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Amethi News: अनियमित दिनचर्या से बढ़ रहा तनाव, रहें सावधान

Sat, 08 Feb 2025 12:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी Updated Sat, 08 Feb 2025 12:39 AM IST
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Stress is increasing due to irregular routine, be careful
अमेठी सिटी। अनियमित दिनचर्या और समय से पूरी नींद नहीं लेना लोगों में तनाव की समस्या बढ़ा रही है। ऐसे में दूसरी बीमारियों के साथ मनोरोगियों की संख्या बढ़ रही है। समय रहते सावधानी नहीं बरतने पर गंभीर समस्या बन रही है।
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गौरीगंज के असैदापुर स्थित संयुक्त जिला अस्पताल के मनोरोग विभाग की ओपीडी में मनोरोगियों की संख्या बढ़ी है। औसतन प्रतिदिन करीब ओपीडी में 80 से 100 रोगी आते हैं। इनमें से 90 फीसदी मरीजों में कम सोने की परेशानी होती है। यह ज्यादातर 20 से 40 वर्ष आयु वर्ग से अधिक के हैं। चिकित्सक ऐसे रोगियों को सावधानी बरतने की सलाह के साथ मोबाइल कम प्रयोग करने को कहते हैं।
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अस्पताल में इलाज कराने आए युवा मरीज अरमान ने बताया कि अचानक उन्हें एक हफ्ते पूर्व चक्कर आया और बेहोश हो गए। सीटी स्कैन आदि कराया है, अब इलाज चल रहा है, आराम है। युवा सूरज ने बताया कि एक वर्ष से सिर में दर्द की समस्या थी। दिमाग की नस में चिकित्सकों ने समस्या बताई थी। अब एक वर्ष से इलाज चल रहा है। मरीज धर्मवीर ने बताया कि शरीर में अकड़न के साथ झटके आए थे। इलाज चल रहा है। मरीज रघुनाथ ने बताया कि उन्हें करीब एक वर्ष से समस्या है। इलाज चल रहा है, समय-समय पर चिकित्सकों के दिखाने के साथ ही सावधानी बरत रहे हैं।
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मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. वीवी सिंह ने बताया कि स्ट्रेस और डिप्रेशन लोगों में अधिक बढ़ा है। यह नींद को प्रभावित करता है। ओपीडी में आने वाले रोगियों में डिप्रेशन के युवा रोगी अधिक हैं। चक्कर आना, पैर की पिंडलियों में ऐंठन, पैर और हाथ के पंजों में झनझनाहट, झटके लगना आदि लक्षण हैं। अधिकतर स्ट्रेस का शिकार हैं। इससे उनके अंदर सिगरेट और तंबाकू की लत बढ़ी है। कुछ रोगी रात में एक घंटे ही सो पा रहे हैं। पुरुषों में यह दिक्कत अधिक है। महिलाओं में अधेड़ आयु वर्ग की रोगियों में यह दिक्कत है।





मोबाइल और लैपटॉप ने बिगाड़ी दिनचर्या
मोबाइल फोन और लैपटॉप हाथ में हो तो सामने कौन है यह पता ही नहीं चलता। मोबाइल फोन और लैपटॉप पर देर रात तक चैटिंग ने नींद की अवधि प्रभावित किया है। मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. वीवी सिंह बताते हैं कि अब रात 12 बजे तक जागना असामान्य नहीं माना जाता है। लोगों को सुबह काम से उठना पड़ता है, जिससे नींद पूरी नहीं हो पाती। बाद में यही स्थिति दिक्कत पैदा करती है।



ये बरतें सावधानी
- सोच सकारात्मक रखें, अधिक स्ट्रेस न लें।
- सोने के पहले उलझन वाली बातें न सोचें।
- रात में जल्दी सादा और पौष्टिक भोजन लें।
- हल्के रंग की बेड शीट और कपड़े पहनें।
- अपनाएं नियमित योग और व्यायाम
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