फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amroha News ›   amroha students returned home safely from ukraine army did not action said come soon this is your home 

अमरोहा: बस पर तिरंगा लगा देख रुक गई यूक्रेनी सेना, छात्रों से कहा- कब आओगे..जरूर आना..दिस इज योर होम...

Thu, 03 Mar 2022 04:38 PM IST
सुशील कुमार अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा
अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा Published by: सुशील कुमार Updated Thu, 03 Mar 2022 04:38 PM IST
सार

ओवैस चौधरी ने बताया कि यूक्रेन के हालात खराब हैं। वहां से निकलना बड़ा मुश्किल हो गया था। किसी तरह तीन बसों में डेढ़ सौ छात्रों का ग्रुप बनाकर रोमानिया पहुंचे। खाने-पीने की कोई व्यवस्था नहीं थी। रुपये खत्म हो गए थे।

विज्ञापन
amroha students returned home safely from ukraine army did not action said come soon this is your home 
सकुशल घर लौटा अमरोहा के छात्र। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अमरोहा के रजबपुर के अतरासी के रहने वाले ओवैस चौधरी यूक्रेन से सकुशल घर लौट आए हैं। बेटे को देखकर परिजन भावुक हो गए। इस दौरान ओवैस चौधरी ने यूक्रेन की दास्तां सुनाई। कहा कि एमबीबीएस की पढ़ाई में उनका चौथा साल है। इन हालातों में लगता है कि करियर बर्बाद हो गया। यूक्रेन फोर्स ने छात्रों की सहायता की, उन्हें परेशान नहीं किया गया। होस्टल से निकले तो बस पर तिरंगा लगा हुआ देख कर यूक्रेनी पुलिसकर्मी रुक गए थे। कहां की जा रहे हो, कब आओगे.. जरूर आना.. दिस इज योर होम...। यूक्रेनी पुलिसकर्मियों ने भारतीय छात्रों को सैल्यूट के साथ बाय कह कर बसों को आगे जाने दिया।

विज्ञापन


ओवैस चौधरी ने बताया कि यूक्रेन के हालात खराब हैं। वहां से निकलना बड़ा मुश्किल हो गया था। किसी तरह तीन बसों में डेढ़ सौ छात्रों का ग्रुप बनाकर रोमानिया पहुंचे। खाने-पीने की कोई व्यवस्था नहीं थी। रुपये खत्म हो गए थे। कुछ छात्रों के पास ग्लोबल करेंसी थी, जिसे कोई कौड़ियों के भाव में भी चलाने को तैयार नहीं हुआ। छात्रों के कई दिन चिंता और दहशत में गुजरे। बम और गोलियों की आवाज सुनकर धड़कन बढ़ जाती थीं। ओवैस के मुताबिक यूक्रेन में शहीद हुए नवीन उनके बेहद करीबी थे। उनकी और नवीन की मुलाकात क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान हुई थी। नवीन बहुत प्यारे थे। उनकी मौत की खबर मिलते ही शरीर से जान निकल गई थी। 
विज्ञापन


पहले तो विश्वास नहीं हुआ कि कोई भारतीय छात्रों पर हमला क्यों करेगा, लेकिन जब असलियत का पता चला तो फिर घर पहुंचने की ठान ली। उन्होंने बताया कि रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट से सात घंटे का सफर कर सुबह 5:15 बजे दिल्ली एयरपोर्ट में पहुंचे। यह प्रदेश सरकार के नुमाइंदों ने उनका स्वागत किया। राजभवन ले जाकर नाश्ता और खाना दिया। बाहर निकलने के बाद सरकार ने अपने खर्चे पर टैक्सी बुक करा कर दी, जो उन्हें घर छोड़कर गई है। ओवैस चौधरी के घर पहुंचते ही उनके परिजनों रिश्तेदारों की भीड़ लग गई। सभी ने फूलों की माला पहनाकर उनका स्वागत किया।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed