Amroha: चाैबीस घंटे के भीतर दो कारोबारियों को हार्ट अटैक, आनन-फानन पहुंचाए अस्पताल, डाॅक्टर बोले- वजह ठंड
अमरोहा जिले में हार्ट अटैक के मामले बढ़ते जा रहे हैं। 24 घंटे के भीतर दो कारोबारियों को हार्ट अटैक आ गया। इसके बाद उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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अमरोहा जिले में हार्ट अटैक की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। बृहस्पतिवार की रात घर में आराम करते समय जोया के रहने वाले रेडीमेड कपड़ा कारोबारी नुरूल खान (40) और नौगांवा सादात निवासी जैकेट कारोबारी असद अब्बास (34) को अचानक हार्ट अटैक आ गया।
परिजनों दोनों को अलग-अलग निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से गंभीर हालत में नौगांवा सादात के कारोबारी को दिल्ली और जोया वाले को मेरठ रेफर किया गया है। दोनों की हालत नाजुक बताई जा रही है। कपड़ा कारोबारी नूरुल खान के परिवार में पत्नी साजिया के अलावा दो बच्चे हैं।
परिजनों के मुताबिक बृहस्पतिवार की रात दुकान से घर वापस आने के बाद नूरुल खान आराम कर रहे थे। तभी अचानक उन्हें सीने में दर्द की शिकायत हुई और वह जमीन पर गिर गए। तुरंत ही नुरुल खान को अमरोहा-जोया रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उन्हें मेरठ रेफर कर दिया है।
फिलहाल, नुरुल खान की हालत गंभीर बनी हुई है और वह आईसीयू में भर्ती हैं। वहीं, नौगांवा के जैकेट कारोबारी असद अब्बास के परिवार में पत्नी सबीना के अलावा बेटा नूर अब्बास हैं। परिजनों के मुताबिक असद अब्बास बृहस्पतिवार को किसी काम से मुरादाबाद गए थे।
रात करीब नौ बजे घर पहुंचे और खाना खाने के बाद अपने कमरे में चले गए थे। परिवार के सभी सदस्य सो गए थे। तभी अचानक उन्हें सीने में दर्द की शिकायत हुई और वह कमरे से बाहर निकल आए। कमरे के दरवाजे से निकलते ही वह जमीन पर गिर पड़े। आहट होने पर परिजनों की आंख खुल गईं।
पत्नी सबीना के शोर मचाने पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। तभी असद अब्बास को कस्बे के ही निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से डॉक्टर ने उन्हें दिल्ली के लिए रेफर कर दिया। यहां निजी अस्पताल में भर्ती असद अब्बास की हालत भी नाजुक बनी हुई है।
जिला अस्पताल में रोजाना पहुंच रहे दिल से 11 मरीज
दिसंबर के तीसरा सप्ताह में सर्दी बढ़ने लगी है। दिन और रात के तापमान में गिरावट आई है। गिरते तापमान और बढ़ती सर्दी के बीच दिल, बीपी और अस्थमा के मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जिला अस्पताल में ऐसे मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। रोजाना 11 दिल के मरीज पहुंचे हैं। जबकि बीते बीस दिन में 223 मरीज उपचार कराने पहुंचे हैं।
जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चरन सिंह ने बताया कि सर्दी के दिनों में दिल के मरीजों को दिल का खास ख्याल रखने की जरूरत है। आम तौर पर दिल की बीमारी 40 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में होती है, लेकिन आज कल 25 से 30 वर्ष के लोगों में भी ये बीमारी होने लगी है।
