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Amroha News: खुदकुशी के बाद प्रधानाध्यापक का कमरा सील, दर्ज होंगे साथियों के बयान
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गजरौला (अमरोहा)।
सुल्तानठेर के कंपोजिट विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजीव कुमार द्वारा की गई आत्महत्या से शिक्षक और बच्चे अभी तक सहमे हैं। ग्रामीण भी हैरान हैं। बुधवार को गमगीन माहौल में स्कूल में गांधी जयंती मनाई गई। गिने चुने बच्चे ही कार्यक्रम में पहुंचे। उधर, ग्रामीणों की मौजूदगी में शिक्षकों ने शोकसभा कर प्रधानाध्यापक की मौत पर दुख जताया। मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए कार्रवाई की मांग भी की।
गजरौला के सैफीनगर मोहल्ला निवासी संजीव कुमार सुल्तानठेर के कंपोजिट विद्यालय प्रधानाध्यापक थे। मंगलवार सुबह वह समय से पहले ही स्कूल पहुंच गए थे। इसके बाद उन्होंने स्कूल में अपने ही कक्ष में मेज पर खड़े होकर छत में लगी कुंदे में प्लास्टिक की रस्सी के सहारे फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली थी। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। सुबह 8:30 बजे विद्यालय में ही तैनात सहायक अध्यापक प्रदीप सिरोही स्कूल पहुंचे तो घटना की जानकारी हुई। घटना की सूचना पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भी टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे।
अधिकारियों को मेज से सुसाइड नोट मिला था। जिसमें उन्होंने स्कूल में तैनात सहायक अध्यापक राघवेंद्र सिंह व उनकी पत्नी सरिता सिंह पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था। बीएसए की इसमें भूमिका बताई थी। उनके उत्पीड़न से परेशान होकर उन्होंने आत्महत्या करने की बात लिखी थी। सुसाइड नोट में शिक्षक दंपती की जांच सीबीआई से कराने की बात लिखी है। साथ ही रजिस्टर में 18 पेज का सुसाइड नोट होने की बात लिखी थी। मामले में पुलिस ने शिक्षक दंपती व बीएसए के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। वहीं, डीएम निधि गुप्ता वत्स ने एडीएम न्यायिक की अध्यक्षता में चार सदस्यीय टीम बनाई। उधर, घटना के बाद से गांव में माहौल गमगीन है। बुधवार गांधी व शास्त्री की जयंती पर विद्यालय में शिक्षक पहुंचे, लेकिन बच्चों की संख्या बहुत कम रही। गमगीन माहौल में जयंती मनाई गई। कार्यक्रम के बाद ग्रामीण मेवा राम, धनीराम, रोहताश, नेपाल, राजकुमार, विजय पाल स्कूल पहुंचे। यहां शिक्षकों के साथ शोक सभा की।
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स्कूल का कमरा सील, सहमे हैं शिक्षक
घटना के बाद पुलिस ने उस कमरे को सील कर दिया है, जिसमें प्रधानाध्यापक ने फांसी लगाई। स्कूल में भी माहौल अलग तरह का है। बच्चों के साथ शिक्षक भी सहमे हुए हैं। हालांकि, सभी की नजर पुलिस की जांच पर टीकी हुई है। उनका कहना है कि मामले में निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।
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संबंधित शिक्षकों व अन्य के बयान दर्ज करेगी जांच टीम
प्रधानाध्यापक की आत्महत्या के मामले में पुलिस और प्रशासनिक स्तर से जांच शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि डीएम द्वारा गठित टीम सुसाइड नोट के आधार पर हर एंगल पर जांच करेगी। इसके लिए संबंधित शिक्षक व अन्य अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगी।
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टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक प्रधानाध्यापक द्वारा लिखे सुसाइड नोट के आरोपों की गहनता से जांच हो रही है। इसमें संबंधित शिक्षकों व बीएसए के अलावा अन्य स्टाफ के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। मामले में निष्पक्ष जांच की जाएगी। माया शंकर यादव, एडीएम न्यायिक।
