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जगदीशपुर के वीआईपी होने का सपना हुआ चूर
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जगदीशपुर (अमेठी)। जगदीशपुर विभानसभा क्षेत्र के वीवीआईपी होने का सपना शुक्रवार को चूर-चूर हो गया। चुनाव से पहले जगदीशपुर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओं ने राज्यमंत्री सुरेश पासी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। संगठन के बड़े पदाधिकारी रूठे कार्यकर्ताओं को मनाने में जुटे और आखिरकार सुरेश पासी चुनाव जीत गए। दस मार्च को मतगणना के बाद से सुरेश पासी के मंत्री बनाए जाने का कयास भी शुक्रवार को साकार नहीं हो सका।
जगदीशपुर सुरक्षित विधानसभा सीट कभी कांग्रेस का गढ़ थी। कांग्रेस के शासन काल में राम सेवक लगातार यहां से विधायक चुने जाते रहे। राम सेवक ऐसे विधायक रहे जिनकी गिनती गांधी परिवार के अति विश्वासपात्र में होती थी। वर्ष 1996 में यहां भाजपा केे राम लखन पासी विधायक फिर मंत्री बने।
2017 में भाजपा ने सुरेश पासी को लड़ा और वे जीते तो भाजपा ने उन्हें मंत्री पद देकर इस सीट के सम्मान को बरकरार रखा। शायद यही कारण था जब वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव चल रहे थे तब भी जनता में इस बात का विश्वास था कि सुरेश जीतेंगे तो मंत्री बनेंगे। सुरेश ने जीत भी दर्ज की लेकिन इस बार उन्हें मंत्री का ओहदा नहीं मिला। सुरेश को मंत्री नहीं बनाए जाने से उनके समर्थकों में मायूसी है।
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जगदीशपुर सुरक्षित विधानसभा सीट कभी कांग्रेस का गढ़ थी। कांग्रेस के शासन काल में राम सेवक लगातार यहां से विधायक चुने जाते रहे। राम सेवक ऐसे विधायक रहे जिनकी गिनती गांधी परिवार के अति विश्वासपात्र में होती थी। वर्ष 1996 में यहां भाजपा केे राम लखन पासी विधायक फिर मंत्री बने।
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2017 में भाजपा ने सुरेश पासी को लड़ा और वे जीते तो भाजपा ने उन्हें मंत्री पद देकर इस सीट के सम्मान को बरकरार रखा। शायद यही कारण था जब वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव चल रहे थे तब भी जनता में इस बात का विश्वास था कि सुरेश जीतेंगे तो मंत्री बनेंगे। सुरेश ने जीत भी दर्ज की लेकिन इस बार उन्हें मंत्री का ओहदा नहीं मिला। सुरेश को मंत्री नहीं बनाए जाने से उनके समर्थकों में मायूसी है।
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