अमरोहा में रिश्तों का कत्ल: भाड़े के शूटरों को खोजा, एडवांस में 15 हजार की सुपारी दी..फिर पिता की करवाई हत्या
बछरायूं के गांव चौखट निवासी बुजुर्ग की हत्या का आरोप उसके बेटे पर ही लगा ही लगा है। पुलिस ने बेटे समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंनेकोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने हत्या का कारण संपत्ति विवाद बताया है।
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विस्तार
बछरायूं क्षेत्र के गांव चौखट निवासी अख्तर (65) की हत्या संपत्ति के विवाद में उसके ही छोटे बेटे सरफराज ने भाड़े के हत्यारों से कराई थी। बेटे ने ही गांव निवासी शौकीन और संभल के थाना नखासा के गांव हिशामपुर निवासी नईम ऊर्फ लाला ने तीन लाख रुपये की सुपारी दी थी। जिसमें 15 हजार रुपये एडवांस दिए थे। रविवार को पुलिस ने भाड़े के हत्यारों और हत्या की साजिश रचने वाले बेटे सरफराज को गिरफ्तार कर हत्या का खुलासा कर दिया। बछरायूं थाना क्षेत्र के गांव चौखट निवासी अख्तर का शव बुधवार की सुबह थाना क्षेत्र के ही गांव भगवानपुर में सत्संग भवन के पास पड़ा मिला था।
शव भगवानपुर गांव के पास फेंका
उसके दोनों हाथ पीछे की ओर रस्सी से बंधे थे। गले में रूमाल बंधा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया था। मृतक की विवाहित पुत्री फिरोना ने तहरीर देकर भाई सरफराज पर पिता की हत्या का आरोप लगाया था। उसने तहरीर में आरोप लगाया था कि पिता ने कुछ जमीन उसके नाम कर दी थी। जिसको लेकर उसका भाई सरफराज विरोध कर रहा था। इसी बात से नाराज होकर भाई सरफराज के कहने पर गांव निवासी शौकीन उर्फ लटूर मंगलवार की शाम उसके पिता को दवा दिलाने के बहाने बाइक से ले गया और हत्या का शव भगवानपुर गांव के पास फेंक आया था।
हत्या के अभियोग में जेल भेज दिया
थानाध्यक्ष राजीव कुमार ने बताया कि फिरोना की तहरीर पर रविवार की सरफराज व शौकीन को रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर पूछताछ की तो दोनों ने हत्या की बात कबूल कर ली। हत्यारोपी शौकीन ने बताया कि अख्तर की हत्या में संभल के थाना नखासा के गांव हिशामपुर निवासी नईम ऊर्फ लाला भी शामिल है। पुलिस ने उसे भी कुंडा रोड से गिरफ्तार कर लिया गया। सरफराज को अपराधिक षडयंत्र रचने व शौकीन व नईम को हत्या के अभियोग में जेल भेज दिया गया है।तीन लाख में दी थी सुपारी
बुधवार की सुबह जैसे ही अख्तर का शव मिला, वैसे ही गांव में चर्चा फैल गई कि अख्तर की हत्या में उसके बेटे सरफराज का हाथ है। गिरफ्तारी के बाद रविवार को सरफराज ने बताया कि उसके पिता ने कुछ जमीन उसकी बहन के नाम कर दी थी। जिससे उसका पिता से विवाद चल रहा था। उसने गांव के ही शौकीन से तीन लाख रुपये में पिता की हत्या करने की डील की थी। जिसमें 15 हजार रुपये एडवांस दिए थे। जबकि शेष धनराशि काम होने के बाद देने तय थे।
शौकीन ने संभल के नखासा के गांव हिसामपुर निवासी रिश्तेदार नईम उर्फ लाला को हत्या में शामिल किया था। दोनों ने मंगलवार की रात पहले अख्तर को शराब पिलाई, उसके बाद गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और शव भगवानपुर गांव के पास फेंककर आ गए।
पुख्ता सबूत के लिए दोबारा पोस्टमार्टम
पुलिस ने अख्तर के शव का पोस्टमार्टम कराया तो मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया था। जबकि घटनास्थल पर मिले साक्ष्य हत्या की गवाही दे रहे थे। साथ ही यह बात भी साफ हो गई थी कि अख्तर की हत्या उसके बेटे सरफराज ने शौकीन और संभल के हिसामपुर निवासी नईम से कराई है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट से आरोपियों को अदालती कार्रवाई के दौरान लाभ मिल सकता था। इसलिए पुलिस ने दोबारा पोस्टमार्टम कराने के लिए मृतक के बड़े अहरार बेटे से प्रार्थना पत्र दिलाकर डीएम से अनुमति लेकर शनिवार को शव कब्र से निकाला था।