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Amroha News: वित्तीय अनियमितता पर अल्लीपुर के प्रधान के अधिकार सीज
Thu, 19 Jun 2025 02:06 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Thu, 19 Jun 2025 02:06 AM IST
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अमरोहा। ग्रामीणों की शिकायत के बाद हुई जांच में हसनपुर की अल्लीपुर खादर की ग्राम प्रधान वित्तीय अनियमितताओं की दोषी मिली हैं। सड़क निर्माण के लिए हुए कार्य में उनके द्वारा देवर ससुर के खातों में ही मजदूरी व मिट्टी भराव का पैसा भेजा गया।
जांच के बाद प्रधान चार मामलों में दोषी पाई हैं। इसके बाद डीएम ने प्रधान विमलेश के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकारी सीज करते हुए अंतिम जांच परियोजना निदेशक व लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को सौंप दी है।
हसनपुर ब्लाॅक के गांव अल्लीपुर खादर गांव निवासी नंदराम, मूलचंद, मेघराज आदि ग्रामीणों ने डीएम को शिकायतीपत्र देते हुए जांच कर कार्रवाई की मांग की थी। ग्रामीणों की शिकायत पर डीएम ने डीसीओ व एई आरईडी को सौंपी थी। डीएम के आदेश पर टीम ने गांव में पहुंचकर आरोपों की जांच की थी।
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जांच में सामने आया कि ग्राम पंचायत में प्रधान ने बनवारी के मकान से छत्रपाल के मकान तक इंटरलाकिंग टाइल्स के कार्य में अवशेष ईंटों का स्टाक रजिस्टर में कोई विवरण अंकित न कर अवशेष ईंटों पर 24,398 रुपये की वित्तीय अनियमितता करने, अपने देवर गौरव से ट्रैक्टर-ट्राॅली से मिट्टी भराव कराकर 16,800 रुपये व अपने ससुर अशोक कुमार की मजदूरी दर्शाकर 3,575 रुपये का दुरुपयोग किया गया है।
कुल शासकीय धनराशि 44,773 रुपये का दुरुपयोग किया गया है। प्रधान के पारिवारिक सदस्यों के द्वारा जांच टीम के सदस्यों को झूठे केस में फंसाने की धमकी देने व अभद्रता करने और जानबूझकर सरकारी कार्य में व्यवधान उत्पन्न किया गया। पंचायत में गोशाला निरीक्षण में गोशाला का गेट बाहर से बंद मिला और उसमें गंदगी पाई गई। केयर टेकर भी उपस्थित नहीं मिला। पशुओं के लिए हरा चारा भी उपलब्ध नहीं था। भूसा भी खुले स्थान पर रखा मिला।
- डीएम ने जारी किया था नोटिस
प्रधान को समिति ने 44773 रुपये शासकीय धनराशि के दुरुपयोग का दोषी पाया। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम ने प्रधान को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। तलब किए गए स्पष्टीकरण से डीएम संतुष्ट नहीं हुई। जिसके बाद उन्होंने प्रधान के समस्त वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों को सीज कर दिया। मामले की अंतिम जांच परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास विभाग व अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग को सौंपी है। डीपीआरओ पारूल सिसोदिया ने बताया कि ग्राम प्रधान विमलेश के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए गए हैं।
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जांच के बाद प्रधान चार मामलों में दोषी पाई हैं। इसके बाद डीएम ने प्रधान विमलेश के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकारी सीज करते हुए अंतिम जांच परियोजना निदेशक व लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को सौंप दी है।
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हसनपुर ब्लाॅक के गांव अल्लीपुर खादर गांव निवासी नंदराम, मूलचंद, मेघराज आदि ग्रामीणों ने डीएम को शिकायतीपत्र देते हुए जांच कर कार्रवाई की मांग की थी। ग्रामीणों की शिकायत पर डीएम ने डीसीओ व एई आरईडी को सौंपी थी। डीएम के आदेश पर टीम ने गांव में पहुंचकर आरोपों की जांच की थी।
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जांच में सामने आया कि ग्राम पंचायत में प्रधान ने बनवारी के मकान से छत्रपाल के मकान तक इंटरलाकिंग टाइल्स के कार्य में अवशेष ईंटों का स्टाक रजिस्टर में कोई विवरण अंकित न कर अवशेष ईंटों पर 24,398 रुपये की वित्तीय अनियमितता करने, अपने देवर गौरव से ट्रैक्टर-ट्राॅली से मिट्टी भराव कराकर 16,800 रुपये व अपने ससुर अशोक कुमार की मजदूरी दर्शाकर 3,575 रुपये का दुरुपयोग किया गया है।
कुल शासकीय धनराशि 44,773 रुपये का दुरुपयोग किया गया है। प्रधान के पारिवारिक सदस्यों के द्वारा जांच टीम के सदस्यों को झूठे केस में फंसाने की धमकी देने व अभद्रता करने और जानबूझकर सरकारी कार्य में व्यवधान उत्पन्न किया गया। पंचायत में गोशाला निरीक्षण में गोशाला का गेट बाहर से बंद मिला और उसमें गंदगी पाई गई। केयर टेकर भी उपस्थित नहीं मिला। पशुओं के लिए हरा चारा भी उपलब्ध नहीं था। भूसा भी खुले स्थान पर रखा मिला।
- डीएम ने जारी किया था नोटिस
प्रधान को समिति ने 44773 रुपये शासकीय धनराशि के दुरुपयोग का दोषी पाया। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम ने प्रधान को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। तलब किए गए स्पष्टीकरण से डीएम संतुष्ट नहीं हुई। जिसके बाद उन्होंने प्रधान के समस्त वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों को सीज कर दिया। मामले की अंतिम जांच परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास विभाग व अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग को सौंपी है। डीपीआरओ पारूल सिसोदिया ने बताया कि ग्राम प्रधान विमलेश के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए गए हैं।