फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amethi News ›   Sitting on strike, the army got justice on CM's intervention

अनशन पर बैठने व सीएम के हस्तक्षेप पर फौजी को मिला न्याय

Sat, 20 Jun 2020 09:09 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 20 Jun 2020 09:09 PM IST
विज्ञापन
Sitting on strike, the army got justice on CM's intervention
अमेठी। जम्मू के डोगरा रेजीमेेंट में तैनात फौजी अपनी खाते की भूमि पर कब्जा पाने के लिए काफी दिनों से अफसरों की परिक्रमा से थक हारकर शुक्रवार को एसडीएम दफ्तर के सामने धरने पर बैठ गया था।
विज्ञापन

इसकी सूचना मिलते ही जहां मीडिया ने इस खबर को प्रमुखता से प्रसारित करना शुरू किया वहीं कांग्रेस एमएलसी ने मुख्यमंत्री को टैग करते हुए डीएम को ट्वीट कर दिया। इलेक्ट्रॉनिक चैनलों पर प्रसारित हो रही खबरों तथा एमएलसी के ट्वीट का देर शाम सीएम योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान ले लिया।
विज्ञापन

सीएम के सख्त आदेश के बाद काफी दिनों से फरियाद कर रहे फौजी के प्रकरण को सुलझाने के लिए रात में ही प्रशासनिक अमला उसके घर पहुंच गया और जेसीबी मशीन लगवाकर सारा अतिक्रमण हटवाते हुए बैरिकेडिंग कराकर उसका कब्जा करवाया।
विज्ञापन
विज्ञापन

काफी दिनों से अपनी भूमि पर कब्जा पाने के लिए अफसरों की परिक्रमा करने को मजबूर फौजी को मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद कुछ ही पलों में न्याय मिल गया। थाना क्षेत्र संग्रामपुर के गांव कनू केवलापुर निवासी बृजेश कुमार दुबे 40 राष्ट्रीय रायफल डोगरा रेजीमेंट जम्मू के पूंछ में तैनात है।
बृजेश गांव स्थित खाता संख्या 813 और 814 का कुछ दिनों पूर्व बैनामा लिया था। बैनामे की भूमि पर गांव के दलित परिवारों द्वारा अवैध रुप से कब्जा करते हुए उन्हेें वहां जाने से रोकते के साथ ही एससी-एसटी के फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी जा रही थी।
अपनी भूमि पर कब्जा पाने के लिए फौजी डीएम से लेकर तहसील व पुलिस अफसरों के पास कई बार शिकायत की लेकिन कहीं न्याय नहीं मिला। अफसरों की परिक्रमा से तंग आकर बृजेश शुक्रवार को तहसील पहुंचकर एसडीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गया।
फौजी घंटों तक धरने पर बैठा रहा लेकिन कोई उससे कुछ पूछने तक नहीं आया। मीडिया कर्मियों के पहुंचने के बाद उसे बुलाकर टीम गांव भेजी गई। मौके पर पहुंची टीम भी पूर्व की ही भांति फौरी तौर पर पैमाइश कर वापस आ गई।
इस बीच कांग्रेस एमएलसी दीपक सिंह ने सीएम को टैग करते हुए डीएम को ट्वीट कर कटाक्ष किया तो वहीं चैनलों पर चल रही खबरों का देर शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान ले लिया। सीएम के निर्देश के बाद अफसरों की टीम रात में ही फौजी के घर पहुंच गई और कब्जा हटवा दिया।
हालांकि रात होने के चलते शनिवार सुबह भी गांव पहुंचे एसडीएम व सीओ ने अपनी मौजूदगी में फौजी की पूरी जमीन की जेसीबी मशीन से मेड़बंदी कराते हुए चारों ओर बल्लियों के सहारे बैरिकेडिंग कराई। इसके बाद अफसर फौजी को लेकर जिला मुख्यालय पहुंचे जहां डीएम अरुण कुमार ने उनसे वार्ता की।

फौजी ने डीएम से भूमि पर कब्जा दिलाने जाने की कार्रवाई से पूरी तरह संतुष्टि जाहिर करते हुए फर्जी मुकदमे में फंसाए जाने की आशंका जाहिर की। इस पर डीएम ने फौजी व उनके परिवार पर किसी भी प्रकार का फर्जी केस नहीं दर्ज होने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed