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दफन करने से रोका तो कलेक्ट्रेट गेट पर रख दिया शव
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Sun, 15 Jan 2017 11:50 PM IST
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औचक निरीक्षण का हवाला देकर फर्जी सीआईडी इंस्पेक्टर दुकानदारों से दो हजार रुपये तक ऐंठ रहा था।
- फोटो : Demo Pic
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नौगावां सादात क्षेत्र के बांसखेड़ी गांव के कब्रिस्तान में दबंगों ने दफन के लिए फिर नसीब नहीं होने दी गज जमीन। दबंगों यह कह कर दफन करने से रोक दिया कि तुम्हारा कब्रिस्तान अलग है, उसमें ही दफन करो। परिजनों और ग्रामीणों ने शव लाकर कलेक्ट्रेट गेट पर रख दिया।
जानकारी मिलते ही हरकत में आए पुलिस-प्रशासनिक अफसर कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां शव रख कर बैठे लोगों को समझाया। जिसको लेकर विवाद है, उसी में दफन कराने का भरोसा दिलाते हुए मौके पर भारी पुलिस भेजी। पुलिस की मौजूदगी में दफन किया गया।
नौगावां सादात थाना क्षेत्र के बांसखेड़ी गांव निवासी अलाउद्दीन शाह (50) पुत्र बदलू शाह गांव में ही चाय की दुकान करते थे। काफी समय से बीमार चल रहे थे। रविवार की तड़के उनका इंतकाल हो गया। परिजन, रिश्तेदार और बिरादरी के लोग शव गांव के ही कब्रिस्तान में दफनाने पहुंचे। इसी बीच आए शेख बिरादरी के लोगों ने यह कहते हुए दफन करने से रोक दिया कि जब तुम्हारा कब्रिस्तान अलग है, उसमें ही दफन करो। यहां दफन नहीं करने देंगे।
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काफी समझाने के बाद भी नहीं माने। जिस पर डीसीएम में रखकर शव कलेक्ट्रेट ले आए। शव गेट पर रख दिया। यहां ग्रामीणों ने आक्रोश जताया। कहा कि कब्रिस्तान सरकारी है तो उनको दफन करने से क्यों रोका जा रहा है। यह तीसरा वाकया है। अब वह दबंगई बर्दाश्त नहीं करेेंगे। दफन नहीं होने देनेे के कारण शव कलेक्ट्रेट गेट पर रखने की खबर से पुलिस-प्रशासनिक अफसरों में हड़कंप मच गया। आनन फानन में एसडीएम सदर प्रवीणा, सीओ सदर शील कुमार कलेक्ट्रेट गेट पहुंचे।
शव रखे बैठे ग्रामीणों को समझाया। सूचना पाकर नौगावां सादात थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह, देहात थानाध्यक्ष मोहित चौधरी भारी पुलिस के साथ आ गए। एसडीएम व सीओ ने ग्रामीणों को उसी कब्रिस्तान में शव दफन कराने का भरोसा दिलाते हुए समझाया। अफसरों के समझाने पर ग्रामीण शव उठाने को राजी हुए। सीओ सिटी ने शहर कोतवाली और देहात थाना पुलिस को बांसखेड़ी भेजा। पुलिस की मौजूदगी में अलाउद्दीन शाह का दफन किया गया।
गांव स्थित जिस कब्रिस्तान में बुजुर्ग के शव को दफीने से रोका गया था, वह सार्वजनिक कब्रिस्तान है। किसी को दफन करने से नहीं रोका जा सकता है। विरोध करने वाले पक्ष को चेतावनी दी गई है। साथ ही बुजुर्ग के शव का दफीना करवा दिया गया है। शील कुमार, सीओ
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जानकारी मिलते ही हरकत में आए पुलिस-प्रशासनिक अफसर कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां शव रख कर बैठे लोगों को समझाया। जिसको लेकर विवाद है, उसी में दफन कराने का भरोसा दिलाते हुए मौके पर भारी पुलिस भेजी। पुलिस की मौजूदगी में दफन किया गया।
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नौगावां सादात थाना क्षेत्र के बांसखेड़ी गांव निवासी अलाउद्दीन शाह (50) पुत्र बदलू शाह गांव में ही चाय की दुकान करते थे। काफी समय से बीमार चल रहे थे। रविवार की तड़के उनका इंतकाल हो गया। परिजन, रिश्तेदार और बिरादरी के लोग शव गांव के ही कब्रिस्तान में दफनाने पहुंचे। इसी बीच आए शेख बिरादरी के लोगों ने यह कहते हुए दफन करने से रोक दिया कि जब तुम्हारा कब्रिस्तान अलग है, उसमें ही दफन करो। यहां दफन नहीं करने देंगे।
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काफी समझाने के बाद भी नहीं माने। जिस पर डीसीएम में रखकर शव कलेक्ट्रेट ले आए। शव गेट पर रख दिया। यहां ग्रामीणों ने आक्रोश जताया। कहा कि कब्रिस्तान सरकारी है तो उनको दफन करने से क्यों रोका जा रहा है। यह तीसरा वाकया है। अब वह दबंगई बर्दाश्त नहीं करेेंगे। दफन नहीं होने देनेे के कारण शव कलेक्ट्रेट गेट पर रखने की खबर से पुलिस-प्रशासनिक अफसरों में हड़कंप मच गया। आनन फानन में एसडीएम सदर प्रवीणा, सीओ सदर शील कुमार कलेक्ट्रेट गेट पहुंचे।
शव रखे बैठे ग्रामीणों को समझाया। सूचना पाकर नौगावां सादात थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह, देहात थानाध्यक्ष मोहित चौधरी भारी पुलिस के साथ आ गए। एसडीएम व सीओ ने ग्रामीणों को उसी कब्रिस्तान में शव दफन कराने का भरोसा दिलाते हुए समझाया। अफसरों के समझाने पर ग्रामीण शव उठाने को राजी हुए। सीओ सिटी ने शहर कोतवाली और देहात थाना पुलिस को बांसखेड़ी भेजा। पुलिस की मौजूदगी में अलाउद्दीन शाह का दफन किया गया।
गांव स्थित जिस कब्रिस्तान में बुजुर्ग के शव को दफीने से रोका गया था, वह सार्वजनिक कब्रिस्तान है। किसी को दफन करने से नहीं रोका जा सकता है। विरोध करने वाले पक्ष को चेतावनी दी गई है। साथ ही बुजुर्ग के शव का दफीना करवा दिया गया है। शील कुमार, सीओ