{"_id":"680e8c6c78e739f535025056","slug":"books-will-reach-council-schools-by-30-jpnagar-news-c-284-1-jpn1002-138841-2025-04-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: तीस तक परिषदीय स्कूलों में पहुंचेंगी किताबें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: तीस तक परिषदीय स्कूलों में पहुंचेंगी किताबें
Mon, 28 Apr 2025 01:28 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Mon, 28 Apr 2025 01:28 AM IST
विज्ञापन
अमरोहा।
परिषदीय स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई के लिए विभाग की ओर से निशुल्क किताबें उपलब्ध कराई जाती हैं। लेकिन, एक अप्रैल से नया शैक्षिक सत्र शुरू होने के बाद भी विद्यालयों में किताबें नहीं पहुंच सकी थीं। जिससे बच्चों के पुरानी किताबों के सहारे ही पढ़ना पढ़ रहा था। लेकिन अब जल्द ही बच्चों की समस्या का समाधान भी होगा।
बच्चों को वितरित करने के लिए करीब आठ लाख किताबें जिले में पहुंच गई हैं, जिन्हें 30 अप्रैल तक स्कूलों में पहुंचाने का लक्ष्य है। जिनको स्कूलों में पहुंचाए जाने की कवायद की जा रही है। बच्चों को जल्द से जल्द किताबें मिल सकें, इसके लिए रविवार को भी स्कूलों में किताबें पहुंचाई गईं।
बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन जिले में 1264 परिषदीय स्कूलों का संचालन किया जाता है। यहां पढ़ने वाले बच्चों को सरकार निशुल्क शिक्षा के तहत मुफ्त किताबें, यूनिफॉर्म, मिडडे-मिल भी उपलब्ध कराती है। हालांकि, इस सबके बाद भी स्कूलों में नामांकन को गति नहीं मिल पाती है। 2025-26 के लिए एक अप्रैल से नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत हो गई थी। लेकिन, स्कूलों में पढ़ाई के लिए बच्चों को किताबें मुहैया नहीं हो सकीं थी।
विज्ञापन
जिस कारण बच्चे पुरानी किताबों से पढ़ने के लिए मजबूर थे। लेकिन, अब जल्द ही बच्चों के हाथाें में नई किताबें होंगी। इसकी कवायद बेसिक शिक्षा विभाग ने शुरू कर दी है। जिले में कक्षा चार से आठ तक के बच्चों के लिए करीब आठ लाख किताबें पहुंच चुकी हैं। जिनको 30 अप्रैल तक स्कूलों में पहुंचाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। रविवार को छुट्टी के बावजूद भी स्कूलों में किताबें पहुंचाई गईं। इस दौरान कम से कम एक शिक्षक को स्कूल में रहकर किताबें रिसीव करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
विभाग की मंशा है कि 30 अप्रैल से ही सभी स्कूलों में किताबें पहुंचाकर बच्चों को उपलब्ध करा दी जाएं। जिससे उनकी पढ़ाई बाधित न हो सके।
कक्षा तीन तक के बच्चों को करना होगा इंतजार
कक्षा चार से लेकर आठ तक बच्चों की किताबें तो जिले में पहुंच गई हैं। लेकिन, कक्षा एक से तीन तक के बच्चों को किताबों के लिए अभी और इंतजार करना होगा। शासन स्तर से ही इसमें देरी हुई है। जिसके तहत किताबों के ऑर्डर की प्रक्रिया पूरी की गई है। माना जा रहा है कि गर्मियों के अवकाश के बाद जून से शुरू होने वाले सत्र से ही इन बच्चों को किताबें मिल सकेंगी। तक तक पुरानी किताबों से ही इन बच्चों को शिक्षित किया जाएगा।
- प्राथमिकता के आधार पर सभी स्कूलों को किताबें पहुंचाई जा रही हैं। नियत समय से पहले ही सभी स्कूलों को किताबें उपलब्ध करा दी जाएंगीं। - मोनिका, बीएसए
विज्ञापन
परिषदीय स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई के लिए विभाग की ओर से निशुल्क किताबें उपलब्ध कराई जाती हैं। लेकिन, एक अप्रैल से नया शैक्षिक सत्र शुरू होने के बाद भी विद्यालयों में किताबें नहीं पहुंच सकी थीं। जिससे बच्चों के पुरानी किताबों के सहारे ही पढ़ना पढ़ रहा था। लेकिन अब जल्द ही बच्चों की समस्या का समाधान भी होगा।
बच्चों को वितरित करने के लिए करीब आठ लाख किताबें जिले में पहुंच गई हैं, जिन्हें 30 अप्रैल तक स्कूलों में पहुंचाने का लक्ष्य है। जिनको स्कूलों में पहुंचाए जाने की कवायद की जा रही है। बच्चों को जल्द से जल्द किताबें मिल सकें, इसके लिए रविवार को भी स्कूलों में किताबें पहुंचाई गईं।
विज्ञापन
बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन जिले में 1264 परिषदीय स्कूलों का संचालन किया जाता है। यहां पढ़ने वाले बच्चों को सरकार निशुल्क शिक्षा के तहत मुफ्त किताबें, यूनिफॉर्म, मिडडे-मिल भी उपलब्ध कराती है। हालांकि, इस सबके बाद भी स्कूलों में नामांकन को गति नहीं मिल पाती है। 2025-26 के लिए एक अप्रैल से नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत हो गई थी। लेकिन, स्कूलों में पढ़ाई के लिए बच्चों को किताबें मुहैया नहीं हो सकीं थी।
विज्ञापन
जिस कारण बच्चे पुरानी किताबों से पढ़ने के लिए मजबूर थे। लेकिन, अब जल्द ही बच्चों के हाथाें में नई किताबें होंगी। इसकी कवायद बेसिक शिक्षा विभाग ने शुरू कर दी है। जिले में कक्षा चार से आठ तक के बच्चों के लिए करीब आठ लाख किताबें पहुंच चुकी हैं। जिनको 30 अप्रैल तक स्कूलों में पहुंचाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। रविवार को छुट्टी के बावजूद भी स्कूलों में किताबें पहुंचाई गईं। इस दौरान कम से कम एक शिक्षक को स्कूल में रहकर किताबें रिसीव करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
विभाग की मंशा है कि 30 अप्रैल से ही सभी स्कूलों में किताबें पहुंचाकर बच्चों को उपलब्ध करा दी जाएं। जिससे उनकी पढ़ाई बाधित न हो सके।
कक्षा तीन तक के बच्चों को करना होगा इंतजार
कक्षा चार से लेकर आठ तक बच्चों की किताबें तो जिले में पहुंच गई हैं। लेकिन, कक्षा एक से तीन तक के बच्चों को किताबों के लिए अभी और इंतजार करना होगा। शासन स्तर से ही इसमें देरी हुई है। जिसके तहत किताबों के ऑर्डर की प्रक्रिया पूरी की गई है। माना जा रहा है कि गर्मियों के अवकाश के बाद जून से शुरू होने वाले सत्र से ही इन बच्चों को किताबें मिल सकेंगी। तक तक पुरानी किताबों से ही इन बच्चों को शिक्षित किया जाएगा।
- प्राथमिकता के आधार पर सभी स्कूलों को किताबें पहुंचाई जा रही हैं। नियत समय से पहले ही सभी स्कूलों को किताबें उपलब्ध करा दी जाएंगीं। - मोनिका, बीएसए