{"_id":"616337948ebc3e624f62dcfe","slug":"cane-price-not-less-than-rs-450-approved-vm-jpnagar-news-mbd405729720","type":"story","status":"publish","title_hn":"गन्ना मूल्य 450 रुपये कम नहीं मंजूर : वीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गन्ना मूल्य 450 रुपये कम नहीं मंजूर : वीएम
विज्ञापन
अमरोहा में गन्ना ब्याज हुंकार रैली में बोलते भारतीय किसान मजदूर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार ?
- फोटो : HASANPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमरोहा। भारतीय किसान मजदूर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह ने भाजपा सरकार की मंशा पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि किसानों को गन्ने का मूल्य 450 रुपये कम कतई मंजूर नहीं है। साथ ही बोले कि ब्याज के मामले में सरकार दोहरी नीति अपना रही है। किसान पर बकाया हो तो सरकार पेनल्टी वसूल करती है और खुद बकाया गन्ना मूल्य का ब्याज देने में आनाकानी कर रही है। बताया कि मामले में हाईकोर्ट ने 27 अक्तूबर तक मोहलत दी है। गन्ना आयुक्त को अवमानना को नोटिस जारी किया गया है।
वह रविवार की दोपहर में जोया के सरकड़ा कमाल गांव में आयोजित ब्याज गन्ना हुंकार रैली को संबोधित कर रहे थे। राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह ने कहा कि रैली से सरकार को संदेश देना मकसद है। उन्होंने कहा कि किसान जब गन्ना बोता है तो उसका भुगतान नहीं करने पर ब्याज और पेनॉल्टी देता है लेकिन गन्ने के भुगतान में देरी पर ब्याज देने में आनाकानी की जा रही है जबकि सरकार ने यह व्यवस्था की है कि देरी पर ब्याज देना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि गन्ने की कीमत 450 रुपये प्रति क्विंटल से कम नहीं चाहिए। उन्होंने किसानों का आह्वान किया है वह ताकत को पहचानें। उन्होंने कहा कि 27 अक्तूबर तक ब्याज का भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
लखीमपुर खीरी में 1,000 करोड़ रुपये बकाया
अमरोहा। राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह ने कहा कि लखीमपुर खीरी में किसानों का 1,000 करोड़ रुपये बकाया है। वहां पर 11 चीनी मिलें हैं लेकिन सरकार भुगतान में रुचि नहीं दिखा रही है। उन्होंने बताया कि संगठन ने 16 दिन तक वहां पर जिलाध्यक्ष श्री कृष्ण की अगुवाई में धरना दिया था।
विज्ञापन
सुरेश राणा साधा निशाना
अमरोहा। सरदार वीएम सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा कि कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा को अपने अधिकार के बारे में जानकारी नहीं है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के इस्तीफे को उनके द्वारा औचित्यहीन करार देने के जवाब में कहा कि वह पहले अपने अधिकार के बारे में जानें। केंद्रीय मंत्री का इस्तीफा पीएम नरेंद्र मोदी ले सकते हैं। वह क्यों बोल रहे हैं। क्या वह इस्तीफा ले सकते हैं। सरदार वीएम सिंह ने बताया कि सुरेश राणा विधायक बनने से पहले अपने गन्ने के भुगतान के लिए धरने पर बैठे थे। संगठन के आंदोलन के बाद उन्हें गन्ने का भुगतान हुआ है। गृह मंत्री के बारे में वह क्यों बात कर रहे हैं यह हास्यास्पद है।
न्याय के लिए गैर भाजपा सरकार वाले राज्यों में ट्रांसफर करें केस
अमरोहा। सरदार वीएम सिंह ने लखीमपुर खीरी में किसानों के नरसंहार के मामले में कहा कि भाजपा सरकार में न्याय की उम्मीद नहीं है। सुप्रीम कोर्ट अपने स्तर से केस का स्थानांतरण कराए। ऐसे राज्य में मामले की सुनवाई हो जहां पर भाजपा की सरकार नहीं हो। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार कर लेना और जमानत मिल जाना प्रक्रिया है लेकिन क्या न्याय मिलने की उम्मीद है। उन्होंने शहीद किसानों की याद में मौन धारण कराया।
नेताओं पर कसा तंज, बोले- चार साल बाद निकलते हैं, हारने के बाद घर में
अमरोहा। सरदार वीएम सिंह ने कहा कि लखीमपुर खीरी आज चर्चाओं के बीच में है। हर पार्टी का नेता वहां जाने को लालायित हैं। चलिए रास्ता तो देख लिए हैं। इन लोगों का मकसद केवल चुनाव जीतना है चार साल तक घर बैठेंगे इसके बाद क्षेत्र में निकलेंगे। हार गए तो फिर चार साल नहीं दिखेंगे। उन्होंने कहा कि हम लोग 27 साल से किसानों के हर दुख दर्द में सामने रहते हैं। उनके हक को दिलवाने का काम करते हैं।
विज्ञापन
वह रविवार की दोपहर में जोया के सरकड़ा कमाल गांव में आयोजित ब्याज गन्ना हुंकार रैली को संबोधित कर रहे थे। राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह ने कहा कि रैली से सरकार को संदेश देना मकसद है। उन्होंने कहा कि किसान जब गन्ना बोता है तो उसका भुगतान नहीं करने पर ब्याज और पेनॉल्टी देता है लेकिन गन्ने के भुगतान में देरी पर ब्याज देने में आनाकानी की जा रही है जबकि सरकार ने यह व्यवस्था की है कि देरी पर ब्याज देना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि गन्ने की कीमत 450 रुपये प्रति क्विंटल से कम नहीं चाहिए। उन्होंने किसानों का आह्वान किया है वह ताकत को पहचानें। उन्होंने कहा कि 27 अक्तूबर तक ब्याज का भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी में 1,000 करोड़ रुपये बकाया
अमरोहा। राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह ने कहा कि लखीमपुर खीरी में किसानों का 1,000 करोड़ रुपये बकाया है। वहां पर 11 चीनी मिलें हैं लेकिन सरकार भुगतान में रुचि नहीं दिखा रही है। उन्होंने बताया कि संगठन ने 16 दिन तक वहां पर जिलाध्यक्ष श्री कृष्ण की अगुवाई में धरना दिया था।
विज्ञापन
सुरेश राणा साधा निशाना
अमरोहा। सरदार वीएम सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा कि कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा को अपने अधिकार के बारे में जानकारी नहीं है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के इस्तीफे को उनके द्वारा औचित्यहीन करार देने के जवाब में कहा कि वह पहले अपने अधिकार के बारे में जानें। केंद्रीय मंत्री का इस्तीफा पीएम नरेंद्र मोदी ले सकते हैं। वह क्यों बोल रहे हैं। क्या वह इस्तीफा ले सकते हैं। सरदार वीएम सिंह ने बताया कि सुरेश राणा विधायक बनने से पहले अपने गन्ने के भुगतान के लिए धरने पर बैठे थे। संगठन के आंदोलन के बाद उन्हें गन्ने का भुगतान हुआ है। गृह मंत्री के बारे में वह क्यों बात कर रहे हैं यह हास्यास्पद है।
न्याय के लिए गैर भाजपा सरकार वाले राज्यों में ट्रांसफर करें केस
अमरोहा। सरदार वीएम सिंह ने लखीमपुर खीरी में किसानों के नरसंहार के मामले में कहा कि भाजपा सरकार में न्याय की उम्मीद नहीं है। सुप्रीम कोर्ट अपने स्तर से केस का स्थानांतरण कराए। ऐसे राज्य में मामले की सुनवाई हो जहां पर भाजपा की सरकार नहीं हो। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार कर लेना और जमानत मिल जाना प्रक्रिया है लेकिन क्या न्याय मिलने की उम्मीद है। उन्होंने शहीद किसानों की याद में मौन धारण कराया।
नेताओं पर कसा तंज, बोले- चार साल बाद निकलते हैं, हारने के बाद घर में
अमरोहा। सरदार वीएम सिंह ने कहा कि लखीमपुर खीरी आज चर्चाओं के बीच में है। हर पार्टी का नेता वहां जाने को लालायित हैं। चलिए रास्ता तो देख लिए हैं। इन लोगों का मकसद केवल चुनाव जीतना है चार साल तक घर बैठेंगे इसके बाद क्षेत्र में निकलेंगे। हार गए तो फिर चार साल नहीं दिखेंगे। उन्होंने कहा कि हम लोग 27 साल से किसानों के हर दुख दर्द में सामने रहते हैं। उनके हक को दिलवाने का काम करते हैं।