इसलिए सर्दी के मौसम में दिल के मरीजों को अपने स्वास्थ्य केे प्रति ध्यान रखना जरूरी है। क्योंकि सर्दी में अक्सर दिल के मरीजों का ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। इसके चलते ध्वनियों को दिल तक पहुंचाने में अधिक जोर लगाता है। इसके कारण हार्टअटैक, सीने में दर्द और सांस लेने की दिक्कत आने लगती है।
साथ ही दिल की धड़कन बढ़ने और पसीना आने लगता है। यदि इस दशा में रोगी ध्यान नहीं देता है तो उसे हार्टअटैक आने की संभावना बढ़ जाती है। यदि दिल के मरीजों को डायबिटीज की बीमारी है तो यह जरूरी है कि वह अपनी डायबिटीज को सही रखें। क्योंकि यह बीमारी होने से हार्टअटैक का दर्द महसूस नहीं होता है।
इन बातों का रखें खास ध्यान
दिल से संबंधित बीमार लोगों को सुबह के समय में मार्निंग वाक पर नहीं जाना चाहिए। शाम को भोजन करने के बाद न टहलें। रात में खासतौर से कम भोजन करें। नमक और चिकनाई का कम से कम इस्तेमाल करें।
दिल से पीड़ित लोगों की होती है ये जांचें
दिल से संबंधित रोगियों में प्रारंभिक जांच में ब्लड प्रेशर, शुगर, पॉलीस्ट्राल, ईसीजी और जरूरत पड़ने पर टीएमटी, ईको टेस्ट कराया जाता है।
सर्दियों में हार्ट अटैक के ज्यादा मामले बढ़ जाते हैं। क्योंकि सर्दी के कारण फिजीकल एक्टीविटी कम होने व कोलेस्ट्रॉल से भरपूर डाइट अधिक लेने से धमनियों में क्लॉटिंग हो जाती है। जो हार्टअटैक या डिसीज की संभावनाओं को अधिक कर देती है। ठंड में पानी भी कम पीया जाता है, जिससे सर्दियों में नसें सिकुड़ने लगती हैं जिस कारण हार्ट अटैक की संभावना बढ़ने लगती हैं। - डॉ. एसपी सिंह , सीएमओ अमरोहा
इन बातों का रखें ध्यान
धूप निकलने पर ही निकलें घर से बाहर
बॉडी को पूरी तरह से कवर रखें, कैंप पहनें
हार्ड एक्ससाइज से बचें
हलकी-फुल्की या फिर एरोबिक एक्सरसाइज करें
मोटापे का शिकार लोग मॉर्निंग वॉक से परहेज करें
हार्ट प्रॉब्लम वाले लोग मॉर्निंग वॉक पर न जाएं
जिला अस्पताल में लगवाएं जीवन रक्षक इंजेक्शन
हार्ट अटैक के मरीजों के लिए राहत देने वाली खबर है। दिल का दौरा पड़ने वाले मरीजों के लिए जिला अस्पताल को पांच टेनेक्टेप्लाज इंजेक्शन (जीवन रक्षक इंजेक्शन) मिल गए हैं। इस इंजेक्शन की बाजार में 40 हजार रुपये कीमत है जबकि यह जिला अस्पताल में निशुल्क लगाया जा रहा है।
अस्पताल प्रशासन में दस इंजेक्शन की ओर डिमांड शासन को भेजी है। आने वाले दिनों में जिले के सभी सीएचसी पर भी इस इंजेक्शन को मुहैया कराने की तैयारी है। इससे मरीज और तीमारदारों की भागदौड़ तो बचेगी ही साथ ही आर्थिक बचत भी होगी।
जिला अस्पताल में नहीं दिल का डॉक्टर, फिजीशियन का सहारा
दिल का दौरा पड़ने से लगातार लोगों की मौत हो रही है। लेकिन, स्थिति यह है कि जनपद के किसी भी सरकारी अस्पताल में दिल का डॉक्टर नहीं है। जिला अस्पताल की भी यही स्थिति है। यहां पहुंचने वाले दिल के मरीजों को फिजीशियन चेकअप कर दवा लिख रहे हैं। यह स्थिति तब है जब रोजाना हार्ट की दिक्कत के 10 से 12 मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। वहीं, गंभीर हालत में मरीज को मेरठ या मुरादाबाद के लिए रेफर किया जाता है।