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रिटायरमेंट के बाद भी कराई नौकरी, देते रहे सैलरी
राहुल शर्मा/अमर उजाला अमरोहा
Updated Sun, 25 Sep 2016 01:14 AM IST
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बिजली विभाग में अफसरों का कारनामा सामने आया है। रिटायरमेंट की तारीख बीतने के बाद भी अफसर एक महिला कर्मी से साल भर नौकरी कराते रहे। जून 2015 में उसको सेवानिवृत्त हो जाना चाहिए था, सर्विस बुक में इंक्रीमेंट लगाया है।
दूसरे इंक्रीमेंट लगाते समय बाबू की पकड़ में मामला आते ही अफसरों में खलबली मच गई। बगैर नोटिस दिए उन्होंने महिला कर्मी को कार्य करने से रोक दिया है। पूरे खेल पर अब अफसर लीपापोती को तरकीब भिड़ा रहे हैं, लेकिन पीड़िता ने एमडी से मसले की शिकायत की है।
देहात थाना क्षेत्र के गांव कैलसा निवासी किशवरी बेगम पत्नी स्व. छोटे खां बिजली विभाग की अमरोहा डिवीजन में बतौर कुली के पद पर कार्यरत थी। 30 जून 2015 को वह अपने पद से सेवानिवृत्त हो गई थी, लेकिन अफसरों ने उसको रिटायर नहीं किया। आंखें मूंदकर बैठे अधिकारियों ने इंक्रीमेंट लगाकर उसकी सर्विस को आगे बढ़ा दिया।
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वह रोज की तरह विभाग में नौकरी करने आती रही और तनख्वाह पाती रही। 30 जून 2016 तक उसने सैलरी पाई, लेकिन जब वर्ष 2016 का इंक्रीमेंट लगाने के लिए अधीक्षण अभियंता कार्यालय से एक बाबू एक्सईएन दफ्तर पहुंचा तो उनकी सर्विस बुक देखकर दंग रह गया। रिटायरमेंट की तारीख बीत चुकी थी। बावजूद इसके महिला कर्मी से नौकरी कराकर वेतन दिया जा रहा था।
यह खेल सामने आते ही अफसरों के चेहरे की रंगत उड़ गई। 4 अगस्त 2016 को जब महिला कर्मी कार्यालय पहुंची तो अधिकारियों ने उसको मौखिक रूप से बताया कि वह 30 जून 2015 को कुली पद से सेवानिवृत्त हो चुकी है। इसलिए जुलाई का वेतन नहीं मिलेगा। यह सुनकर वह दंग रह गई। बगैर नोटिस उसको दफ्तर से लौटा दिया गया।
साल भर का वेतन और अपनी गलती को कैसे छिपाया जाए, बस इसी जुगाड़ में अधिकारी व कर्मचारी जुटे हैं। इधर पीड़िता ने एमडी तक से मामले की शिकायत की है और जुलाई 2016 तक का वेतन मांगा है। मामले में दोषी कर्मचारियों व अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
4 अगस्त 2016 को कार्यालय ड्यूटी करने गई तो मौखिक तौर पर मुझे बताया गया कि 30 जून 2015 में सेवानिवृत्त हो चुकी हैं। अब कार्य पर नहीं आना। इससे पहले नोटिस मिलना चाहिए था, लेकिन नहीं दिया। साल भर ड्यूटी की तो वेतन भी मिलता रहा। खुद की गलती है, मगर जबरन मुझे कसूरवार ठहराने में लगे हैं। अधिकारियों से शिकायत की गई है।किशवरी बेगम, पीड़ित महिला कर्मी
एक्सईएन ने कहा, नो कमेंट
किशवरी बेगम का क्या मसला है और किसकी गलती है। इसके बारे में पूछने पर एक्सईएन दीपक अग्रवाल ने स्पष्ट कह दिया कि नो कमेंट्स। मैं कुछ नहीं बता सकता।
साल भर का वेतन जमा करो, वरना जाओगी जेल
अमरोहा। उल्टा चोर कोतवाल को डांटे, जी हां, यह कहावत बिजली अफसरों व कर्मचारियों पर सटीक बैठती है। अपनी गलती पर पर्दा डालने की बजाय अफसर महिला कर्मी को ही धमकाने में जुट गए हैं। कह रहे हैं कि उसने साल भर का वेतन ज्यादा लिया है। अगर नहीं जमा करेगी तो उसको जेल भिजवा दिया जाएगा। उसकी वसूली पीएफ खाते या ग्रेच्युटी से कराई जाएगी। जब वह पेंशन बनवाने के लिए गई तब भी अधिकारियों ने यही धमकी दी। पीड़िता ने पेंशन आदि दिलवाने की मांग भी की है।
