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Amethi News: मूक बधिर शिक्षकों की गवाही पर हो सकी रजिस्ट्री
Sat, 22 Nov 2025 12:41 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 22 Nov 2025 12:41 AM IST
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तिलोई उपनिबंधक कार्यालय में विक्रेता रजनी के इशारे समझते मूक बघिर शिक्षक।
तिलोई। उप निबंधन कार्यालय में पहली बार देखने को मिला जब प्रशासन ने काश्तकार को रजिस्ट्री करने के लिए मूक बधिर शिक्षकों की सुविधा मुहैया कराई।
दो माह पहले गोयन की रहने वाली 78 वर्षीय रजनी पत्नी शिवनाथ सह खातेदार दो बेटों सुरेश व कमलेश के साथ पांच बीघा जमीन की रजिस्ट्री बाराबंकी के बमरौली निवासी गुरुदेई के नाम करने पहुंची थीं। पांच बीघे जमीन में रजनी का हिस्सा एक तिहाई है। वह बीमारी व वृद्धावस्था के चलते ठीक से बोल पाने में असमर्थ हैं। उनकी यह स्थिति देख सब रजिस्टार ने रजिस्ट्री से इन्कार कर दिया था। रजनी ने अपर जिलाधिकारी अर्पित कुमार गुप्ता के सामने प्रस्तुत होकर रजिस्ट्री करवाने की याचना की थी। इस पर उन्होंने जिलाविद्यालय निरीक्षक को दो मूक बधिर शिक्षक मुहैया कराने का आदेश दिया। जिला विद्यालय निरीक्षक ने उमेश कुमार शुक्ला व स्नेह लता को रजिस्ट्री में सहयोग करने भेजा। इन्हें निर्देश दिया गया कि रजिस्ट्रीकर्ता के सांकेतिक मनोभाव व इशारों को समझकर उप निबंधक के सामने अनुवाद कर गवाही दें। शुक्रवार को दोनों मूक बधिर शिक्षक सब रजिस्टार कार्यालय पहुंचे और वृद्ध काश्तकार रजनी के इशारे व मनोभावों को समझकर अपना साक्ष्य दिया। इसके बाद रजनी की रजिस्ट्री हो सकी।
उप निबंधक अनिल कुमार यादव ने बताया कि उनकी नौकरी का यह पहला प्रकरण है। शायद जिले का भी यह पहला मामला है जब किसी की रजिस्ट्री मूक बधिर शिक्षकों की गवाही पर हुई है। उन्होंने बताया कि निबंधन प्रक्रिया में इस प्रकार की व्यवस्था दी गई है जिसके क्रम में उच्चाधिकारियों ने आदेश जारी किया है।
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दो माह पहले गोयन की रहने वाली 78 वर्षीय रजनी पत्नी शिवनाथ सह खातेदार दो बेटों सुरेश व कमलेश के साथ पांच बीघा जमीन की रजिस्ट्री बाराबंकी के बमरौली निवासी गुरुदेई के नाम करने पहुंची थीं। पांच बीघे जमीन में रजनी का हिस्सा एक तिहाई है। वह बीमारी व वृद्धावस्था के चलते ठीक से बोल पाने में असमर्थ हैं। उनकी यह स्थिति देख सब रजिस्टार ने रजिस्ट्री से इन्कार कर दिया था। रजनी ने अपर जिलाधिकारी अर्पित कुमार गुप्ता के सामने प्रस्तुत होकर रजिस्ट्री करवाने की याचना की थी। इस पर उन्होंने जिलाविद्यालय निरीक्षक को दो मूक बधिर शिक्षक मुहैया कराने का आदेश दिया। जिला विद्यालय निरीक्षक ने उमेश कुमार शुक्ला व स्नेह लता को रजिस्ट्री में सहयोग करने भेजा। इन्हें निर्देश दिया गया कि रजिस्ट्रीकर्ता के सांकेतिक मनोभाव व इशारों को समझकर उप निबंधक के सामने अनुवाद कर गवाही दें। शुक्रवार को दोनों मूक बधिर शिक्षक सब रजिस्टार कार्यालय पहुंचे और वृद्ध काश्तकार रजनी के इशारे व मनोभावों को समझकर अपना साक्ष्य दिया। इसके बाद रजनी की रजिस्ट्री हो सकी।
उप निबंधक अनिल कुमार यादव ने बताया कि उनकी नौकरी का यह पहला प्रकरण है। शायद जिले का भी यह पहला मामला है जब किसी की रजिस्ट्री मूक बधिर शिक्षकों की गवाही पर हुई है। उन्होंने बताया कि निबंधन प्रक्रिया में इस प्रकार की व्यवस्था दी गई है जिसके क्रम में उच्चाधिकारियों ने आदेश जारी किया है।
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