Amroha: हर घर जल योजना पर संकट के बादल, 17 करोड़ की योजना का विरोध, लोग बोले- ओवरहेड टैंक की जरूरत नहीं
मंडी धनौरा में लोगों ने हर घर जल योजना का विरोध करना शुरू कर दिया है। नगर पालिका परिषद बोर्ड व नागरिकों के विरोध के कारण ओवरहेड टैंक निर्माण के लिए भूमि नहीं मिल पा रही है। लोगों को कहना है कि ओवरहेड टैंक की आवश्यकता नहीं है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मंडी धनौरा में करीब 17 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित हर घर जल योजना पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। नगर पालिका परिषद बोर्ड व नागरिकों के विरोध के चलते ओवरहेड टैंक निर्माण के लिए विभाग को भूमि नहीं मिल पा रही है।
पालिका बोर्ड का स्पष्ट कहना है कि उनको नगर में एक और ओवरहेड टैंक की आवश्यकता नहीं है। जल निगम की ओर से नगर में हर घर जल योजना के अंतर्गत एक और ओवरहेड टैंक का निर्माण व नगर में पाइप लाइन बिछाई जानी है।
इसके लिए विभागीय अधिकारियों ने पालिका प्रशासन के साथ मिलकर रामलीला मैदान के पास एक भूमि का चयन कर लिया। इसकी जानकारी मिलते ही रामलीला प्रबंध समिति सक्रिय हो गई।
प्रबंध समिति ने अपनी भूमि पर ओवरहेड टैंक निर्माण बनाए जाने के विरोध में अदालत में वाद दायर कर दिया। वहीं दूसरी ओर वर्तमान पालिका बोर्ड की बैठक में भी इसके निर्माण के विरोध में प्रस्ताव पारित किया जा चुका है।
रामलीला प्रबंध समिति के अध्यक्ष अजय गोयल ने पालिकाध्यक्ष प्रवीन अग्रवाल को पत्र सौंपकर समिति की भूमि पर ओवरहेड टैंक बनाए जाने का विरोध करते हुए कहा है कि नगर में पहले से ही पाइप लाइन बिछी हुई है और करीब सभी घरों में जलापूर्ति हो रही है।
उन्होंने पूर्व की जलकल योजना का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2005 में पुनर्गठन पेयजल योजना के अंतर्गत नगर में बिछाई गई पाइप लाइन से नगर की सभी सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। 19 साल बाद भी इन सड़कों की हालत दयनीय है।
उस समय पूरे नगर में तत्कालीन राज्यसभा सदस्य रमाशंकर कौशिक की निधि से सीसी रोड का निर्माण कराया गया था। व्यापारी सुरक्षा फोरम संस्थान ने भी हर घर जल योजना का विरोध करने की बात कही है।
जल निगम के अधिकारी भूमि उपलब्ध कराने के लिए लगातार अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं। लेकिन मामला न्यायालय में विचाराधीन होने व रामलीला प्रबंध समिति और बोर्ड के विरोध के कारण योजना खटाई में पड़ती नजर आ रही है।
नगर में पहले से ही एक ओवरहेड टैंक के जरिए नागरिकों को जलापूर्ति की जा रही है। छह पंप भी नगर में विभिन्न स्थानों पर लगे हुए हैं। नागरिकों को सुचारु रूप से जलापूर्ति की जा रही है। बोर्ड भी एक और ओवरहेड टैंक की जरूरत महसूस नहीं कर रहा है। -प्रवीन अग्रवाल, पालिकाध्यक्ष धनौरा
पूर्व बोर्ड के कार्यकाल में हर घर जल योजना को मंजूरी दी गई थी। करीब 17 करोड़ धनराशि शासन द्वारा अवमुक्त की जा चुकी है। -अरुण कुमार, अधिशासी अधिकारी, धनौरा
हर घर जल योजना सरकार की महत्वपूर्ण योजना है। धनौरा में ओवरहेड टैंक निर्माण के लिए प्रशासन से भूमि की मांग की गई है। -योगेंद्र सिंह, सहायक अभियंता जल निगम