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Amroha News: दस माह से अटका अमरोहा-बुलंदशहर को जोड़ने वाले गंगा पुल का निर्माण
Mon, 20 Jan 2025 02:01 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Mon, 20 Jan 2025 02:01 AM IST
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हसनपुर के विरामपुर से बुलंदशहर को जोड़ने वाला निर्माणाधीन गंगा पुल। संवाद
हसनपुर (अमरोहा)।
इसे शासन की अनदेखी कहें या फिर विभागीय हीलाहवाली। दरअसल, मार्च 2024 में जिस निर्माणाधीन गंगा पुल के दो पिलर गिर गए थे, उस पर आज तक दोबारा से कार्य शुरू नहीं हो सका है। जबकि, यह पुल अमरोहा और बुलंदशहर जिले को जोड़ रहा है। आसपास के 20 गांव के ग्रामीणों को उम्मीद थी कि जल्द पुल बनकर तैयार हो जाएगा तो उनकी राह सुगम होगी, लेकिन अभी भी उन्हें लंबी दूरी तय करने पड़ रही है। हालांकि, सेतु निगम के अधिकारी मार्च तक पुल का कार्य पूरा होने का दावा कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम लिमिटेड द्वारा गंगा नदी पर बुलंदशहर के मडैया माली ऊंचागांव से अमरोहा की तहसील हसनपुर के गांव विरामपुर के बीच 1062.65 मीटर की लंबाई का पुल बनाया जाना है। इंजीनियरिंग प्रोक्योरमेंट मेंथड एंड कंस्ट्रक्शन कंपनी को पुल निर्माण का जिम्मा मिला है। दिसंबर 2021 में पुल के निर्माण कार्य की शुरुआत हुई थी। पुल का निर्माण कार्य 8318.90 लाख रुपए में पूरा किया जाना है। इसमें 33 पिलर का निर्माण होना है। करीब 28 पिलर बनकर तैयार हो गए। तैयार पिलरों पर बीम डालकर सड़क बनाने की तैयारी थी।
इसी बीच विरामपुर के पास 30 मार्च 2024 को दो पिलर टूटकर नीचे गिर गए थे, जबकि एक बीम क्षतिग्रस्त हो गया था। पिलर गिरने के कारणों की जांच भी कराई गई। लेकिन, आज तक जांच के बाद पुल निर्माण का कार्य दोबारा से शुरू नहीं हो सका है, जबकि पुल निर्माण कार्य पूरा होने एवं सड़क चालू होने के बाद इसका फायदा अमरोहा जिले के 50 से अधिक गांवों को सीधे तौर पर हो सकेगा। दो जनपदों की सीमा के बीच पुल से आवागमन होने के कारण व्यापारिक दृष्टिकोण से भी यह महत्वपूर्ण रहेगा।
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इन गांवों होगा फायदा
विरामपुर में पुल तैयार होने पर गांव विरामपुर, लिसड़ा, बरतौरा, तरौली, नयागांव, नबावपुरा, छपना, मटीपुरा, चंदनपुर, लालापुर, हिरनोटा, फरौटा, बुरावली, बांसका कला, बांसका खुर्द, मदारीपुर, सुतावली, जल्लोपुर मुस्तकम समेत बीस से अधिक गांवों को इसका फायदा होगा।
पुल का ऐतिहासिक महत्व
हसनपुर। अमरोहा के गांव विरामपुर और बुलंदशहर के ऊंचागांव के बीच गंगा पुल बनने से इसका ऐतिहासिक महत्व बढ़ जाएगा। ऊंचागांव के पास गंगा किनारे स्थित महाभारत कालीन स्थल मांंडल ऋषि आश्रम, गोरखनाथ सिद्धेश्वर मंदिर, अंबिकेश्वर महादेव मंदिर और ऊंचागांव में हर साल आने वाले देशी विदेश पर्यटकों और श्रद्धालुओं को इसका लाभ मिलेगा। इसके अलावा पुल निर्माण से अनाज, आम, गन्ना उत्पादकों व किसानों को आवागमन में सुगमता मिलेगी। संवाद
- बुलंदशहर से अमरोहा के विरामपुर को जोड़ने वाले गंगा पुल पर बुलंदशहर की दिशा में निर्माण कार्य पूरा हो गया है। अमरोहा की दिशा में काम मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा। अभी कार्य धीमी गति से चल रहा है। वहीं, मार्ग पर मिट्टी डालने का कार्य भी शुरू करा दिया गया है। - शशि भूषण परियोजना निदेशक, सेतु निगम
