{"_id":"6ababcf6ea09182df102e894","slug":"uproar-at-hospital-over-womans-death-amethi-news-c-96-1-ame1008-176798-2026-09-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: महिला की मौत पर अस्पताल में हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: महिला की मौत पर अस्पताल में हंगामा
Tue, 29 Sep 2026 12:46 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 29 Sep 2026 12:46 AM IST
विज्ञापन
मुंशीगंज स्थित संजय गांधी हॉस्पिटल में गमगीन मृतक के परिजन। स्रोत: स्थानीय नागरिक
अमेठी सिटी। मुंशीगंज स्थित संजय गांधी हॉस्पिटल में उपचार के दौरान रविवार को 60 वर्षीय महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। मृतका के बेटे ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाकर मामला शांत कराया। बाद में परिवार के लोग पोस्टमार्टम कराने से इन्कार करते हुए शव अंतिम संस्कार के लिए घर ले गए।
दरपीपुर के मडुवापुर निवासी श्यामपता की तबीयत बिगड़ने पर शनिवार रात करीब 11 बजे उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बेटे दीपक का आरोप है कि समय पर जांच और उपचार नहीं मिलने से उनकी मां की मौत हुई। उनका कहना है कि समय रहते उचित इलाज मिलता तो जान बच सकती थी।
अस्पताल के डॉ. नितिन पांडेय ने बताया कि महिला का शुगर स्तर काफी बढ़ा हुआ था और हार्ट अटैक के कारण उनकी मौत हुई। उनके अनुसार रात में ही जांच लिखी गई थी, लेकिन जांच रविवार दोपहर में कराई गई। वहीं अस्पताल के मैनेजर सुरेश सिंह राजपूत ने बताया कि मरीज गंभीर हालत में लाई गई थीं। चिकित्सकों ने आवश्यक जांच कराने और मरीज को रेफर करने की सलाह दी थी, लेकिन परिजन उन्हें दूसरे अस्पताल नहीं ले गए।
विज्ञापन
क्षेत्राधिकारी अखिलेश वर्मा ने बताया कि महिला की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया था। पुलिस ने समझाकर मामला शांत कराया। परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार नहीं हुए और शव लेकर घर चले गए।
परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल
मृतका के पति जोखू ने बताया कि उनके दो बेटे दीपक और संदीप और पांच बेटियां हैं। चार बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि सबसे छोटी बेटी रूबी अभी अविवाहित है। घटना के बाद परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन
दरपीपुर के मडुवापुर निवासी श्यामपता की तबीयत बिगड़ने पर शनिवार रात करीब 11 बजे उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बेटे दीपक का आरोप है कि समय पर जांच और उपचार नहीं मिलने से उनकी मां की मौत हुई। उनका कहना है कि समय रहते उचित इलाज मिलता तो जान बच सकती थी।
विज्ञापन
अस्पताल के डॉ. नितिन पांडेय ने बताया कि महिला का शुगर स्तर काफी बढ़ा हुआ था और हार्ट अटैक के कारण उनकी मौत हुई। उनके अनुसार रात में ही जांच लिखी गई थी, लेकिन जांच रविवार दोपहर में कराई गई। वहीं अस्पताल के मैनेजर सुरेश सिंह राजपूत ने बताया कि मरीज गंभीर हालत में लाई गई थीं। चिकित्सकों ने आवश्यक जांच कराने और मरीज को रेफर करने की सलाह दी थी, लेकिन परिजन उन्हें दूसरे अस्पताल नहीं ले गए।
विज्ञापन
क्षेत्राधिकारी अखिलेश वर्मा ने बताया कि महिला की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया था। पुलिस ने समझाकर मामला शांत कराया। परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार नहीं हुए और शव लेकर घर चले गए।
परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल
मृतका के पति जोखू ने बताया कि उनके दो बेटे दीपक और संदीप और पांच बेटियां हैं। चार बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि सबसे छोटी बेटी रूबी अभी अविवाहित है। घटना के बाद परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल है।