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मोदी की रैली के लिए रकम जुटाने का नया 'शाह फॉर्मूला'
उमेश शर्मा/मुरादाबाद
Updated Sat, 16 Nov 2013 08:09 AM IST
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महंगी और हाईटैक रैलियों को लेकर नरेंद्र मोदी विरोधियों के निशाने पर हैं। कांग्रेस समेत बाकी सियासी दुश्मन मोदी पर उनकी रैलियों में बहाए जा रहे करोड़ों रुपये के स्रोत को लेकर कई बार हमला बोल चुके हैं।
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लेकिन बेहिसाब खर्च को लेकर सुगबुगाहट अब भाजपा में भी है। दरअसल मोदी की चमकदमक का खर्च पार्टी कार्यकर्ताओं से ही वसूल कर रही है।
भाजपा में पहली बार कूपन छापकर मोदी की रैलियों के लिए सहयोग निधि के नाम पर कार्यकर्ताओं से रकम वसूली जा रही है। कूपन खरीदना अनिवार्य है, लिहाजा दबी जुबान विरोध शुरू हो चुका है।
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भाजपा में कभी भी कार्यकर्ताओं से इस तरह कूपन काटकर रकम वसूलने का कल्चर नहीं रहा। अब से पहले सदस्यता ग्रहण कराते वक्त आजीवन सहयोग निधि के नाम पर आंशिक शुल्क लिया जाता था।
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लेकिन नरेंद्र मोदी के सिपहसलार और गुजरात के पूर्व गृह मंत्री ने इस बार नया फॉर्मूला निकाला है। अमित शाह ने 100, 200, 500, 1000 और पांच हजार रुपये के कूपन छपवाए गए हैं। हरेक बुकलेट में दस - दस कूपन हैं। ये कूपन पूरे प्रदेश में हाईकमान की ओर से भेजे गए हैं, जो कार्यकर्ताओं को खरीदने हैं।
मुरादाबाद जिलाध्यक्ष को चालीस लाख रुपये के कूपन और महानगर अध्यक्ष को तीस लाख रुपये के कूपन कैश करने को दिए गए हैं। पार्टी के निर्देश हैं कि मंडल अध्यक्ष, जोनल अध्यक्ष, सेक्टर अध्यक्ष और बूथ अध्यक्षों के माध्यम से ये कूपन सभी कार्यकर्ताओं को बेचे जाएं।
मंडल अध्यक्ष को कम से कम दस हजार रुपये और बूथ अध्यक्ष को न्यूनतम एक हजार रुपये इकट्ठा करने का जिम्मा सौंपा गया है। बड़े पदाधिकारी पचास हजार और एक लाख रुपये देंगे। हालांकि भाजपा की कूपन बेचने की इस नई व्यवस्था से कार्यकर्ताओं में असंतोष है।
मुरादाबाद में निर्धारित टारगेट का महज बीस फीसदी कलेक्शन हुआ है। कार्यकर्ताओं का सीधा सवाल है, वोट दें या नोट?