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इसे शासन की अनदेखी कहें या फिर विभागीय हीलाहवाली। दरअसल, मार्च 2024 में जिस निर्माणाधीन गंगा पुल के दो पिलर गिर गए थे, उस पर आज तक दोबारा से कार्य शुरू नहीं हो सका है। जबकि, यह पुल अमरोहा और बुलंदशहर जिले को जोड़ रहा है। आसपास के 20 गांव के ग्रामीणों को उम्मीद थी कि जल्द पुल बनकर तैयार हो जाएगा तो उनकी राह सुगम होगी, लेकिन अभी भी उन्हें लंबी दूरी तय करने पड़ रही है। हालांकि, सेतु निगम के अधिकारी मार्च तक पुल का कार्य पूरा होने का दावा कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम लिमिटेड द्वारा गंगा नदी पर बुलंदशहर के मडैया माली ऊंचागांव से अमरोहा की तहसील हसनपुर के गांव विरामपुर के बीच 1062.65 मीटर की लंबाई का पुल बनाया जाना है। इंजीनियरिंग प्रोक्योरमेंट मेंथड एंड कंस्ट्रक्शन कंपनी को पुल निर्माण का जिम्मा मिला है। दिसंबर 2021 में पुल के निर्माण कार्य की शुरुआत हुई थी। पुल का निर्माण कार्य 8318.90 लाख रुपए में पूरा किया जाना है। इसमें 33 पिलर का निर्माण होना है। करीब 28 पिलर बनकर तैयार हो गए। तैयार पिलरों पर बीम डालकर सड़क बनाने की तैयारी थी।
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इसी बीच विरामपुर के पास 30 मार्च 2024 को दो पिलर टूटकर नीचे गिर गए थे, जबकि एक बीम क्षतिग्रस्त हो गया था। पिलर गिरने के कारणों की जांच भी कराई गई। लेकिन, आज तक जांच के बाद पुल निर्माण का कार्य दोबारा से शुरू नहीं हो सका है, जबकि पुल निर्माण कार्य पूरा होने एवं सड़क चालू होने के बाद इसका फायदा अमरोहा जिले के 50 से अधिक गांवों को सीधे तौर पर हो सकेगा। दो जनपदों की सीमा के बीच पुल से आवागमन होने के कारण व्यापारिक दृष्टिकोण से भी यह महत्वपूर्ण रहेगा।
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इन गांवों होगा फायदा
विरामपुर में पुल तैयार होने पर गांव विरामपुर, लिसड़ा, बरतौरा, तरौली, नयागांव, नबावपुरा, छपना, मटीपुरा, चंदनपुर, लालापुर, हिरनोटा, फरौटा, बुरावली, बांसका कला, बांसका खुर्द, मदारीपुर, सुतावली, जल्लोपुर मुस्तकम समेत बीस से अधिक गांवों को इसका फायदा होगा।
पुल का ऐतिहासिक महत्व
हसनपुर। अमरोहा के गांव विरामपुर और बुलंदशहर के ऊंचागांव के बीच गंगा पुल बनने से इसका ऐतिहासिक महत्व बढ़ जाएगा। ऊंचागांव के पास गंगा किनारे स्थित महाभारत कालीन स्थल मांंडल ऋषि आश्रम, गोरखनाथ सिद्धेश्वर मंदिर, अंबिकेश्वर महादेव मंदिर और ऊंचागांव में हर साल आने वाले देशी विदेश पर्यटकों और श्रद्धालुओं को इसका लाभ मिलेगा। इसके अलावा पुल निर्माण से अनाज, आम, गन्ना उत्पादकों व किसानों को आवागमन में सुगमता मिलेगी। संवाद
- बुलंदशहर से अमरोहा के विरामपुर को जोड़ने वाले गंगा पुल पर बुलंदशहर की दिशा में निर्माण कार्य पूरा हो गया है। अमरोहा की दिशा में काम मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा। अभी कार्य धीमी गति से चल रहा है। वहीं, मार्ग पर मिट्टी डालने का कार्य भी शुरू करा दिया गया है। - शशि भूषण परियोजना निदेशक, सेतु निगम