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सुल्तानठेर के कंपोजिट विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजीव कुमार द्वारा की गई आत्महत्या से शिक्षक और बच्चे अभी तक सहमे हैं। ग्रामीण भी हैरान हैं। बुधवार को गमगीन माहौल में स्कूल में गांधी जयंती मनाई गई। गिने चुने बच्चे ही कार्यक्रम में पहुंचे। उधर, ग्रामीणों की मौजूदगी में शिक्षकों ने शोकसभा कर प्रधानाध्यापक की मौत पर दुख जताया। मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए कार्रवाई की मांग भी की।
गजरौला के सैफीनगर मोहल्ला निवासी संजीव कुमार सुल्तानठेर के कंपोजिट विद्यालय प्रधानाध्यापक थे। मंगलवार सुबह वह समय से पहले ही स्कूल पहुंच गए थे। इसके बाद उन्होंने स्कूल में अपने ही कक्ष में मेज पर खड़े होकर छत में लगी कुंदे में प्लास्टिक की रस्सी के सहारे फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली थी। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। सुबह 8:30 बजे विद्यालय में ही तैनात सहायक अध्यापक प्रदीप सिरोही स्कूल पहुंचे तो घटना की जानकारी हुई। घटना की सूचना पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भी टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे।
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अधिकारियों को मेज से सुसाइड नोट मिला था। जिसमें उन्होंने स्कूल में तैनात सहायक अध्यापक राघवेंद्र सिंह व उनकी पत्नी सरिता सिंह पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था। बीएसए की इसमें भूमिका बताई थी। उनके उत्पीड़न से परेशान होकर उन्होंने आत्महत्या करने की बात लिखी थी। सुसाइड नोट में शिक्षक दंपती की जांच सीबीआई से कराने की बात लिखी है। साथ ही रजिस्टर में 18 पेज का सुसाइड नोट होने की बात लिखी थी। मामले में पुलिस ने शिक्षक दंपती व बीएसए के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। वहीं, डीएम निधि गुप्ता वत्स ने एडीएम न्यायिक की अध्यक्षता में चार सदस्यीय टीम बनाई। उधर, घटना के बाद से गांव में माहौल गमगीन है। बुधवार गांधी व शास्त्री की जयंती पर विद्यालय में शिक्षक पहुंचे, लेकिन बच्चों की संख्या बहुत कम रही। गमगीन माहौल में जयंती मनाई गई। कार्यक्रम के बाद ग्रामीण मेवा राम, धनीराम, रोहताश, नेपाल, राजकुमार, विजय पाल स्कूल पहुंचे। यहां शिक्षकों के साथ शोक सभा की।
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स्कूल का कमरा सील, सहमे हैं शिक्षक
घटना के बाद पुलिस ने उस कमरे को सील कर दिया है, जिसमें प्रधानाध्यापक ने फांसी लगाई। स्कूल में भी माहौल अलग तरह का है। बच्चों के साथ शिक्षक भी सहमे हुए हैं। हालांकि, सभी की नजर पुलिस की जांच पर टीकी हुई है। उनका कहना है कि मामले में निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।
संबंधित शिक्षकों व अन्य के बयान दर्ज करेगी जांच टीम
प्रधानाध्यापक की आत्महत्या के मामले में पुलिस और प्रशासनिक स्तर से जांच शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि डीएम द्वारा गठित टीम सुसाइड नोट के आधार पर हर एंगल पर जांच करेगी। इसके लिए संबंधित शिक्षक व अन्य अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगी।
टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक प्रधानाध्यापक द्वारा लिखे सुसाइड नोट के आरोपों की गहनता से जांच हो रही है। इसमें संबंधित शिक्षकों व बीएसए के अलावा अन्य स्टाफ के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। मामले में निष्पक्ष जांच की जाएगी। माया शंकर यादव, एडीएम न्यायिक।