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Amethi News: तपिश से थमा जनजीवन, उमस ने छीना चैन
Fri, 22 May 2026 12:24 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 22 May 2026 12:24 AM IST
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. गौरीगंज बाजार में धूप से बचाव कर कोचिंग से जाती छात्राएं। संवाद
अमेठी सिटी। ज्येष्ठ माह की तपिश भरी भीषण गर्मी और उमस ने लोगों का सुख चैन छीन लिया है। सुबह आठ बजे से ही धूप की तपिश व गर्म हवा के थपेड़े लोगों को घरों में ही रहने के लिए विवश कर रहे हैं। तल्ख धूप की तपिश व लू से दोपहर होने से पहले ही शहर की सड़के व बाजारों में सन्नाटा दिखने लगता है। जरूरी काम से घरों से बाहर निकलने पर लोग सूती कपड़े से चेहरे व शरीर को पूरी तरह ढक कर ही निकल रहे हैं। मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्रा के अनुसार अगले कुछ दिनों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
जिले में दिन का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। दोपहर में चल रहे गर्म हवा के थपेड़ों से लोग अधिक देर तक बाहर नहीं ठहर पा रहे हैं। तेज धूप में निकले बाइक सवार व राहगीर छांव की तलाश करते नजर आए। गौरीगंज निवासी उपेंद्र सिंह ने बताया कि दोपहर में बाहर निकलते ही शरीर झुलसने लगता है। रात में बिजली कटौती से उमस और बढ़ जाती है, जिससे ठीक से नींद भी नहीं आ पा रही। राजेश यादव ने कहा कि गर्मी के कारण बच्चों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। रातभर बिजली आने-जाने से छोटे बच्चे बार-बार जाग जाते हैं।
पूजा सिंह ने बताया कि रसोई में काम करना मुश्किल हो गया है, क्योंकि पंखे और कूलर भी गर्म हवा दे रहे हैं। रमेश तिवारी ने कहा कि खेतों में काम करने वाले मजदूर दोपहर से पहले ही लौटने लगे हैं। मोहम्मद आरिफ के अनुसार बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है और कई लोग सिरदर्द, थकान व कमजोरी महसूस कर रहे हैं। गर्मी से राहत दिलाने के लिए सड़क किनारे नींबू पानी, बेल शरबत और गन्ने के रस की दुकानों पर भी लोगों की भीड़ बढ़ गई है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि बढ़ते तापमान का असर सब्जियों, मेंथा और दलहनी फसलों पर पड़ रहा है। बचाव के लिए किसानों को सुबह और शाम के समय सिंचाई करने की सलाह भी किसानों को दी है।
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ऐसे रखें सेहत का ख्याल
- दोपहर 12 से तीन बजे तक धूप में निकलने से बचें
- लगातार पानी, ओआरएस और नींबू पानी पीते रहें
- हल्के रंग और सूती कपड़ों का इस्तेमाल करें
- पशुओं व पक्षियों के लिए भी छांव और पर्याप्त पानी की व्यवस्था रखें
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जिले में दिन का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। दोपहर में चल रहे गर्म हवा के थपेड़ों से लोग अधिक देर तक बाहर नहीं ठहर पा रहे हैं। तेज धूप में निकले बाइक सवार व राहगीर छांव की तलाश करते नजर आए। गौरीगंज निवासी उपेंद्र सिंह ने बताया कि दोपहर में बाहर निकलते ही शरीर झुलसने लगता है। रात में बिजली कटौती से उमस और बढ़ जाती है, जिससे ठीक से नींद भी नहीं आ पा रही। राजेश यादव ने कहा कि गर्मी के कारण बच्चों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। रातभर बिजली आने-जाने से छोटे बच्चे बार-बार जाग जाते हैं।
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पूजा सिंह ने बताया कि रसोई में काम करना मुश्किल हो गया है, क्योंकि पंखे और कूलर भी गर्म हवा दे रहे हैं। रमेश तिवारी ने कहा कि खेतों में काम करने वाले मजदूर दोपहर से पहले ही लौटने लगे हैं। मोहम्मद आरिफ के अनुसार बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है और कई लोग सिरदर्द, थकान व कमजोरी महसूस कर रहे हैं। गर्मी से राहत दिलाने के लिए सड़क किनारे नींबू पानी, बेल शरबत और गन्ने के रस की दुकानों पर भी लोगों की भीड़ बढ़ गई है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि बढ़ते तापमान का असर सब्जियों, मेंथा और दलहनी फसलों पर पड़ रहा है। बचाव के लिए किसानों को सुबह और शाम के समय सिंचाई करने की सलाह भी किसानों को दी है।
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ऐसे रखें सेहत का ख्याल
- दोपहर 12 से तीन बजे तक धूप में निकलने से बचें
- लगातार पानी, ओआरएस और नींबू पानी पीते रहें
- हल्के रंग और सूती कपड़ों का इस्तेमाल करें
- पशुओं व पक्षियों के लिए भी छांव और पर्याप्त पानी की व्यवस्था रखें