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लकड़ी कारोबारी की हत्या में दो दोषियों को उम्रकैद
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Sat, 17 Sep 2016 02:20 AM IST
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चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
- फोटो : file photo
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लकड़ी कारोबारी की हत्या के मामले में अदालत ने दो दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। 40-40 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। पुलिस ने दोनों को पकड़कर जेल भेज दिया है।
मामला मंडी धनौरा थाना क्षेत्र का है। यहां के गांव चुचैला कलां निवासी अहसान पुत्र कलुआ का बड़ा बेटा आसिफ कमेलपुर में पेटी डीलर की दुकान व लकड़ी का कारोबार करता था। छोटा बेटा आदिल भी उसके कार्य में हाथ बंटाता था। 31 मई 2009 की सुबह आसिफ दुकान पर गया था।
दोपहर डेढ़ बजे गजरौला थाने के गांव शहवाजपुर डोर निवासी नासिर पुत्र अली हसन व शेर सिंह पुत्र सरजीत उसको वाजिदपुर गांव में लकड़ी देखने के बहाने बुलाकर ले गए। उसके पास 30 हजार रुपये भी थे। दोनों ने उसकी हत्या कर लाश गिरधारी के गन्ने खेत में छिपा दी थी।
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मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने 2 जून 2009 में दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या व अन्य संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर लिया था। तब से यह मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम अखिलेश दुबे की अदालत में चल रहा था।
शुक्रवार न्यायाधीश ने केस की सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता निशात अकरम फारूकी ने तमाम दलीलें व साक्ष्य प्रस्तुत कर आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त सजा की मांग की। इस पर न्यायाधीश ने पत्रावलियों पर उपलब्ध साक्ष्यों व गवाहों के बयानों का अवलोकन किया। दोनों को घटना का दोषी मानते हुए उम्रकैद व 40-40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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मामला मंडी धनौरा थाना क्षेत्र का है। यहां के गांव चुचैला कलां निवासी अहसान पुत्र कलुआ का बड़ा बेटा आसिफ कमेलपुर में पेटी डीलर की दुकान व लकड़ी का कारोबार करता था। छोटा बेटा आदिल भी उसके कार्य में हाथ बंटाता था। 31 मई 2009 की सुबह आसिफ दुकान पर गया था।
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दोपहर डेढ़ बजे गजरौला थाने के गांव शहवाजपुर डोर निवासी नासिर पुत्र अली हसन व शेर सिंह पुत्र सरजीत उसको वाजिदपुर गांव में लकड़ी देखने के बहाने बुलाकर ले गए। उसके पास 30 हजार रुपये भी थे। दोनों ने उसकी हत्या कर लाश गिरधारी के गन्ने खेत में छिपा दी थी।
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मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने 2 जून 2009 में दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या व अन्य संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर लिया था। तब से यह मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम अखिलेश दुबे की अदालत में चल रहा था।
शुक्रवार न्यायाधीश ने केस की सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता निशात अकरम फारूकी ने तमाम दलीलें व साक्ष्य प्रस्तुत कर आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त सजा की मांग की। इस पर न्यायाधीश ने पत्रावलियों पर उपलब्ध साक्ष्यों व गवाहों के बयानों का अवलोकन किया। दोनों को घटना का दोषी मानते हुए उम्रकैद व 40-40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।