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डेंगू-बुखार से अब छह ने जान गंवाई
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Thu, 13 Oct 2016 12:53 AM IST
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- फोटो : Getty Images
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जानलेवा बुखार ने जिले में छात्र समेत पांच लोगों की जिंदगियां निगल लीं। एक ने मेरठ तो दूसरे ने मुरादाबाद अस्पताल में दम तोड़ दिया। जोया में एक वृद्धा की मौत हो गई। उधर, उझारी में बुखार से एक मासूम बच्ची तो हसनपुर क्षेत्र के गंगवार में एक अधेड़ की जान चली गई।
डिडौली गांव का रहने वाला पवन कुमार सैनी (27) पुत्र गुलाब सिंह अब्दुल रज्जाक डिग्री कालेज में बीए तृतीय वर्ष का छात्र था। 26 अगस्त को वह आबकारी पुलिस की परीक्षा देकर आया था, जिसके बाद बुखार की चपेट में आ गया।
परिजनों ने उसको नाजुक हालत में पहले मुरादाबाद के विवेकानंद अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन यहां हालत में सुधार नहीं हुआ तो डाक्टरों ने मेरठ के ओम ट्रामा न्यूरो अस्पताल रेफर कर दिया। जहां इलाज के दौरान रात दो बजे उसकी मौत हो गई।
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खबर सुनते ही परिजन रोने बिलखने लगे। मृतक के पिता के अलावा मां सुनीता, बहन गुड़िया, भाई पिंटू भी बुखार की चपेट में हैं और निजी चिकित्सक से इलाज चल रहा है। उधर गांव की निवासी केला देवी (56) पत्नी खेमपाल को तीन दिन पहले बुखार आया था, जिस पर उसकी हालत बिगड़ गई थी। परिवार के लोगों ने उसको मुरादाबाद के प्राइवेट अस्पताल में दाखिल कराया था। जहां मंगलवार की सुबह उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
लाश घर पहुंचते ही परिजनों का रो रोकर हाल बेहाल हो गया। मृतक के दो बेटे व एक बेटी है। वहीं डिडौली कोतवाली क्षेत्र के गांव जोगीपुरा निवासी फूलवती (70) पत्नी स्व.निहाल सिंह को सप्ताह भर पहले बुखार आया था, जिस पर परिवार के लोगों ने दवाई दिलाई थी। कई दिन दवाई खाने के बाद भी उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद परिजनों ने उसको निजी चिकित्सक के यहां भर्ती करा दिया।
बताते हैं कि मंगलवार की शाम करीब पांच बजे अस्पताल में ही उसकी मौत हो गई। उधर, हसनपुर के कस्बा उझारी के मोहल्ला सादात निवासी नाजिम की पुुत्री तूबा (6) को कई दिनों से बुखार आ रहा था। प्राइवेट डाक्टर से उपचार कराने के बाद भी हालत में सुधार नहीं हुआ, तो संभल ले जाया गया।
बुधवार को संभल के डाक्टर ने भी तूबा को मेरठ के लिए रेफर कर दिया। बताया जाता है कि रास्ते में ही तूबा की मौत हो गई। वहीं क्षेत्र के गांव गंगवार निवासी बन्ने शाह (55) को दो दिन से बुखार आ रहा था। हसनपुर से उपचार कराया गया। बुधवार शाम को बन्नेशाह की मौत हो गई।
परिजनों में कोहराम मचा है।
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डिडौली गांव का रहने वाला पवन कुमार सैनी (27) पुत्र गुलाब सिंह अब्दुल रज्जाक डिग्री कालेज में बीए तृतीय वर्ष का छात्र था। 26 अगस्त को वह आबकारी पुलिस की परीक्षा देकर आया था, जिसके बाद बुखार की चपेट में आ गया।
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परिजनों ने उसको नाजुक हालत में पहले मुरादाबाद के विवेकानंद अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन यहां हालत में सुधार नहीं हुआ तो डाक्टरों ने मेरठ के ओम ट्रामा न्यूरो अस्पताल रेफर कर दिया। जहां इलाज के दौरान रात दो बजे उसकी मौत हो गई।
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खबर सुनते ही परिजन रोने बिलखने लगे। मृतक के पिता के अलावा मां सुनीता, बहन गुड़िया, भाई पिंटू भी बुखार की चपेट में हैं और निजी चिकित्सक से इलाज चल रहा है। उधर गांव की निवासी केला देवी (56) पत्नी खेमपाल को तीन दिन पहले बुखार आया था, जिस पर उसकी हालत बिगड़ गई थी। परिवार के लोगों ने उसको मुरादाबाद के प्राइवेट अस्पताल में दाखिल कराया था। जहां मंगलवार की सुबह उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
लाश घर पहुंचते ही परिजनों का रो रोकर हाल बेहाल हो गया। मृतक के दो बेटे व एक बेटी है। वहीं डिडौली कोतवाली क्षेत्र के गांव जोगीपुरा निवासी फूलवती (70) पत्नी स्व.निहाल सिंह को सप्ताह भर पहले बुखार आया था, जिस पर परिवार के लोगों ने दवाई दिलाई थी। कई दिन दवाई खाने के बाद भी उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद परिजनों ने उसको निजी चिकित्सक के यहां भर्ती करा दिया।
बताते हैं कि मंगलवार की शाम करीब पांच बजे अस्पताल में ही उसकी मौत हो गई। उधर, हसनपुर के कस्बा उझारी के मोहल्ला सादात निवासी नाजिम की पुुत्री तूबा (6) को कई दिनों से बुखार आ रहा था। प्राइवेट डाक्टर से उपचार कराने के बाद भी हालत में सुधार नहीं हुआ, तो संभल ले जाया गया।
बुधवार को संभल के डाक्टर ने भी तूबा को मेरठ के लिए रेफर कर दिया। बताया जाता है कि रास्ते में ही तूबा की मौत हो गई। वहीं क्षेत्र के गांव गंगवार निवासी बन्ने शाह (55) को दो दिन से बुखार आ रहा था। हसनपुर से उपचार कराया गया। बुधवार शाम को बन्नेशाह की मौत हो गई।
परिजनों में कोहराम मचा है।