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धैर्यवान होने से बहुत से संकट टल जाते हैं : बाबा फुलसंदे
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कैलसा। एक तू सच्चा तेरा नाम सच्चा मंत्र के ऋषि सत्पुरुष बाबा फुलसंदे ने कहा कि मनुष्य के धैर्यवान होने से बहुत से संकट व आपदा टल जाती हैं।
देहात क्षेत्र के ग्राम पृथ्वीपुर कला में सत्संग में बाबा ने कहा कि चित्त सदा चंचल है। इसमें बहुत से विकार आते रहते हैं। इसमें ज्ञान क्षण भर को ठहरता है। इसमें ज्ञान ज्योति को रोक कर रखना कठिन है और इसका निवारण करना भी दुष्कर है। जिसका मन अस्थिर है जो धर्म आचरण को नहीं जानता, जिसकी श्रद्धा अस्थिर है उसकी बुद्धि भी पूर्ण नहीं हो सकती। अगर वह धैर्य रखें तो बहुत से संकट और आपदा टल जाती हैं। जो चरित्रवान और अधिक विनम्र तथा अधिक धर्म आचरण करने वाला अपने को शिक्षित करने वाला पुरुष है इस पृथ्वी पर शांत आत्मा होकर विचरता है। देवगण उसकी मित्रता को चाहते हैं। ईश्वर के वचन को आचरण में नहीं ढाला जाता तो वह सुगंधित फूल के समान है। इस दौरान दुष्यंत कुमार, लोकेन्द्र सिंह, पुनीत कुमार, अरविन्द चौधरी, अविनाश सिंह आदि मौजूद रहे।
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देहात क्षेत्र के ग्राम पृथ्वीपुर कला में सत्संग में बाबा ने कहा कि चित्त सदा चंचल है। इसमें बहुत से विकार आते रहते हैं। इसमें ज्ञान क्षण भर को ठहरता है। इसमें ज्ञान ज्योति को रोक कर रखना कठिन है और इसका निवारण करना भी दुष्कर है। जिसका मन अस्थिर है जो धर्म आचरण को नहीं जानता, जिसकी श्रद्धा अस्थिर है उसकी बुद्धि भी पूर्ण नहीं हो सकती। अगर वह धैर्य रखें तो बहुत से संकट और आपदा टल जाती हैं। जो चरित्रवान और अधिक विनम्र तथा अधिक धर्म आचरण करने वाला अपने को शिक्षित करने वाला पुरुष है इस पृथ्वी पर शांत आत्मा होकर विचरता है। देवगण उसकी मित्रता को चाहते हैं। ईश्वर के वचन को आचरण में नहीं ढाला जाता तो वह सुगंधित फूल के समान है। इस दौरान दुष्यंत कुमार, लोकेन्द्र सिंह, पुनीत कुमार, अरविन्द चौधरी, अविनाश सिंह आदि मौजूद रहे।