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Amethi News: पछुआ हवा ने बढ़ाई गलन, धूप बेसर
Tue, 30 Dec 2025 01:29 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 30 Dec 2025 01:29 AM IST
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जिला अस्पताल के ओपीडी कक्ष के बाहर बैठे मरीज। -संवाद
अमेठी सिटी। दिसंबर में मौसम के लगातार बदलते तेवरों से बढ़ी ठंड ने आम जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सोमवार सुबह कोहरे की धुंध कुछ समय के लिए छंटी, इसके बाद बादल छाए रहे। दोपहर करीब एक बजे धूप निकली, लेकिन तीन किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज पछुआ हवा के कारण गलन बनी रही।
ठंड से बचने के लिए लोगों ने अलावा का सहारा लिया। ठंड के चलते जरूरी काम होने पर ही लोग घरों से बाहर निकले। जिले का न्यूनतम तापमान नौ डिग्री और अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कड़ाके की ठंड में जिला अस्पताल और रेलवे स्टेशन पर लोग ठंड से ठिठुरते मिले। यहां बचाव के पर्याप्त इंतजाम नजर नहीं आए।
जिला अस्पताल में बेहाल दिखे मरीज व तीमारदार
जिला अस्पताल की ओपीडी में सुबह 10:50 बजे मरीजों की भीड़ दिखी। ओपीडी में ठंड से बचाव के इंतजाम नहीं थे। इससे मरीज व तीमारदार बेहाल दिखे। ओपीडी के बाहर कुर्सी पर टिकरिया निवासी वृद्ध राम आसरे शॉल व मफलर लपेट कर बैठे थे। बताया कि बीमारी से दिक्कत ज्यादा थी, इसलिए ठंड में आना पड़ा। ओपीडी में भी ठंड से बचाव के उपाय किए जाने चाहिए। हालांकि कुछ वार्डों में ब्लोअर लगे होने से मरीज राहत महसूस करते दिखे। फिजिशियन डॉ. शुभम पांडेय ने बताया कि ठंड से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सावधानी बरत कर बीमारियों से बचा जा सकता है।
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स्टेशन के प्लेटफार्म दो पर ठिठुरते मिले यात्री
गौरीगंज रेलवे स्टेशन पर सुबह 11 बजे और देर शाम करीब छह बजे यात्री ठिठुरते नजर आए। रेलवे स्टेशन के बाहर अलाव की व्यवस्था थी, लेकिन प्लेटफार्म दो पर खड़े यात्री परेशान नजर आए। वहां न तो टिनशेड है और न ही बैठने की व्यवस्था। चारों ओर से खुली हवा आने के कारण वे ठिठुरते मिले।
विलंब से संचालित हुईं बसें
ठंड के कारण परिवहन निगम की बसों का संचालन भी प्रभावित हो रहा है। टांडा-बांदा हाईवे पर रायबरेली, सुल्तानपुर और अयोध्या के बीच संचालित बसें एक घंटे से अधिक विलंब से पहुंच रही हैं। शाम के समय इस रूट पर बसों का संचालन प्रभावित रहा। इससे यात्रियों को कठिनाई का सामना करना पड़ा।
खेती-किसानी पर पड़ रहा असर
ग्रामीण क्षेत्रों में ठंड और गलन का असर खेती-किसानी पर पड़ने लगा है। आलू, मटर और सरसों की फसलों को पाले का खतरा सताने लगा है। सुबह के समय खेतों में नमी और ठंड अधिक रहने से कृषि कार्यों की गति धीमी रही। किसान फसलों की सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आए। खेतों में काम करने वाले मजदूरों को ठंड के कारण दिक्कत झेलनी पड़ी। ग्रामीण इलाकों में अलाव की व्यवस्था सीमित रहने से परेशानी बढ़ गई। मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि आने वाले दिनों में भी ठंड का असर रहेगा। बुधवार और बृहस्पतिवार को बादल रहने की संभावना है। घना कोहरा, बादल छाए रहने, औसत तापमान सामान्य से कम रहने एवं पश्चिमी हवा सामान्य गति से चलने की संभावना है, जिससे अभी भी शीतलहर से राहत के आसार नहीं है।
एक जनवरी तक बंद हुए स्कूल
