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बान नदी : प्रशासन आगे आए तो जनता का भी मिलेगा सहयोग

Wed, 29 Jan 2025 01:48 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Updated Wed, 29 Jan 2025 01:48 AM IST
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Ban River: If the administration comes forward then the public will also cooperate
कैलसा-नन्हेड़ा मार्ग पर बान नदी में पड़ा कूड़ा। संवाद
अमरोहा।
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जिले में आज बान नदी किस स्थिति में पहुंच गई है, यह किसी से छिपा नहीं है। सूख चुकी बान नदी का अस्तित्व बचाने को अब किसी भगीरथ की जरूरत है, लेकिन प्रशासन सबसे अहम कड़ी है।
भले ही प्रशासनिक स्तर से नदी का सर्वे करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई हो, लेकिन अब अधिकारियों को खुलकर सामने आने की जरूरत है। ताकि, जनता उनसे जुड़कर नदी को पुराने स्वरूप लाने में जुट सके। पहले भी बान नदी के जीर्णोद्धार को लेकर कुछ प्रयास किए, लेकिन उन्हें प्रशासन का सहारा नहीं मिल सका।
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अमर उजाला द्वारा चलाए जा रहे अभियान से अब उन्हें फिर से आस जगी है। बिजनौर जिले से होते हुए बान नदी अमरोहा में दाखिल होती है। बान का पानी इतना साफ हुआ करता था कि लोग उसे पीने के लिए प्रयोग करते थे। जिले में नदी का अलग ही स्वरूप था, लेकिन समय के साथ दायरा सिमटता चला गया।
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एक तरफ जहां नदी सूख गई तो दूसरी ओर कई जगह कब्जा कर लिया गया। नदी के मिटते अस्तित्व से कुछ लोगों को काफी पीड़ा भी हुई, लेकिन वह कुछ कर नहीं सके। कई बार अपने स्तर से इसके जीर्णोद्धार की आवाज भी उठाई, लेकिन न तो प्रशासन का साथ मिला और न ही जनप्रतिनिधियों का। लेकिन, अमर उजाला की पहल को लेकर वह उत्साहित हैं। वह इस अभियान से जुड़ने को तैयार हैं। उनका कहना है कि यदि प्रशासन आगे तो जनता भी अवश्य सहयोग दी। इसमें युवा भी जुड़ने को तैयार हैं।
- कुछ साल पहले युवाओं के साथ अन्य वर्ग भी नदी के जीर्णोद्धार के लिए जुड़ा। लगातार प्रयास भी किए गए, लेकिन किसी का साथ नहीं मिला। अब अमर उजाला ने पहल की है तो फिर से हम जुड़ने को तैयार हैं। नदी कब्जा मुक्त हो और पहले की तरह इसमें पानी बहे। यही हमारा सपना है। - गोल्डी ग्रेवाल, लोदीपुर बंजारा
- इस मुहिम में हम अमर उजाला के साथ हैं। बान नदी जगह-जगह पर खुदी पड़ी है। कई बार प्रयास किया गया कि नदी का जीर्णोद्धार हो सके, लेकिन किसी का साथ नहीं मिला। लोग चाहते हैं कि बान नदी पुराने अस्तित्व में लौटे। इसमें पीछे से पानी छोड़ा जाए। जिससे नदी अपने आप अपना अस्तित्व ग्रहण कर लेगी। - राहुल कुमार, ग्राम प्रधान
- हमने इस नदी को जीवित स्वरूप में देखा है। लेकिन, आज के हालात को देखकर दुख होता है। युवा पीढ़ी भी चाहती है कि यह नदी दोबारा अस्तित्व में लौटे। नदी को कब्जा मुक्त कराते हुए इसमें पानी छोड़ा जाए। जिससे इस नदी की महत्ता और अधिक बढ़ सके। - रंजीत, ग्राम सैंदरी

- करीब 35 वर्ष पहले गांव सिरसा मनिहार की पश्चिम दिशा में बान नदी कलकल कर बहती थी। अलग ही नजारा हुआ करता था। लेकिन, अब नदी सूख चुकी है। कई जगह नदी पर कब्जा हो चुका है। नदी में पानी न होने से किसानों को भी परेशानी होती है। नदी के अस्तित्व को बचाने के लिए शासन और प्रशासन स्तर से सख्त कदम उठाए जाने जरूरी है। अमर उजाला की पहल सराहनीय है। - राजवाला ग्राम प्रधान, सिरसा मनिहार
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