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Amethi News: बैंक कर्मियों की हड़ताल से करोड़ों का लेनदेन प्रभावित
Wed, 28 Jan 2026 01:02 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Wed, 28 Jan 2026 01:02 AM IST
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अमेठी स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में बंद ताला, बाहर खड़े ग्राहक। -संवाद
अमेठी। पांच दिवसीय कार्यदिवस और दो दिन के अवकाश की मांग को लेकर मंगलवार को बैंक कर्मियों की हड़ताल से बैकिंग कामकाज ठप रहा। इस हड़ताल के चलते सभी बैंक शाखाओं में करोड़ों रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ। हड़ताल से बैंक ग्राहकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। दो दिन बाद बैंक खुलने की उम्मीद में बड़ी संख्या में लोग नकदी निकालने पहुंचे, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी।
बैंक हड़ताल का सबसे अधिक असर उन लोगों पर पड़ा जो अपनी दैनिक जरूरतों के लिए बैंक पर निर्भर थे। व्यापारियों और बुजुर्गों को भी इस कारण परेशानी उठानी पड़ी। लोगों की नकदी की आवश्यकता पूरी न होने से उनके दिनचर्या के कामकाज रुक गए। इससे जिले में करोड़ों रुपये के लेनदेन रुक जाने से छोटे-बड़े व्यवसायों पर असर पड़ा।
व्यापारी हरिशंकर जायसवाल, गिरीश कसौधन, पवन कुमार, राहुल लोहिया आदि ने बताया कि दैनिक भुगतान करने में कठिनाई हुई। लगातार अवकाश होने के कारण शहर में लगे ज्यादातर एटीएम खाली रहे, जिससे लोगों को मायूस होना पड़ा। दिनेश कुमार तिवारी, विनोद कुमार पांडेय, मनोज कुमार मिश्र आदि ने बताया कि वह कई एटीएम बूथ में पैसा निकालने गए, लेकिन एटीएम में पैसा नहीं होने से उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। सहयोगी साथियों से उधार लेकर काम चलाना पड़ा।
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बैंक कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी पांच दिवसीय कार्यदिवस की मांग पूरी नहीं हो जाती है, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। इस हड़ताल के कारण आम जनता को अपने वित्तीय कार्यों को निपटाने के लिए अतिरिक्त इंतजार करना पड़ सकता है।
लीड बैंक मैनेजर राजीव कुमार पांडेय ने बताया कि डिजिटल व्यवस्था होने के कारण हड़ताल से लेनदेन में कुछ खास दिक्कत नहीं हुई। बताया कि कितने करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ, इसकी जानकारी आरबीआई की ओर से डेटा जारी होने के बाद ही मिल सकती है।
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बैंक हड़ताल का सबसे अधिक असर उन लोगों पर पड़ा जो अपनी दैनिक जरूरतों के लिए बैंक पर निर्भर थे। व्यापारियों और बुजुर्गों को भी इस कारण परेशानी उठानी पड़ी। लोगों की नकदी की आवश्यकता पूरी न होने से उनके दिनचर्या के कामकाज रुक गए। इससे जिले में करोड़ों रुपये के लेनदेन रुक जाने से छोटे-बड़े व्यवसायों पर असर पड़ा।
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व्यापारी हरिशंकर जायसवाल, गिरीश कसौधन, पवन कुमार, राहुल लोहिया आदि ने बताया कि दैनिक भुगतान करने में कठिनाई हुई। लगातार अवकाश होने के कारण शहर में लगे ज्यादातर एटीएम खाली रहे, जिससे लोगों को मायूस होना पड़ा। दिनेश कुमार तिवारी, विनोद कुमार पांडेय, मनोज कुमार मिश्र आदि ने बताया कि वह कई एटीएम बूथ में पैसा निकालने गए, लेकिन एटीएम में पैसा नहीं होने से उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। सहयोगी साथियों से उधार लेकर काम चलाना पड़ा।
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बैंक कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी पांच दिवसीय कार्यदिवस की मांग पूरी नहीं हो जाती है, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। इस हड़ताल के कारण आम जनता को अपने वित्तीय कार्यों को निपटाने के लिए अतिरिक्त इंतजार करना पड़ सकता है।
लीड बैंक मैनेजर राजीव कुमार पांडेय ने बताया कि डिजिटल व्यवस्था होने के कारण हड़ताल से लेनदेन में कुछ खास दिक्कत नहीं हुई। बताया कि कितने करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ, इसकी जानकारी आरबीआई की ओर से डेटा जारी होने के बाद ही मिल सकती है।