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Amethi News: दो चिकित्सकों के काम करने पर रोक, जांच तेज
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अमेठी। मुंशीगंज स्थित संजय गांधी अस्पताल में महिला मरीज की मौत के मामले की जांच तेज हो गई है। अस्पताल के आंतरिक प्रबंधन ने मामले की जांच के लिए समिति का गठन किया है। जांच के दायरे में आए दोनों चिकित्सकों से जांच पूरी होने तक काम लेने पर रोक लगा दी गई है।
कोतवाली मुसाफिरखाना क्षेत्र के गांव राम शाहपुर निवासी दिव्या को 14 सितंबर को पथरी के ऑपरेशन के लिए भर्ती कराया गया था। इस दौरान मरीज की हालत खराब हो गई। लखनऊ के एक अस्पताल में उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल के सामने शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया, जबकि सीएमओ ने अस्पताल का लाइसेंस निलंबित कर दिया था। इसके कारण 18 दिनों तक अस्पताल बंद था। बाद में उच्च न्यायालय के आदेश पर अस्पताल का संचालन शुरू हुआ।
अस्पताल खुलने के बाद अब अस्पताल प्रबंधन ने भी इस मामले की जांच तेज कर दी है। सीओओ अवधेश शर्मा ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से गठित एक्सपर्ट चिकित्सकों की टीम द्वारा जांच की जा रही है। बेहोशी के चिकित्सक डॉ. सिद्दीकी व डॉ. शुभम द्विवेदी से काम नहीं लिया जा रहा है। बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हायर अथॉरिटी के निर्देश पर कार्य किया जाएगा।
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बाल रोग विशेषज्ञ ने दिया त्यागपत्र
मुंशीगंज स्थित संजय गांधी अस्पताल में तैनात शिशु बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अविनाश रस्तोगी का सरकारी अस्पताल में चयन हो गया है। चयन होने के बाद बीते 11 सितंबर को उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को इसकी जानकारी देते हुए इस्तीफा दे दिया है। वहीं अस्पताल में तैनात चिकित्सक डॉ. इसरुद्दीन अस्पताल बंद होने के बाद बगैर सूचना के इमरजेंसी में घर गए उसके बाद से अभी तक ज्वाइन नहीं किया है। सीओओ ने कहा कि जल्द ही बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती की जाएगी।
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कोतवाली मुसाफिरखाना क्षेत्र के गांव राम शाहपुर निवासी दिव्या को 14 सितंबर को पथरी के ऑपरेशन के लिए भर्ती कराया गया था। इस दौरान मरीज की हालत खराब हो गई। लखनऊ के एक अस्पताल में उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल के सामने शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया, जबकि सीएमओ ने अस्पताल का लाइसेंस निलंबित कर दिया था। इसके कारण 18 दिनों तक अस्पताल बंद था। बाद में उच्च न्यायालय के आदेश पर अस्पताल का संचालन शुरू हुआ।
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अस्पताल खुलने के बाद अब अस्पताल प्रबंधन ने भी इस मामले की जांच तेज कर दी है। सीओओ अवधेश शर्मा ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से गठित एक्सपर्ट चिकित्सकों की टीम द्वारा जांच की जा रही है। बेहोशी के चिकित्सक डॉ. सिद्दीकी व डॉ. शुभम द्विवेदी से काम नहीं लिया जा रहा है। बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हायर अथॉरिटी के निर्देश पर कार्य किया जाएगा।
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बाल रोग विशेषज्ञ ने दिया त्यागपत्र
मुंशीगंज स्थित संजय गांधी अस्पताल में तैनात शिशु बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अविनाश रस्तोगी का सरकारी अस्पताल में चयन हो गया है। चयन होने के बाद बीते 11 सितंबर को उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को इसकी जानकारी देते हुए इस्तीफा दे दिया है। वहीं अस्पताल में तैनात चिकित्सक डॉ. इसरुद्दीन अस्पताल बंद होने के बाद बगैर सूचना के इमरजेंसी में घर गए उसके बाद से अभी तक ज्वाइन नहीं किया है। सीओओ ने कहा कि जल्द ही बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती की जाएगी।