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Amethi News: गोमती नदी पर 120 करोड़ से बनेंगे तीन पुल
Sat, 02 Aug 2025 12:24 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 02 Aug 2025 12:24 AM IST
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शुकुलबाजार के मखदूमपुर कला - देवगांव स्थित क्षतिग्रस्त पुल। संवाद
अमेठी सिटी। जिले से होकर बहने वाली गोमती नदी पर 120 करोड़ की लागत से तीन नए पुल बनाए जाएंगे, जिससे लोगों को आवागमन में सुविधा होगी। पुल क्षतिग्रस्त होने के चलते लोगों को वैकल्पिक मार्गों से आवागमन करना पड़ रहा है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
बाजारशुकुल क्षेत्र में मखदूमपुर कला से देवगांव मार्ग पर स्थित पुल क्षतिग्रस्त हो जाने से आवागमन बाधित हो गया है। यह मार्ग अयोध्या जिले के कुमारगंज से जोड़ता है। इस पुल के खराब हो जाने से आम जनता विशेषकर ग्रामीण इलाकों के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों से होकर लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है। जबकि बड़ी संख्या में लोग नाव पर बैठकर नदी पार करने को मजबूर हैं।
स्थिति को देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने इस स्थान पर नए पुल के निर्माण की योजना बनाई है। यह पुल 38.08 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा। जिले की पूर्व सांसद और केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी के प्रस्ताव पर यह कार्ययोजना तैयार की गई है। पुल का निर्माण आधुनिक तकनीक से किया जाएगा ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या से बचा जा सके।
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जिले में अन्य दो स्थानों पर भी दीर्घ पुल निर्माण के बड़े प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। मुसाफिरखाना विकासखंड में गोमती नदी पर स्थित दंडेश्वर धाम के पास एक लंबे पुल के निर्माण की योजना प्रस्तावित है। यह पुल धार्मिक और पर्यटन दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इस स्थान पर प्रति वर्ष हजारों श्रद्धालु आते हैं। इस पुल के साथ-साथ पहुंच मार्ग और सुरक्षात्मक निर्माण भी प्रस्तावित हैं, ताकि लोगों की आवाजाही सुरक्षित व सुगम हो सके। इस परियोजना की कुल लागत 42 करोड़ रुपये अनुमानित की गई है।
विकासखंड जगदीशपुर के रंगवाघाट क्षेत्र में गोमती नदी पर एक अन्य दीर्घ सेतु के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस पुल की लागत लगभग 40 करोड़ रुपये रखी गई है। यह पुल क्षेत्र के विकास के लिहाज से बहुत अहम है, क्योंकि इससे आसपास के गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ा जा सकेगा और आवागमन में आसानी होगी।
विभाग के अधिशासी अभियंता शैलेंद्र कुमार ने बताया कि इन सभी योजनाओं को डीएम से अनुमोदन प्राप्त हो चुका है। अब इन प्रस्तावों को लोनिवि के प्रमुख सचिव के पास वित्तीय स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलने के बाद जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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बाजारशुकुल क्षेत्र में मखदूमपुर कला से देवगांव मार्ग पर स्थित पुल क्षतिग्रस्त हो जाने से आवागमन बाधित हो गया है। यह मार्ग अयोध्या जिले के कुमारगंज से जोड़ता है। इस पुल के खराब हो जाने से आम जनता विशेषकर ग्रामीण इलाकों के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों से होकर लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है। जबकि बड़ी संख्या में लोग नाव पर बैठकर नदी पार करने को मजबूर हैं।
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स्थिति को देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने इस स्थान पर नए पुल के निर्माण की योजना बनाई है। यह पुल 38.08 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा। जिले की पूर्व सांसद और केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी के प्रस्ताव पर यह कार्ययोजना तैयार की गई है। पुल का निर्माण आधुनिक तकनीक से किया जाएगा ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या से बचा जा सके।
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जिले में अन्य दो स्थानों पर भी दीर्घ पुल निर्माण के बड़े प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। मुसाफिरखाना विकासखंड में गोमती नदी पर स्थित दंडेश्वर धाम के पास एक लंबे पुल के निर्माण की योजना प्रस्तावित है। यह पुल धार्मिक और पर्यटन दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इस स्थान पर प्रति वर्ष हजारों श्रद्धालु आते हैं। इस पुल के साथ-साथ पहुंच मार्ग और सुरक्षात्मक निर्माण भी प्रस्तावित हैं, ताकि लोगों की आवाजाही सुरक्षित व सुगम हो सके। इस परियोजना की कुल लागत 42 करोड़ रुपये अनुमानित की गई है।
विकासखंड जगदीशपुर के रंगवाघाट क्षेत्र में गोमती नदी पर एक अन्य दीर्घ सेतु के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस पुल की लागत लगभग 40 करोड़ रुपये रखी गई है। यह पुल क्षेत्र के विकास के लिहाज से बहुत अहम है, क्योंकि इससे आसपास के गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ा जा सकेगा और आवागमन में आसानी होगी।
विभाग के अधिशासी अभियंता शैलेंद्र कुमार ने बताया कि इन सभी योजनाओं को डीएम से अनुमोदन प्राप्त हो चुका है। अब इन प्रस्तावों को लोनिवि के प्रमुख सचिव के पास वित्तीय स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलने के बाद जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।