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संक्रामक रोग फैलने पर जिम्मेदार होंगे ग्राम प्रधान
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गौरीगंज (अमेठी)। संक्रामक रोगों से ग्रामीणों को बचाने के लिए जिला प्रशासन सतर्क है। एंटीलार्वा के साथ अन्य दवाओं के छिड़काव के साथ बचाव कार्य को पूरा करने के लिए ग्राम पंचायतों को दस-दस हजार रुपये आवंटित किए गए हैं।
इस राशि से आवश्यकतानुसार फॉगिंग मशीन व अन्य सामग्री क्रय करते हुए जागरूकता कार्यक्रम कराने की अनुमति दी गई है। गांव में संक्रमण/डेंगू से मौत होने पर ग्राम प्रधान की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता समिति के खाते में प्रति वर्ष दस हजार रुपये अंतरित की जाती है। कोविड संक्रमण कॉल के बाद से ही संक्रामक बीमारियों को नियंत्रित करने के लिए शासन द्वारा गांवों में साफ-सफाई के साथ सैनिटाइजेशन पर जोर दिया जा रहा है। इस वर्ष जिले में डेंगू से हो रही मौत के बाद प्रशासन ज्यादा सक्रिय हो गया है।
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सीडीओ डॉ. अंकुर लाठर ने बताया कि संक्रामक बीमारियों के प्रति जागरूकता व बचाव कार्य संचालित करने के लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 में धनराशि भेजी गई है। अंतरित धनराशि से फॉगिंग मशीन व अन्य सामग्री क्रय करने की अनुमति देते हुए विशेष अभियान संचालित करने को कहा गया है।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान नालियों की साफ-सफाई, एंटीलार्वा व अन्य दवाओं का छिड़काव, झाड़-झंखाड़ की सफाई तथा गांव में गंदा पानी एकत्र न हो, इसकी व्यवस्था करते हुए जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने को कहा गया है।
ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता समिति के खाते में अंतरित धनराशि से क्रय की गई सामग्रियों का बिल जमा करने का निर्देश देते हुए गांव में संक्रमण फैलने या डेंगू से मौत होने पर ग्राम प्रधान की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता समिति के खाते में अंतरित धनराशि का उपभोग करने के बाद ग्राम पंचायत को उपभोग प्रमाणपत्र तथा क्रय की गई सामगी का बिल जमा करना होगा। बिल पर दुकानदार का जीएसटी व क्रय कई गई सामग्री की पैकिंग का विवरण अंकित होना अनिवार्य होगा।
डेंगू/संक्रामक बीमारियों से गांव में मौत की दशा में ग्राम प्रधान की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इसमें गैर प्रांत व जिले से गांव आए लोगों के संक्रमित होने पर ग्राम प्रधान को जिम्मेदारी से मुक्त किया गया है। प्रवासी के संक्रमित होने पर ग्राम प्रधान को सिर्फ स्वास्थ्य विभाग को सूचना देना अनिवार्य होगा।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राम प्रसाद ने बताया कि जिले की 682 ग्राम पंचायतों की स्वास्थ्य स्वच्छता समिति के खाते में दस हजार रुपये अंतरित किए जा चुके हैं। अंतरित धनराशि समिति सदस्य ग्राम पंचायत की बैठक में अनुमोदन प्राप्त कर आवश्यकतानुसार बचाव कार्य मेें खर्च कर सकते हैं। आवंटित धनराशि का दुरुपयोग करने तथा गांव में दवाओं का छिड़काव न होने पर डेंगू से मौत होने की दशा में कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
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इस राशि से आवश्यकतानुसार फॉगिंग मशीन व अन्य सामग्री क्रय करते हुए जागरूकता कार्यक्रम कराने की अनुमति दी गई है। गांव में संक्रमण/डेंगू से मौत होने पर ग्राम प्रधान की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता समिति के खाते में प्रति वर्ष दस हजार रुपये अंतरित की जाती है। कोविड संक्रमण कॉल के बाद से ही संक्रामक बीमारियों को नियंत्रित करने के लिए शासन द्वारा गांवों में साफ-सफाई के साथ सैनिटाइजेशन पर जोर दिया जा रहा है। इस वर्ष जिले में डेंगू से हो रही मौत के बाद प्रशासन ज्यादा सक्रिय हो गया है।
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सीडीओ डॉ. अंकुर लाठर ने बताया कि संक्रामक बीमारियों के प्रति जागरूकता व बचाव कार्य संचालित करने के लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 में धनराशि भेजी गई है। अंतरित धनराशि से फॉगिंग मशीन व अन्य सामग्री क्रय करने की अनुमति देते हुए विशेष अभियान संचालित करने को कहा गया है।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान नालियों की साफ-सफाई, एंटीलार्वा व अन्य दवाओं का छिड़काव, झाड़-झंखाड़ की सफाई तथा गांव में गंदा पानी एकत्र न हो, इसकी व्यवस्था करते हुए जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने को कहा गया है।
ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता समिति के खाते में अंतरित धनराशि से क्रय की गई सामग्रियों का बिल जमा करने का निर्देश देते हुए गांव में संक्रमण फैलने या डेंगू से मौत होने पर ग्राम प्रधान की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता समिति के खाते में अंतरित धनराशि का उपभोग करने के बाद ग्राम पंचायत को उपभोग प्रमाणपत्र तथा क्रय की गई सामगी का बिल जमा करना होगा। बिल पर दुकानदार का जीएसटी व क्रय कई गई सामग्री की पैकिंग का विवरण अंकित होना अनिवार्य होगा।
डेंगू/संक्रामक बीमारियों से गांव में मौत की दशा में ग्राम प्रधान की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इसमें गैर प्रांत व जिले से गांव आए लोगों के संक्रमित होने पर ग्राम प्रधान को जिम्मेदारी से मुक्त किया गया है। प्रवासी के संक्रमित होने पर ग्राम प्रधान को सिर्फ स्वास्थ्य विभाग को सूचना देना अनिवार्य होगा।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राम प्रसाद ने बताया कि जिले की 682 ग्राम पंचायतों की स्वास्थ्य स्वच्छता समिति के खाते में दस हजार रुपये अंतरित किए जा चुके हैं। अंतरित धनराशि समिति सदस्य ग्राम पंचायत की बैठक में अनुमोदन प्राप्त कर आवश्यकतानुसार बचाव कार्य मेें खर्च कर सकते हैं। आवंटित धनराशि का दुरुपयोग करने तथा गांव में दवाओं का छिड़काव न होने पर डेंगू से मौत होने की दशा में कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।