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Amethi News: यान समिति ने 42 निजी विद्यालयों को भेजा नोटिस
Mon, 30 Jun 2025 12:30 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 30 Jun 2025 12:30 AM IST
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अमेठी सिटी। निजी विद्यालयों में स्कूली बच्चों के परिवहन के लिए प्रयोग किए जा रहे वाहनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आई है। इसको लेकर जिला स्तर पर गठित यान समिति ने 42 विद्यालयों को नोटिस भेजकर तत्काल सुधार की चेतावनी दी है।
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. राजेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि विद्यालयों में बच्चों को स्कूल लाने और ले जाने के लिए जिन वाहनों का प्रयोग हो रहा है। उनमें फर्स्ट एड बॉक्स, बीमा, चालक-परिचालक का विवरण, फिटनेस प्रमाणपत्र, सीटों की संख्या, बच्चों की सूची और जिम्मेदारों के फोन नंबर जैसे अनिवार्य मानकों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने बताया कि कई विद्यालयों में बसों के बजाय जीप, ई रिक्शा और निजी कारों से बच्चों को लाया-ले जाया जा रहा है, लेकिन उनकी स्थिति मानकों के अनुरूप नहीं है।
यान समिति की जांच में यह भी पाया गया कि कुछ स्कूलों के पास परिवहन की व्यवस्था का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं है, जो बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर लापरवाही मानी जा रही है। कहा कि भले ही वाहन अभिभावकों द्वारा तय किए गए हों, लेकिन जब बच्चे विद्यालय की जिम्मेदारी में होते हैं तो उनकी सुरक्षा का दायित्व भी स्कूल प्रशासन का ही होता है। यदि विद्यालय यह कहकर पल्ला झाड़ते हैं कि वाहन उनका नहीं है तो यह मानकों के खिलाफ है।
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फिलहाल सभी 42 विद्यालयों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। संतोषजनक उत्तर न मिलने पर संबंधित विद्यालयों पर कार्रवाई की जाएगी। यान समिति आगे भी स्कूलों की परिवहन व्यवस्था की निगरानी जारी रखेगी।
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जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. राजेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि विद्यालयों में बच्चों को स्कूल लाने और ले जाने के लिए जिन वाहनों का प्रयोग हो रहा है। उनमें फर्स्ट एड बॉक्स, बीमा, चालक-परिचालक का विवरण, फिटनेस प्रमाणपत्र, सीटों की संख्या, बच्चों की सूची और जिम्मेदारों के फोन नंबर जैसे अनिवार्य मानकों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने बताया कि कई विद्यालयों में बसों के बजाय जीप, ई रिक्शा और निजी कारों से बच्चों को लाया-ले जाया जा रहा है, लेकिन उनकी स्थिति मानकों के अनुरूप नहीं है।
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यान समिति की जांच में यह भी पाया गया कि कुछ स्कूलों के पास परिवहन की व्यवस्था का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं है, जो बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर लापरवाही मानी जा रही है। कहा कि भले ही वाहन अभिभावकों द्वारा तय किए गए हों, लेकिन जब बच्चे विद्यालय की जिम्मेदारी में होते हैं तो उनकी सुरक्षा का दायित्व भी स्कूल प्रशासन का ही होता है। यदि विद्यालय यह कहकर पल्ला झाड़ते हैं कि वाहन उनका नहीं है तो यह मानकों के खिलाफ है।
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फिलहाल सभी 42 विद्यालयों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। संतोषजनक उत्तर न मिलने पर संबंधित विद्यालयों पर कार्रवाई की जाएगी। यान समिति आगे भी स्कूलों की परिवहन व्यवस्था की निगरानी जारी रखेगी।