ठंड को देखते हुए जिले में संचालित सभी बोर्ड के कक्षा एक से इंटर तक के स्कूल एक जनवरी तक बंद कर दिए गए हैं। अवकाश आदेश देर से जारी होने के कारण कई बच्चे स्कूल पहुंचने के बाद छुट्टी की जानकारी मिलने पर लौट गए। इससे अभिभावकों को भी असुविधा का सामना करना पड़ा।
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ठंड से बचने के लिए लोगों ने अलावा का सहारा लिया। ठंड के चलते जरूरी काम होने पर ही लोग घरों से बाहर निकले। जिले का न्यूनतम तापमान नौ डिग्री और अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कड़ाके की ठंड में जिला अस्पताल और रेलवे स्टेशन पर लोग ठंड से ठिठुरते मिले। यहां बचाव के पर्याप्त इंतजाम नजर नहीं आए।
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जिला अस्पताल में बेहाल दिखे मरीज व तीमारदार
जिला अस्पताल की ओपीडी में सुबह 10:50 बजे मरीजों की भीड़ दिखी। ओपीडी में ठंड से बचाव के इंतजाम नहीं थे। इससे मरीज व तीमारदार बेहाल दिखे। ओपीडी के बाहर कुर्सी पर टिकरिया निवासी वृद्ध राम आसरे शॉल व मफलर लपेट कर बैठे थे। बताया कि बीमारी से दिक्कत ज्यादा थी, इसलिए ठंड में आना पड़ा। ओपीडी में भी ठंड से बचाव के उपाय किए जाने चाहिए। हालांकि कुछ वार्डों में ब्लोअर लगे होने से मरीज राहत महसूस करते दिखे। फिजिशियन डॉ. शुभम पांडेय ने बताया कि ठंड से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सावधानी बरत कर बीमारियों से बचा जा सकता है।
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स्टेशन के प्लेटफार्म दो पर ठिठुरते मिले यात्री
गौरीगंज रेलवे स्टेशन पर सुबह 11 बजे और देर शाम करीब छह बजे यात्री ठिठुरते नजर आए। रेलवे स्टेशन के बाहर अलाव की व्यवस्था थी, लेकिन प्लेटफार्म दो पर खड़े यात्री परेशान नजर आए। वहां न तो टिनशेड है और न ही बैठने की व्यवस्था। चारों ओर से खुली हवा आने के कारण वे ठिठुरते मिले।
विलंब से संचालित हुईं बसें
ठंड के कारण परिवहन निगम की बसों का संचालन भी प्रभावित हो रहा है। टांडा-बांदा हाईवे पर रायबरेली, सुल्तानपुर और अयोध्या के बीच संचालित बसें एक घंटे से अधिक विलंब से पहुंच रही हैं। शाम के समय इस रूट पर बसों का संचालन प्रभावित रहा। इससे यात्रियों को कठिनाई का सामना करना पड़ा।
खेती-किसानी पर पड़ रहा असर
ग्रामीण क्षेत्रों में ठंड और गलन का असर खेती-किसानी पर पड़ने लगा है। आलू, मटर और सरसों की फसलों को पाले का खतरा सताने लगा है। सुबह के समय खेतों में नमी और ठंड अधिक रहने से कृषि कार्यों की गति धीमी रही। किसान फसलों की सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आए। खेतों में काम करने वाले मजदूरों को ठंड के कारण दिक्कत झेलनी पड़ी। ग्रामीण इलाकों में अलाव की व्यवस्था सीमित रहने से परेशानी बढ़ गई। मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि आने वाले दिनों में भी ठंड का असर रहेगा। बुधवार और बृहस्पतिवार को बादल रहने की संभावना है। घना कोहरा, बादल छाए रहने, औसत तापमान सामान्य से कम रहने एवं पश्चिमी हवा सामान्य गति से चलने की संभावना है, जिससे अभी भी शीतलहर से राहत के आसार नहीं है।
एक जनवरी तक बंद हुए स्कूल
ठंड को देखते हुए जिले में संचालित सभी बोर्ड के कक्षा एक से इंटर तक के स्कूल एक जनवरी तक बंद कर दिए गए हैं। अवकाश आदेश देर से जारी होने के कारण कई बच्चे स्कूल पहुंचने के बाद छुट्टी की जानकारी मिलने पर लौट गए। इससे अभिभावकों को भी असुविधा का सामना करना पड़ा।