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जमीन की प्लाटिंग करने वालों पर मास्टर प्लान का शिकंजा
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अमरोहा। जमीन की अवैध प्लॉटिंग करने वालों पर नियत प्राधिकारी की नजरें टेढ़ी हो गई है। विनियमित क्षेत्र में लगभग 20 ऐसे भूखंड हैं, जिन्होंने प्लॉटिंग का नक्शा नहीं पास कराया है। धड़ल्ले से जमीन के टुकड़ों का बैनामा कराने में जुटे हैं। इसके तहत प्लाटिंग की निशानदेही वाले अवैध विकास कार्य ध्वस्त कराए जाएंगे। इसके लिए 28 जून की डेडलाइन तय की गई है। इसके चलते प्रॉपर्टी डीलिंग कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप है।
नगर क्षेत्र के चुंगी अंदर, नगर पंचायत जोया के अलावा 35 राजस्व गांव विनियमित क्षेत्र के दायरे में हैं। इसमें दिल्ली रोड की तरफ नारंगपुर, मुरादाबाद की तरफ हरियाणा, अहरोई का गैराबाद क्षेत्र, अतरासी रोड पर मिलक मेंढ़ी कलाली और नौगांवा सादात रोड पर अकबरपुर पट्टी आखिरी गांव हैं। शहर के चारों तरफ जमीन के कारोबार से जुड़े लोगों ने अवैध तरीके से जमीन की प्लाटिंग की है। नियत प्राधिकारी ने ऐसे भूखंड पर कार्रवाई का खाका तैयार कर लिया है। उनसे विकास कार्य को खुद हटाने की ताकीद की है। इसके लिए उन्होंने 28 जून तक की मोहलत दी है। दरअसल विनियमित क्षेत्र में जमीन की प्लाटिंग करने पर ले आउट पास कराना बाध्यकारी है इसके बगैर जमीन की खरीद फरोख्त गैरकानूनी है।
30 फीट चौड़ी सड़क और 15 प्रतिशत हिस्से में पार्क भी
अमरोहा। जमीन की प्लाटिंग करने वाले को भूखंड का बाकायदा ले आउट पास कराना होता है। इसके लिए उन्हें फीस समेत अन्य औपचारिकता पूरी करनी होती है। इसमें 15 प्रतिशत हिस्सा में पार्क भी जरूरी है। इसके अलावा 30 फीट चौड़ी सड़क होनी चाहिए। साथ ही बिजली, नाली और पानी का इंतजाम खुद करना होता है।
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गरीबों को कॉलोनी नहीं तो उतनी रकम करनी होती है जमा
अमरोहा। जमीन की प्लाटिंग में नियम बहुत सख्त हैं। इसमें गरीबों को भी भूखंड का 15 से 20 प्रतिशत तक हिस्सा देना होता है। ऐसा नहीं करने पर प्लॉटिंग करने वाले को उतनी कीमत का रकम जमा करना होता है। इस शेल्टर फीस को राजकोष में जमा हो जाती है।
इन जगहों पर है अवैध प्लाटिंग
अमरोहा। शहर के फाजलपुर रोड, पुष्कर नगर, जोया रोड, कैलसा बाईपास और अहरोई इलाके में कुछ लोगों ने अवैध तरीके से प्लाटिंग की है। इन लोगों को चेतावनी दी गई है यह लोग फाइल जमा कर दें वरना निर्माण कार्य ध्वस्त कराया जाएगा।
अवैध तरीके से भूखंड की प्लाटिंग करने वालों को चेतावनी दी गई है। विनियमित क्षेत्र में चारों तरफ कई लोगों ने भूखंड का चिह्नांकन करा लिया है। यह लोग 28 जून तक विकास कार्य को हटा लें। अन्यथा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी।
- इंद्रनंदन सिंह, नियत प्राधिकारी/एसडीएम सदर
नगर क्षेत्र के चुंगी अंदर, नगर पंचायत जोया के अलावा 35 राजस्व गांव विनियमित क्षेत्र के दायरे में हैं। इसमें दिल्ली रोड की तरफ नारंगपुर, मुरादाबाद की तरफ हरियाणा, अहरोई का गैराबाद क्षेत्र, अतरासी रोड पर मिलक मेंढ़ी कलाली और नौगांवा सादात रोड पर अकबरपुर पट्टी आखिरी गांव हैं। शहर के चारों तरफ जमीन के कारोबार से जुड़े लोगों ने अवैध तरीके से जमीन की प्लाटिंग की है। नियत प्राधिकारी ने ऐसे भूखंड पर कार्रवाई का खाका तैयार कर लिया है। उनसे विकास कार्य को खुद हटाने की ताकीद की है। इसके लिए उन्होंने 28 जून तक की मोहलत दी है। दरअसल विनियमित क्षेत्र में जमीन की प्लाटिंग करने पर ले आउट पास कराना बाध्यकारी है इसके बगैर जमीन की खरीद फरोख्त गैरकानूनी है।
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30 फीट चौड़ी सड़क और 15 प्रतिशत हिस्से में पार्क भी
अमरोहा। जमीन की प्लाटिंग करने वाले को भूखंड का बाकायदा ले आउट पास कराना होता है। इसके लिए उन्हें फीस समेत अन्य औपचारिकता पूरी करनी होती है। इसमें 15 प्रतिशत हिस्सा में पार्क भी जरूरी है। इसके अलावा 30 फीट चौड़ी सड़क होनी चाहिए। साथ ही बिजली, नाली और पानी का इंतजाम खुद करना होता है।
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गरीबों को कॉलोनी नहीं तो उतनी रकम करनी होती है जमा
अमरोहा। जमीन की प्लाटिंग में नियम बहुत सख्त हैं। इसमें गरीबों को भी भूखंड का 15 से 20 प्रतिशत तक हिस्सा देना होता है। ऐसा नहीं करने पर प्लॉटिंग करने वाले को उतनी कीमत का रकम जमा करना होता है। इस शेल्टर फीस को राजकोष में जमा हो जाती है।
इन जगहों पर है अवैध प्लाटिंग
अमरोहा। शहर के फाजलपुर रोड, पुष्कर नगर, जोया रोड, कैलसा बाईपास और अहरोई इलाके में कुछ लोगों ने अवैध तरीके से प्लाटिंग की है। इन लोगों को चेतावनी दी गई है यह लोग फाइल जमा कर दें वरना निर्माण कार्य ध्वस्त कराया जाएगा।
अवैध तरीके से भूखंड की प्लाटिंग करने वालों को चेतावनी दी गई है। विनियमित क्षेत्र में चारों तरफ कई लोगों ने भूखंड का चिह्नांकन करा लिया है। यह लोग 28 जून तक विकास कार्य को हटा लें। अन्यथा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी।
- इंद्रनंदन सिंह, नियत प्राधिकारी/एसडीएम सदर