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दूसरे इंक्रीमेंट लगाते समय बाबू की पकड़ में मामला आते ही अफसरों में खलबली मच गई। बगैर नोटिस दिए उन्होंने महिला कर्मी को कार्य करने से रोक दिया है। पूरे खेल पर अब अफसर लीपापोती को तरकीब भिड़ा रहे हैं, लेकिन पीड़िता ने एमडी से मसले की शिकायत की है।
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देहात थाना क्षेत्र के गांव कैलसा निवासी किशवरी बेगम पत्नी स्व. छोटे खां बिजली विभाग की अमरोहा डिवीजन में बतौर कुली के पद पर कार्यरत थी। 30 जून 2015 को वह अपने पद से सेवानिवृत्त हो गई थी, लेकिन अफसरों ने उसको रिटायर नहीं किया। आंखें मूंदकर बैठे अधिकारियों ने इंक्रीमेंट लगाकर उसकी सर्विस को आगे बढ़ा दिया।
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वह रोज की तरह विभाग में नौकरी करने आती रही और तनख्वाह पाती रही। 30 जून 2016 तक उसने सैलरी पाई, लेकिन जब वर्ष 2016 का इंक्रीमेंट लगाने के लिए अधीक्षण अभियंता कार्यालय से एक बाबू एक्सईएन दफ्तर पहुंचा तो उनकी सर्विस बुक देखकर दंग रह गया। रिटायरमेंट की तारीख बीत चुकी थी। बावजूद इसके महिला कर्मी से नौकरी कराकर वेतन दिया जा रहा था।
यह खेल सामने आते ही अफसरों के चेहरे की रंगत उड़ गई। 4 अगस्त 2016 को जब महिला कर्मी कार्यालय पहुंची तो अधिकारियों ने उसको मौखिक रूप से बताया कि वह 30 जून 2015 को कुली पद से सेवानिवृत्त हो चुकी है। इसलिए जुलाई का वेतन नहीं मिलेगा। यह सुनकर वह दंग रह गई। बगैर नोटिस उसको दफ्तर से लौटा दिया गया।
साल भर का वेतन और अपनी गलती को कैसे छिपाया जाए, बस इसी जुगाड़ में अधिकारी व कर्मचारी जुटे हैं। इधर पीड़िता ने एमडी तक से मामले की शिकायत की है और जुलाई 2016 तक का वेतन मांगा है। मामले में दोषी कर्मचारियों व अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
4 अगस्त 2016 को कार्यालय ड्यूटी करने गई तो मौखिक तौर पर मुझे बताया गया कि 30 जून 2015 में सेवानिवृत्त हो चुकी हैं। अब कार्य पर नहीं आना। इससे पहले नोटिस मिलना चाहिए था, लेकिन नहीं दिया। साल भर ड्यूटी की तो वेतन भी मिलता रहा। खुद की गलती है, मगर जबरन मुझे कसूरवार ठहराने में लगे हैं। अधिकारियों से शिकायत की गई है।किशवरी बेगम, पीड़ित महिला कर्मी
एक्सईएन ने कहा, नो कमेंट
किशवरी बेगम का क्या मसला है और किसकी गलती है। इसके बारे में पूछने पर एक्सईएन दीपक अग्रवाल ने स्पष्ट कह दिया कि नो कमेंट्स। मैं कुछ नहीं बता सकता।
साल भर का वेतन जमा करो, वरना जाओगी जेल
अमरोहा। उल्टा चोर कोतवाल को डांटे, जी हां, यह कहावत बिजली अफसरों व कर्मचारियों पर सटीक बैठती है। अपनी गलती पर पर्दा डालने की बजाय अफसर महिला कर्मी को ही धमकाने में जुट गए हैं। कह रहे हैं कि उसने साल भर का वेतन ज्यादा लिया है। अगर नहीं जमा करेगी तो उसको जेल भिजवा दिया जाएगा। उसकी वसूली पीएफ खाते या ग्रेच्युटी से कराई जाएगी। जब वह पेंशन बनवाने के लिए गई तब भी अधिकारियों ने यही धमकी दी। पीड़िता ने पेंशन आदि दिलवाने की मांग भी की है।