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हसनपुर-धनौरा में 11 बाढ़ चौकियां स्थापित
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अमरोहा। डीएम बालकृष्ण त्रिपाठी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कर समय रहते आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं। बाढ़ केंद्रों को सक्रिय कर दिया जाए। प्रशासन ने जनपद में पुलिस की सात बाढ़ राहत चौकी समेत 11 बाढ़ चौकी स्थापित की हैं, जिनमें हसनपुर में छह और धनौरा में पांच चौकियां हैं।
रविवार को कैंप कार्यालय पर बाढ़ के संबंध में तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई, जिसमें डीएम ने कहा कि सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया जाए। बाढ़ से प्रभावित ग्रामों के लिए पर्याप्त नाव की व्यवस्था कर दी जाए। नाविकों के नाम, पूरा पता, मोबाइल नंबर लिया जाए और उन्हें सक्रिय कर दिया जाए। कहा कि प्रत्येक तहसील में बाढ़ खंड के लिए बनने वाला तहसील कंट्रोल रूम शीघ्र ही सक्रिय कर दिया जाए। वहां पर एक कर्मचारी की तैनाती भी कर दी जाए। संबंधित एसडीएम समय रहते सभी आवश्यक तैयारी पूरी करते हुए सुविधाएं उपलब्ध करा दें, जिससे लोगों को परेशानी न हो।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि पशुओं को भूसा, दवाओं आदि की उपलब्धता की जाए। बाढ़ आने के बाद लगने वाली वैक्सीन उपलब्ध होनी चाहिए। आटा, तेल, नमक, चावल, चना आदि आवश्यक खाद्य सामग्री के लिए टेंडर कर दिया जाए। समय रहते सभी तैयारियां पूरी कर ली जाए। कहा कि बाढ़ के संबंध में लापरवाही करने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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अपर जिलाधिकारी भगवान शरण ने बताया कि धनौरा तहसील के 22, हसनपुर के 12 ग्राम बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित होते हैं। जनपद में पुलिस की सात बाढ़ राहत चौकी समेत 11 बाढ़ चौकी स्थापित की गई हैं, जिनमें हसनपुर में छह और धनौरा में पांच चौकियां हैं। इस दौरान मुख्य रूप से एसडीएम हसनपुर, धनौरा, जिला पूर्ति अधिकारी पूरन सिंह, सीएमओ डॉ संजय अग्रवाल, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी आदि मौजूद रहे।
पुलिस की सात बाढ़ राहत चौकियों पर दो-दो पुुलिसकर्मी भी होंगे तैनात
गजरौला। पिछले कुछ दिनों से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे पानी आसपास के खेतों में भरने लगा है। जनपद में गंगा 86 किमी की लंबाई में प्रवाहित होती है। जनपद की धनौरा और हसनपुर तहसील क्षेत्र के 100 गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। पपसरा, तिगरी, रिंग बांध, मोहम्मदाबाद, दयावली, धौरिया में बाढ़ का खतरा अधिक रहता है। इस कारण बाढ़ खंड विभाग ने इनको अति संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है। इसलिए पुलिस की सात बाढ़ राहत चौकियां भी स्थापित कर दी गईं हैं। इसके अलावा प्रत्येक चौकी पर ड्रेगन लाइट, स्टीमटर, टायर-ट्यूब, रस्सी आदि उपकरण मुहैया करा दिए गए हैं, जिससे जरूरत पड़ने पर तत्काल मदद मुहैया कराई जा सके। इसके अलावा जनपद को एक कंपनी बाढ़ राहत पुलिस मिली है। संवाद
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रविवार को कैंप कार्यालय पर बाढ़ के संबंध में तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई, जिसमें डीएम ने कहा कि सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया जाए। बाढ़ से प्रभावित ग्रामों के लिए पर्याप्त नाव की व्यवस्था कर दी जाए। नाविकों के नाम, पूरा पता, मोबाइल नंबर लिया जाए और उन्हें सक्रिय कर दिया जाए। कहा कि प्रत्येक तहसील में बाढ़ खंड के लिए बनने वाला तहसील कंट्रोल रूम शीघ्र ही सक्रिय कर दिया जाए। वहां पर एक कर्मचारी की तैनाती भी कर दी जाए। संबंधित एसडीएम समय रहते सभी आवश्यक तैयारी पूरी करते हुए सुविधाएं उपलब्ध करा दें, जिससे लोगों को परेशानी न हो।
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मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि पशुओं को भूसा, दवाओं आदि की उपलब्धता की जाए। बाढ़ आने के बाद लगने वाली वैक्सीन उपलब्ध होनी चाहिए। आटा, तेल, नमक, चावल, चना आदि आवश्यक खाद्य सामग्री के लिए टेंडर कर दिया जाए। समय रहते सभी तैयारियां पूरी कर ली जाए। कहा कि बाढ़ के संबंध में लापरवाही करने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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अपर जिलाधिकारी भगवान शरण ने बताया कि धनौरा तहसील के 22, हसनपुर के 12 ग्राम बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित होते हैं। जनपद में पुलिस की सात बाढ़ राहत चौकी समेत 11 बाढ़ चौकी स्थापित की गई हैं, जिनमें हसनपुर में छह और धनौरा में पांच चौकियां हैं। इस दौरान मुख्य रूप से एसडीएम हसनपुर, धनौरा, जिला पूर्ति अधिकारी पूरन सिंह, सीएमओ डॉ संजय अग्रवाल, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी आदि मौजूद रहे।
पुलिस की सात बाढ़ राहत चौकियों पर दो-दो पुुलिसकर्मी भी होंगे तैनात
गजरौला। पिछले कुछ दिनों से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे पानी आसपास के खेतों में भरने लगा है। जनपद में गंगा 86 किमी की लंबाई में प्रवाहित होती है। जनपद की धनौरा और हसनपुर तहसील क्षेत्र के 100 गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। पपसरा, तिगरी, रिंग बांध, मोहम्मदाबाद, दयावली, धौरिया में बाढ़ का खतरा अधिक रहता है। इस कारण बाढ़ खंड विभाग ने इनको अति संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है। इसलिए पुलिस की सात बाढ़ राहत चौकियां भी स्थापित कर दी गईं हैं। इसके अलावा प्रत्येक चौकी पर ड्रेगन लाइट, स्टीमटर, टायर-ट्यूब, रस्सी आदि उपकरण मुहैया करा दिए गए हैं, जिससे जरूरत पड़ने पर तत्काल मदद मुहैया कराई जा सके। इसके अलावा जनपद को एक कंपनी बाढ़ राहत पुलिस मिली है। संवाद