संचालक मेहर अली के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं कराया।
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लिहाजा अधिकारियों ने फर्जी तरीके आधार कार्ड बनाने के मामले में सीएससी के जिला प्रबंधक नौशाद नबी और आईपीसीएल जिला प्रबंधक की संलिप्त पाई। शनिवार की शाम नौगांवा सादात के नायब तहसीलदार ने थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। सीओ पंकज त्यागी ने बताया कि मामले में जन सेवा केंद्र संचालक मेहर अली, सीएससी जिला प्रबंधक नौशाद नबी और आईपीसीएल जिला प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
एसडीएम ने राजस्व टीम के साथ मारा था छापा
नायब तहसीलदार द्वारा दर्ज गई कराई गई एफआईआर के मुताबिक एसडीएम ने राजस्व टीम के साथ मेहर अली जनसेवा केंद्र पर छापा मारा था। टीम ने जनसेवा केंद्र से प्राप्त अभिलेख पर दर्ज मोबाइल नंबरों पर संपर्क करके मौखिक बयान भी लिए। जांच के अनुसार पांच एनरोलमेंट आवेदकों ने बताया कि उनके द्वारा नए आधार कार्ड मेहर अली जनसेवा केंद्र के माध्यम से बनवाए गए हैं। जबकि 37 आवेदकों ने जन सेवा केंद्र से आधार कार्ड संशोधन करने की बात स्वीकार की। इसके अलावा 28 आवेदकों ने निवास प्रमाणपत्र, जन्म प्रमाण पत्र, फार्मर रजिस्ट्री के कार्य कराने की बात स्वीकार की। इस दौरान तीन लोगों से संपर्क नहीं हो सका।
आरोप : सीएससी जिला प्रबंधक ने नहीं किया सहयोग
एफआईआर के मुताबिक जांच कमेटी ने जनसेवा केंद्र की जांच के संबंध में तकनीक जांच करने के लिए सबसे पहले सीएससी जिला प्रबंधक नौशाद नबी से संपर्क किया। लेकिन, उनके द्वारा कोई सहयोग नहीं किया गया। इसके बाद जांच उपरांत जन सेवा केंद्र से मिले उपकरण व संबंधित अभिलेखों को मौके पर सील किया गया था।
एफआईआर दर्ज कराने के बजाय एक घंटे में वापस कर दिए थे अभिलेख व उपकरण
डीएम के सख्त निर्देशों के बाद तहसीलदार नौगांवा सादात ने सीएससी जिला प्रबंधक नौशाद नबी और आईपीसीएल जिला प्रबंधक रवि कुमार को 24 जनवरी को तहसील कार्यालय में बुलाया था। सीएससी जिला प्रबंधक नौशाद नबी ने तहसील में उपस्थित होकर बताया था की घटना की जानकारी उनको पूर्व से हो गई थी। इसके बाद राजस्व टीम ने कब्जे में लिए गए उपकरण लैपटॉप, आधार कार्ड, इनरोलमेंट, प्रपत्र सीएससी जिला प्रबंधक नौशाद नबी और आईपीसीएल जिला प्रबंधक रवि कुमार के सुपुर्द कर दिए थे। साथ ही अभिलेख की स्वयं जांच करके प्रकरण में एफआईआर दर्ज कराने के लिए कहा था। लेकिन, उनके द्वारा अभिलेख और उपकरण लेने के घंटे बाद वापस कर दिए। दोनों ने स्पष्ट कह दिया कि जिस कंपनी में वह काम करते हैं। उनके द्वारा एफआईआर दर्ज करने के लिए मना किया जा रहा है।
हम कंपनी के कर्मचारी है और सरकार के लिए काम करते हैं। हमने पूरा मामला अपनी कंपनी को बता रखा है। अधिकारियों ने हमसे एफआईआर दर्ज कराने के लिए कहा था, यह बात भी हमने कंपनी को बता रखी है। कंपनी से जो भी आदेश मिलेंगे, हम उन्हें अधिकारियों को उपलब्ध करा देंगे। अगर कंपनी हमें जन सेवा केंद्र संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के अधिकार देती है तो वह भी करेंगे। -नौशाद नबी, सीएससी जिला प्रबंधक
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फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनाने के मामले में जनसेवा केंद्र संचालक, सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) जिला प्रबंधक और आईपीसीएल जिला प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। नायब तहसीलदार की तहरीर पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। फर्जी आधार कार्ड बनाने का खेल सामने आने के बाद अधिकारियों ने जनसेवा केंद्र का पंजीयन भी निरस्त कर दिया था।
