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Amethi News: बेनीपुर में एफएसटीपी पहुंचे पंजाब के प्रमुख सचिव

Mon, 15 May 2023 12:31 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी Updated Mon, 15 May 2023 12:31 AM IST
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Principal Secretary of Punjab reached FSTP in Benipur
गौरीगंज (अमेठी)। अमेठी के बेनीपुर में एक करोड़ रुपये की लागत से निर्मित प्रदेश का पहला मानव मल संशोधन केंद्र मॉडल के रूप में नामित किया गया है। शुक्रवार को पंजाब प्रांत के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के प्रमुख सचिव डीके तिवारी अपनी तीन सदस्यीय टीम के साथ बेनीपुर एफएसटीपी का निरीक्षण कर उसकी तकनीकी को बारीकी से समझा।
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत ठोस द्रव अपशिष्ट प्रबंधन के तहत अमेठी ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत बेनीपुर में वर्ष 2020-21 में एक करोड़ रुपये की लागत से मानव मल संशोधन केंद्र का निर्माण कराया गया था। इसका निर्माण दिल्ली की वाॅटर ऐड संस्था ने किया था। कार्यदायी संस्था से बनवाने के बाद पिछले दिनों विभाग को हैंडओवर कर दिया। इसके बाद पंचायत विभाग की ओर से 11 ग्राम पंचायतों का कलस्टर बनाकर उन्हें संचालन की जिम्मेदारी दी गई है। यह केंद्र उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र का इकलौता मॉडल केंद्र है। यहां किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं लगे हैं। यह प्लांट पूरी तरह से इको फ्रैंडली है।
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शुक्रवार बाद दोपहर पंजाब प्रांत के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के प्रमुख सचिव एक इंजीनियर व स्टेट कंसलटेंट के साथ बेनीपुर पहुंचे। यहां उन्होंने केंद्र में उपयोग की गई तकनीकी को बारीकी से समझा।
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वाटर ऐड के स्टेट प्रोग्राम हेड फारूख ने प्रमुख सचिव व उनकी टीम को विस्तार से प्लांट में प्रयुक्त की गई तकनीकी पहलुओं के बारे में जानकारी दी। इसके बाद टीम ब्लॉक की ग्राम पंचायत जंगलराम नगर में निर्मित आरआरसी का भ्रमण कराया। प्रमुख सचिव समेत उनकी टीम ने प्रयुक्त तकनीकी की सराहना करते हुए उसे अपने प्रदेश में लागू कराने की बात कही। इस दौरान डीसी आरपी सिंह, हर्ष अपमन्यु समेत सभी जिम्मेदार मौजूद रहे।

प्रतिदिन तीन हजार लीटर शोधन की क्षमता
प्लांट की प्रति दिन तीन हजार लीटर मानव मल को शोधित करने की क्षमता है। एक वर्ष में प्लांट पर प्रति दिन शोधन के लिए 50 हजार लीटर मानव मल आने का अनुमान है। ग्रामीण क्षेत्र के घरों मेंं बने प्रसाधनों का टैंक फुल होने के बाद टैंकर के माध्यम से उन्हें प्लांट पर लाया जा रहा है जो अब तक लोग खुले स्थान पर छोड़ देते थे।
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