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उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ने पर मुख्यालयों को 20 घंटे बिजली
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Mon, 25 Apr 2016 12:58 AM IST
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बिजली संकट
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अमरोहा। मुरादाबाद मंडल के जिलों समेत पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के पूरे क्षेत्र में जल्द ही लोगों को ओवरलोडिंग से बत्ती गुल होने, तार टूटने, अघोषित कटौती और ट्रिपिंग आदि समस्याओं से निजात मिलेगी।
इसके लिए 33केवीए के उपकेंद्रों की क्षमतावृद्धि होगी, पुराने तार बदले जाएंगे और नए-उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। इसके बाद जिला मुख्यालयों पर 20 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो जाएगी। इसके लिए क्षेत्र में खर्च होने वाले 177 करोड़ में से 127 करोड़ रुपये अवमुक्त भी हो गए हैं। जुलाई तक क्षमतावृद्धि का कार्य भी पूरा हो जाएगा।
यह बातें रविवार को पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के तकनीकी निदेशक एके मित्तल ने प्रेसवार्ता में कही। वे डिडौली के डीएनएस में विद्युतकर्मियों के बीच खेले गए क्रिकेट मैच में उद्घाटन करने आए थे।
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कहा कि पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के अंतर्गत आने वाले जिलों में 177 करोड़ रुपये की लागत से 38 कार्यों के जरिए विद्युत आपूर्ति की हालत सुधारी जाएगी। क्षमता वृद्धि और पुराने तार बदलने का काम शुरू हो गया है। जुलाई तक सारा कार्य पूरा होने की उम्मीद है। इसमेें से 127 करोड़ रुपये अवमुक्त भी हो चुके हैं। 55 करोड़ रुपये मुरादाबाद मंडल के जिलों के हिस्से में आए हैं।
क्षमता वृद्धि के बाद ग्रामीण इलाकों को 14 घंटे, तहसील स्तरीय शहरों में 16 घंटे और जिला मुख्यालय वाले शहरों को 20 घंटे आपूर्ति दी जाएगी। 33केवीए के उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि हो जाने से ओवरलोड से छुटकारा मिलेगा। पुराने तार बदल जाने के बाद आए दिन तार टूटने के कारण होने वाली अघोषित कटौती से मुक्ति मिलेगी।
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इसके लिए 33केवीए के उपकेंद्रों की क्षमतावृद्धि होगी, पुराने तार बदले जाएंगे और नए-उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। इसके बाद जिला मुख्यालयों पर 20 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो जाएगी। इसके लिए क्षेत्र में खर्च होने वाले 177 करोड़ में से 127 करोड़ रुपये अवमुक्त भी हो गए हैं। जुलाई तक क्षमतावृद्धि का कार्य भी पूरा हो जाएगा।
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यह बातें रविवार को पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के तकनीकी निदेशक एके मित्तल ने प्रेसवार्ता में कही। वे डिडौली के डीएनएस में विद्युतकर्मियों के बीच खेले गए क्रिकेट मैच में उद्घाटन करने आए थे।
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कहा कि पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के अंतर्गत आने वाले जिलों में 177 करोड़ रुपये की लागत से 38 कार्यों के जरिए विद्युत आपूर्ति की हालत सुधारी जाएगी। क्षमता वृद्धि और पुराने तार बदलने का काम शुरू हो गया है। जुलाई तक सारा कार्य पूरा होने की उम्मीद है। इसमेें से 127 करोड़ रुपये अवमुक्त भी हो चुके हैं। 55 करोड़ रुपये मुरादाबाद मंडल के जिलों के हिस्से में आए हैं।
क्षमता वृद्धि के बाद ग्रामीण इलाकों को 14 घंटे, तहसील स्तरीय शहरों में 16 घंटे और जिला मुख्यालय वाले शहरों को 20 घंटे आपूर्ति दी जाएगी। 33केवीए के उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि हो जाने से ओवरलोड से छुटकारा मिलेगा। पुराने तार बदल जाने के बाद आए दिन तार टूटने के कारण होने वाली अघोषित कटौती से मुक्ति मिलेगी।