बीते सोमवार को नौगांवा सादात एसडीएम सुनीता सिंह ने तहसील के सामने स्थित मेहर अली जनसेवा केंद्र पर फर्जी आधार कार्ड बनाए जाने की शिकायत पर छापा मारा था। एसडीएम ने फर्जी आधार समेत जरूरी अभिलेख कब्जे में ले लिए थे। जांच में बड़ी संख्या में फर्जी आधार बनाए जाने का खुलासा हुआ था। सामने आया था कि जनसेवा केंद्र संचालक आधार में हेराफेरी करता था, जबकि असली आधार कार्ड में कोई भी बदलाव नहीं होता था। फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद जनसेवा केंद्र का पंजीयन निरस्त कर दिया गया था, जिसके बाद केंद्र का संचालक मेहर अली भाग गया था। मामले में डीएम निधि गुप्ता वत्स ने कार्रवाई करने के लिए नौगांवा सादात एसडीएम को निर्देश दिए थे।
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जांच में सामने आया कि नौशाद नबी जिले में सीएससी जिला प्रबंधक के पद पर कार्यरत है और सीएससी के अंतर्गत भी आधार कार्ड अपडेशन का कार्य आता है, जिसके एवज में फीस भी सीएससी के पोर्टल से ही काटी जाती है। सीएससी पर चल रहे आधार अपडेशन के कार्य की जांच करने का दायित्व नौशाद नबी का भी है। इसलिए अधिकारियों ने जिला प्रबंधक नौशाद नबी से मामले में एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा। इसके बावजूद नौशाद नबी ने संचालक मेहर अली के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं कराया।
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लिहाजा अधिकारियों ने फर्जी तरीके आधार कार्ड बनाने के मामले में सीएससी के जिला प्रबंधक नौशाद नबी और आईपीसीएल जिला प्रबंधक की संलिप्त पाई। शनिवार की शाम नौगांवा सादात के नायब तहसीलदार ने थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। सीओ पंकज त्यागी ने बताया कि मामले में जन सेवा केंद्र संचालक मेहर अली, सीएससी जिला प्रबंधक नौशाद नबी और आईपीसीएल जिला प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
एसडीएम ने राजस्व टीम के साथ मारा था छापा
नायब तहसीलदार द्वारा दर्ज गई कराई गई एफआईआर के मुताबिक एसडीएम ने राजस्व टीम के साथ मेहर अली जनसेवा केंद्र पर छापा मारा था। टीम ने जनसेवा केंद्र से प्राप्त अभिलेख पर दर्ज मोबाइल नंबरों पर संपर्क करके मौखिक बयान भी लिए। जांच के अनुसार पांच एनरोलमेंट आवेदकों ने बताया कि उनके द्वारा नए आधार कार्ड मेहर अली जनसेवा केंद्र के माध्यम से बनवाए गए हैं। जबकि 37 आवेदकों ने जन सेवा केंद्र से आधार कार्ड संशोधन करने की बात स्वीकार की। इसके अलावा 28 आवेदकों ने निवास प्रमाणपत्र, जन्म प्रमाण पत्र, फार्मर रजिस्ट्री के कार्य कराने की बात स्वीकार की। इस दौरान तीन लोगों से संपर्क नहीं हो सका।
आरोप : सीएससी जिला प्रबंधक ने नहीं किया सहयोग
एफआईआर के मुताबिक जांच कमेटी ने जनसेवा केंद्र की जांच के संबंध में तकनीक जांच करने के लिए सबसे पहले सीएससी जिला प्रबंधक नौशाद नबी से संपर्क किया। लेकिन, उनके द्वारा कोई सहयोग नहीं किया गया। इसके बाद जांच उपरांत जन सेवा केंद्र से मिले उपकरण व संबंधित अभिलेखों को मौके पर सील किया गया था।
एफआईआर दर्ज कराने के बजाय एक घंटे में वापस कर दिए थे अभिलेख व उपकरण
डीएम के सख्त निर्देशों के बाद तहसीलदार नौगांवा सादात ने सीएससी जिला प्रबंधक नौशाद नबी और आईपीसीएल जिला प्रबंधक रवि कुमार को 24 जनवरी को तहसील कार्यालय में बुलाया था। सीएससी जिला प्रबंधक नौशाद नबी ने तहसील में उपस्थित होकर बताया था की घटना की जानकारी उनको पूर्व से हो गई थी। इसके बाद राजस्व टीम ने कब्जे में लिए गए उपकरण लैपटॉप, आधार कार्ड, इनरोलमेंट, प्रपत्र सीएससी जिला प्रबंधक नौशाद नबी और आईपीसीएल जिला प्रबंधक रवि कुमार के सुपुर्द कर दिए थे। साथ ही अभिलेख की स्वयं जांच करके प्रकरण में एफआईआर दर्ज कराने के लिए कहा था। लेकिन, उनके द्वारा अभिलेख और उपकरण लेने के घंटे बाद वापस कर दिए। दोनों ने स्पष्ट कह दिया कि जिस कंपनी में वह काम करते हैं। उनके द्वारा एफआईआर दर्ज करने के लिए मना किया जा रहा है।
हम कंपनी के कर्मचारी है और सरकार के लिए काम करते हैं। हमने पूरा मामला अपनी कंपनी को बता रखा है। अधिकारियों ने हमसे एफआईआर दर्ज कराने के लिए कहा था, यह बात भी हमने कंपनी को बता रखी है। कंपनी से जो भी आदेश मिलेंगे, हम उन्हें अधिकारियों को उपलब्ध करा देंगे। अगर कंपनी हमें जन सेवा केंद्र संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के अधिकार देती है तो वह भी करेंगे। -नौशाद नबी, सीएससी जिला प्रबंधक