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महबूब मेरे! बड़े नोटों का चक्कर नहीं तो यह भीड़ क्यों लगी है

Mon, 14 Nov 2016 11:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा Updated Mon, 14 Nov 2016 11:53 PM IST
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after note ban, crowed was coming at cabinet minister mahboob ali home
अमरोहा में कैबिनेट मंत्री महबूब अली के आवास और कैंप कार्यालय पर सोमवार को प्रेस कांफ्रेस से पहले करीब 12 बजे पुलिस‌कर्मियों से बात करतीं महिलाएं। अमर उजाला - फोटो : amar ujala
चार- पांच दिनों से अचानक रेशम एवं वस्त्र उद्योग विभाग के कैबिनेट मंत्री महबूब अली के आवास पर बढ़ी बुर्कानशीं महिलाओं की भीड़ जुट रही है। उनके हाथ में राशन कार्ड और अन्य दस्तावेज है। शहर के लोग इसे हजार-पांच सौ के नोटों की बंदी के खेल से जोड़ कर देख रहे हैं। जबकि मंत्री महबूब अली का कहना है कि वह गरीबों के राशन कार्ड बनाने के लिए संस्तुति के लिए मुहर लगा रहे हैं।  पूर्ति विभाग का कहना है कि माननीय को संस्तुति करने का न तो अधिकार है, न ही कोई भी फार्म आज तक उनके पास नहीं आया।
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कैबिनेट मंत्री महबूब अली के आजाद मार्ग स्थित घर के बाहर आजकल बुर्कानशीं महिलाओं का पिछले चार-पांच दिन से जमावड़ा लग रहा है।  सोमवार को भी उनके घर पर महिलाओं का जमघट था। भीड़ को देखकर उन्होंने पुलिस बुलाई थी। महिला कांस्टेबलों से गेट पर ही महिलाओं की नोकझोंक भी हो रही थी। सबको महिला सिपाही समझाकर भेज रहीं थीं, मगर कोई सुनने को तैयार नहीं था।
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शाम तक यही ड्रामा उनके गेट पर था। महिलाओं के हाथ में राशन कार्ड और अन्य दस्तावेज होते हैं। उनका कहना है कि, यहां फार्म पर मुहर लगाई जाती है। कभी कभार जाम जैसे हालात बन जाते हैं। इस संबंध में कैबिनेट मंत्री का कहना है कि वह राशन कार्ड के फार्म भरवाकर संस्तुति कर रहे हैं, लेकिन जवाब भी हैरत में डाल रहा है जब जब कार्ड बन ही नहीं रहे तो संस्तुति कैसी। 
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क्या बोले मंत्रीजी
नेताओं के बारे में तरह-तरह की चर्चाएं तो चलती रहती हैं, लेकिन कोई सुबूत तो दिखाए। गरीब तबके के कुछ लोगों के अभी तक राशन कार्ड नहीं बन सके हैं, उनके फार्मों की संस्तुति की जा रही है, जिससे जल्द ही राशन कार्ड बन सकें और उनको उसका लाभ मिल सके।महबूब अली, कैबिनेट मंत्री

क्या बोले अफसर
मंत्री जी की संस्तुति किए हुए फार्म विभाग को प्राप्त नहीं हुए हैं। मौजूदा समय में राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया बंद है। किसी भी माननीय को राशन कार्ड बनाने की संस्तुति का कोई अधिकार नहीं है। राघवेंद्र सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी

एक दिन पहले क्या बोली महिला
एक दिन पहले भीड़ में शामिल महिला ने अपना नाम बता दिया, मगर जैसे ही पता चला कि मीडियावाले पूछ रहे हैं उसने पता बताने से इंकार कर दिया। हालांकि उसकी बातें चौंकाने के लिए काफी थी। उसका कहना था कि राशन कार्ड बनवाना है तो मंत्री के घर पर मुहर लग रही है। वही बनवाएंगे और एक पर्ची भी देंगे। मोबाइल पर मैसेज भी दिया गया था। अब आकर खड़े हैं तो गेट बंद है।

पांच दिन से बढ़ी भीड़ से लोग हैरान
अचानक मंत्री के घर बढ़ी भीड़ ने लोगों को हैरान कर दिया है। तमाम तरह की अटकलें लग रही हैं। अब सोमवार को कैबिनेट मंत्री ने प्रेस वार्ता बुलाई तो गेट पर भीड़ कैसे लगती है के सवाल पर उन्होंने कहा कि कई गरीब और बेसहारा महिलाएं ऐसी रह गईं हैं जिनके राशन कार्ड नहीं बन पाए हैं। राशन के लिए इधर उधर घूमती रहती हैं। 

वह यहां आती हैं तो उनके फार्म भरवाकर संस्तुति की जाती है, ताकि जल्द से जल्द राशन कार्ड बन जाए। इसके अलावा कुछ नहीं है। सोचने की बात ये है कि पूर्ति विभाग के अफसर इस समय जनपद भर में राशन कार्ड बनने की बात से ही इंकार कर रहे हैं। कहते हैं कि कोई कार्ड मौजूदा समय में नहीं बन रहा है।


न ही कैबिनेट मंत्री की संस्तुति किए फार्म विभागीय कार्यालय तक आ रहे हैं। ये कार्ड कहां जा रहे हैं, इसकी जानकारी तो महिलाएं ही बता सकती हैं। बहरहाल सोमवार को भी उनके घर पर महिलाओं का जमघट था। भीड़ को देखकर उन्होंने पुलिस बुलाई थी। महिला कांस्टेबलों से गेट पर ही महिलाओं की नोकझोंक भी हो रही थी। सबको महिला सिपाही समझाकर भेज रहीं थीं, मगर कोई सुनने को तैयार नहीं था। शाम तक यही ड्रामा उनके गेट पर था।

 
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