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स्कूलों ने एमडीएम की गुणवत्ता सुधारी, भेजीं फोटो
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14 : गौरीगंज : प्राथमिक स्कूल में गुरुवार को मध्यान्ह भोजन करते बच्चें। -संवाद
- फोटो : AMETHI
गौरीगंज (अमेठी)। मध्याह्न भोजन योजना के तहत मेन्यू व गुणवत्ता के आधार पर बच्चों को भोजन मिल सकेगा। अमर उजाला की ओर से मानक विहीन भोजन की खबर प्रकाशित होने खबर पर संज्ञान लेते हुए बीएसए ने ऐसे सभी स्कूलों को नोटिस जारी कर प्रधानाध्यापकों से सुधार के साथ जवाब मांगा था।
बृहस्पतिवार को स्कूलों ने जवाब के साथ एमडीएम की फोटो कार्यालय में प्रेषित करते हुए भविष्य में मानक सही रखने को कहा है। वहीं बीएसए स्वयं नियमित रूप से स्कूलों का निरीक्षण करने में जुटे हैं।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत परिषदीय स्कूलों में बच्चों को दोपहर में मध्याह्न भोजन दिया जाता है। अमर उजाला ने एमडीएम योजना की 11 सितंबर को रियलिटी चेक करते हुए 12 सितंबर को ‘मिड-डे मील: गुणवत्ता गायब-मेन्यू दरकिनार’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की तो बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।
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बीएसए ने ऐसे सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को नोटिस जारी कर जवाब देने के साथ व्यवस्था में सुधार का निर्देश दिया था। खबर प्रकाशित होने के बाद सक्रिय विभाग प्रतिदिन स्कूलों का निरीक्षण कर व्यवस्था सुधार कराने में जुटा है।
बृहस्पतिवार को गौरीगंज के उच्च प्राथमिक स्कूल, मुसाफिरखाना के माझगांव, अमेठी के शहर स्थित कंपोजिट स्कूल, भेटुआ के भीमी, संग्रामपुर के खरबुझही, बाजार शुकुल के बूबूपुर, जगदीशपुर के बनभरिया, परतोष के सनहा तथा शाहगढ़ के पूरबगांव के प्रधानाध्यापकों ने जवाब से साथ एमडीएम योजना में वितरित भोजन की फोटो कार्यालय में जमा की।
जवाब मिलने के बाद बीएसए ने सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को पत्र जारी कर मानक व मेन्यू के अनुसार प्रतिदिन बच्चों को भोजन तैयार कर वितरित करने, बीईओ को प्रतिदिन अलग-अलग स्कूलों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। बीएसए ने मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता प्रभावित होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। बीएसए ने बताया कि एमडीएम व शैक्षिक गुणवत्ता खराब मिलने पर प्रधानाध्यापक को निलंबित करने के साथ ही उस ब्लॉक के बीईओ की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी।
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बृहस्पतिवार को स्कूलों ने जवाब के साथ एमडीएम की फोटो कार्यालय में प्रेषित करते हुए भविष्य में मानक सही रखने को कहा है। वहीं बीएसए स्वयं नियमित रूप से स्कूलों का निरीक्षण करने में जुटे हैं।
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सर्व शिक्षा अभियान के तहत परिषदीय स्कूलों में बच्चों को दोपहर में मध्याह्न भोजन दिया जाता है। अमर उजाला ने एमडीएम योजना की 11 सितंबर को रियलिटी चेक करते हुए 12 सितंबर को ‘मिड-डे मील: गुणवत्ता गायब-मेन्यू दरकिनार’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की तो बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।
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बीएसए ने ऐसे सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को नोटिस जारी कर जवाब देने के साथ व्यवस्था में सुधार का निर्देश दिया था। खबर प्रकाशित होने के बाद सक्रिय विभाग प्रतिदिन स्कूलों का निरीक्षण कर व्यवस्था सुधार कराने में जुटा है।
बृहस्पतिवार को गौरीगंज के उच्च प्राथमिक स्कूल, मुसाफिरखाना के माझगांव, अमेठी के शहर स्थित कंपोजिट स्कूल, भेटुआ के भीमी, संग्रामपुर के खरबुझही, बाजार शुकुल के बूबूपुर, जगदीशपुर के बनभरिया, परतोष के सनहा तथा शाहगढ़ के पूरबगांव के प्रधानाध्यापकों ने जवाब से साथ एमडीएम योजना में वितरित भोजन की फोटो कार्यालय में जमा की।
जवाब मिलने के बाद बीएसए ने सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को पत्र जारी कर मानक व मेन्यू के अनुसार प्रतिदिन बच्चों को भोजन तैयार कर वितरित करने, बीईओ को प्रतिदिन अलग-अलग स्कूलों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। बीएसए ने मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता प्रभावित होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। बीएसए ने बताया कि एमडीएम व शैक्षिक गुणवत्ता खराब मिलने पर प्रधानाध्यापक को निलंबित करने के साथ ही उस ब्लॉक के बीईओ की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी।