Amroha: दो बच्चों के हत्यारों तक नहीं पहुंची पुलिस, मकसद भी नहीं हो पाया स्पष्ट, पुलिस की जांच भी उलझी
अमरोहा के केतवाली पंडकी गांव में दो बच्चों की हत्याकांड का पुलिस अबतक खुलासा नहीं कर पाई है। यह भी स्पष्ट नहीं हो सका कि दोनों बच्चों की हत्या करने का मकसद क्या था। दिन बढ़ने के साथ ही पुलिस की जांच भी उलझती जा रही है।
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अमरोहा के केतवाली पंडकी गांव में चिराग की गला दबाकर हत्या की गई थी। पोस्टमार्टम में भी इसकी पुष्टि हुई है लेकिन पुलिस चिराग की हत्या की गुत्थी सुलझाने में उलझ रही है। अभी तक ये कारण स्पष्ट नहीं हो सका है कि चिराग की हत्या क्यों और किसने की है।
हालांकि पुलिस शुक्रवार को माहिर के पोस्टमार्टम करने में उलझी रही। पुलिस को उम्मीद थी कि यदि माहिर की भी हत्या की गई है, तो कातिल एक ही हो सकता है। पुलिस मामले को तंत्र क्रिया से जोड़कर भी देख रही है।सात मई को मासूम माहिर की मौत के बाद परिजनों ने शव को तालाब के गड्ढे में दबा दिया था।
इस मामले में पुलिस कार्रवाई नहीं की गई। लेकिन अगले दिन 12 वर्षीय चिराग की गला दबाकर हत्या कर दी गई। चिराग के परिजन भी पोस्टमार्टम नहीं करना चाहते थे। लेकिन किसी ने पुलिस को इसकी जानकारी दे दी, इसके बाद चिराग के शव का पोस्टमार्टम करना मजबूरी बन गया था।
शायद नहीं होती चिराग की हत्या
केतवाली पंडकी में दो बच्चों की मौत के बाद पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। पुलिस का अंदाजा है कि यदि जिस दिन माहिर की मौत हुई थी। तभी परिजन उसका पोस्टमार्टम कराते तो शायद अगले दिन चिराग की हत्या नहीं होती।
पुलिस की कार्रवाई के चलते हत्यारोपी की मानसिकता बदल सकती थी। पुलिस को ये भी शक है कि अगर चिराग के शव का भी बिना पुलिस कार्रवाई के अंतिम संस्कार कर दिया जाता तो किसी तीसरे बच्चों की मौत से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
गड्ढा खोदकर निकाला गया मासूम माहिर का शव
केतवाली पंडकी गांव में दो बच्चों की मौत के बाद शुक्रवार को मासूम माहिर के शव को तालाब के गड्ढे से निकाला गया। डॉक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया, लेकिन उसकी मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। इसलिए डॉक्टरों ने विसरा सुरक्षित किया है।
अब विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही माहिर की मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। इससे पहले डीएम राजेश कुमार की अनुमति के बाद तहसीलदार की मौजूदगी में पुलिस ने शव को गड्ढे से निकलवाया था। देहात थानाक्षेत्र केतवाली पंडकी गांव में चौबीस घंटे के अंदर दो बच्चों की मौत हो गई।
गांव निवासी विपिन सैनी के बेटे माहिर की संदिग्ध हालत में मंगलवार को मौत हो गई थी। मासूम माहिर का शव पड़़ोसी के घर में मिला था। घर का दरवाजा बंद था। वह अंदर कैसे पहुंच गया यह रहस्य बना हुआ है। उसके चेहरे और माथे पर चोट के निशान थे।
परिजनों ने बिना किसी कार्रवाई के उसके शव को दफन कर दिया था। इसके बाद बुधवार को गांव के ही बारह वर्षीय चिराग का शव मिला। उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है।
चौबीस घंटे में एक बच्चे की हत्या और दूसरे की संदिग्ध मौत के बाद हरकत में आई देहात थाना पुलिस ने माहिर के शव का भी पोस्टमार्टम कराने का फैसला लिया। परिजनों की मांग पर डीएम राजेश कुमार त्यागी ने बुधवार की देर रात शव को गड्ढे से निकलवा कर पोस्टमार्टम कराने की अनुमति दी। जिसके बाद शुक्रवार की सुबह 11 बजे तहसीलदार हेमंत कुमार की मौजूदगी में मासूम माहिर के शव को निकलवा कर पोस्टमार्टम करवाया गया।