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पुलिसकर्मियों को 270 रुपये का चूना लगा रहे बाबू

Fri, 07 Apr 2017 01:01 AM IST
विकल सिंह/अमर उजाला अमरोहा
विकल सिंह/अमर उजाला अमरोहा Updated Fri, 07 Apr 2017 01:01 AM IST
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by cleerks fraud policemen get loss
पुलिस - फोटो : demo pic
पुलिस अधीक्षक के फर्जी हस्ताक्षर कर चेक काटने में खजांची के निलंबन के बाद भी पुलिस विभाग के बाबुओं ने सबक नहीं लिया है। अब पुलिसकर्मियों के वर्दी भत्ते में बाबुओं की ओर से अवैध कटौती किए जाने का मामला सामने आया है।
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जहां इस दफा शासन की तरफ से वर्दी भत्ते में 25 फीसद की वृद्धि की गई है, वहीं पुलिसकर्मियों के खाते में पुरानी रकम भेजी जा रही है। बाबू पुलिसकर्मी को प्रति वर्दी 270 रुपये का चूना लगा रहे हैं। जिले में वर्दी भत्ते की अवैध कटौती 3.67 लाख रुपये से अधिक बनती है। इसमें पुलिस अफसरों की संलिप्तता से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
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पुलिस अधीक्षक डा. शिवा शिंपी चनप्पा के फर्जी हस्ताक्षर कर दो लाख रुपये का चेक काटने के आरोप में खजांची अजय कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया है। इसके बाद भी विभाग के बाबू सुधरने को तैयार नहीं हैं। अब बाबुओं की ओर से पुलिसकर्मियों के वर्दी भत्ते से 270 रुपये प्रति पुलिसकर्मी के हिसाब से अवैध रूप से काटने का मामला सामने आया है।
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मामला ये है कि सिपाहियों को 1800 रुपये प्रति पुलिसकर्मी के हिसाब से वर्दी भत्ता दिया जाता था। वर्दी भत्ता सिपाहियों से लेकर एचसीपी तक को हर साल मिलता है, जबकि उपनिरीक्षकों को पांच साल बाद वर्दी भत्ता दिया जाता है।

उनको ये छह हजार रुपये के हिसाब से मिलता है। इस बार सिपाहियों के वर्दी भत्ते में 25 फीसदी की वृद्धि की गई है। इसके बाद प्रति पुलिसकर्मी को 2250 रुपये के हिसाब से वर्दी भत्ता दिया जाना चाहिए, मगर उनके खाते में 1980 रुपये प्रति पुलिसकर्मी के हिसाब से भेजे जा रहे हैं। हरेक पुलिसकर्मी के खाते से 270 रुपये की कटौती की जा रही है। 


जनपद में 1360 सिपाही और एचसीपी हैं। वर्दी भत्ते से की गई कटौती 3 लाख, 67 हजार 200 रुपये बनती है। कटौती की यह रकम बाबुओं के खाते में जा रही है, मगर इतना बड़ा खेल अकेले बाबू नहीं कर सकते। इसमें किसी न किसी अफसर के मिलीभगत से इंकार नहीं किया जा सकता। वहीं दारोगाओं और निरीक्षकों के वर्दी भत्ते से की गई कटौती शामिल नहीं की गई है। यह भी लाखों से कम नहीं हो सकती।

 
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