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अपने प्रत्याशी की जमानत तक नहीं बचा पाए भाजपाई
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Thu, 06 Oct 2016 12:58 AM IST
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हसनपुर के गांव ओसामाफी में प्रधानी के लिए वोट डालती युवती।
- फोटो : amar ujala
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अमरोहा(ब्यूरो)। जिला पंचायत सदस्य उपचुनाव में दो प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला ऐसे ही नहीं हुआ। एक प्रत्याशी को अंदरखाने भाजपाइयों ने अपना बना लिया, जबकि अपने उम्मीदवार को बेगाना कर मैदान में छोड़ दिया। नतीजतन भाजपा प्रत्याशी अपनी जमानत भी नहीं बचा सका।
वार्ड नंबर 26 में फात्मा बेगम व सुबूर चौधरी के बीच कड़ी टक्कर रही। ऐसा होना भी लाजमी था। फात्मा कैबिनेट मंत्री महबूब अली के भाई की पत्नी हैं, जबकि सुबूर को कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर की सपोर्ट थी। सुबूर ने जीत हासिल की। इस जीत के पीछे का माजरा जानें तो वाकई हैरान करने वाला है। बहुसंख्यक मतदाताओं ने उनको यह विजय दिलाई है।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपने को नहीं बल्कि चुनाव में अंदरखाने दूसरे प्रत्याशी को ही सपोर्ट किया। भाजपा प्रत्याशी अजित चौधरी को चुनाव में केवल 868 वोट मिले। इससे साफ है कि भाजपाइयों ने अपने ही प्रत्याशी का साथ नहीं दिया। गैर को अपना बनाकर चुनाव लड़ाया, जबकि अपने को गैरों में खड़ा कर दिया। जमानत भी वह नहीं बचा सके।
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हां, हर किसी की जुबां पर चर्चा जरूर है कि फात्मा को हराना ही सबका मकसद था। सोशल मीडिया पर भाजपा नेता व पूर्व सांसद देवेंद्र नागपाल ने पार्टी प्रत्याशी की जीत पर कहा है कि अजित चुनाव जीत जाते, अगर सारे लोग एक साथ वोट कर देते। एक महबूब खत्म करा, दूसरे का फायदा कर दिया। अब बस करो और सब मिलकर बीजेपी को वोट करो। हालांकि उनके इस बयान की चर्चा पार्टी नेताओं में जोरशोर से बनी हुई है।
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वार्ड नंबर 26 में फात्मा बेगम व सुबूर चौधरी के बीच कड़ी टक्कर रही। ऐसा होना भी लाजमी था। फात्मा कैबिनेट मंत्री महबूब अली के भाई की पत्नी हैं, जबकि सुबूर को कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर की सपोर्ट थी। सुबूर ने जीत हासिल की। इस जीत के पीछे का माजरा जानें तो वाकई हैरान करने वाला है। बहुसंख्यक मतदाताओं ने उनको यह विजय दिलाई है।
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भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपने को नहीं बल्कि चुनाव में अंदरखाने दूसरे प्रत्याशी को ही सपोर्ट किया। भाजपा प्रत्याशी अजित चौधरी को चुनाव में केवल 868 वोट मिले। इससे साफ है कि भाजपाइयों ने अपने ही प्रत्याशी का साथ नहीं दिया। गैर को अपना बनाकर चुनाव लड़ाया, जबकि अपने को गैरों में खड़ा कर दिया। जमानत भी वह नहीं बचा सके।
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हां, हर किसी की जुबां पर चर्चा जरूर है कि फात्मा को हराना ही सबका मकसद था। सोशल मीडिया पर भाजपा नेता व पूर्व सांसद देवेंद्र नागपाल ने पार्टी प्रत्याशी की जीत पर कहा है कि अजित चुनाव जीत जाते, अगर सारे लोग एक साथ वोट कर देते। एक महबूब खत्म करा, दूसरे का फायदा कर दिया। अब बस करो और सब मिलकर बीजेपी को वोट करो। हालांकि उनके इस बयान की चर्चा पार्टी नेताओं में जोरशोर से बनी हुई है।