{"_id":"61080cbf8ebc3e846f73d924","slug":"people-rushed-to-temple-on-second-monday-of-sawan-month-amethi-news-lko589592099","type":"story","status":"publish","title_hn":"सावन के दूसरे सोमवार को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सावन के दूसरे सोमवार को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
विज्ञापन
01 : जगदीशपुर : शिव मंदिर में शिवलिंग पर जलाभिषेक करते श्रद्धालु।
- फोटो : AMETHI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जगदीशपुर (अमेठी)। सावन के दूसरे सोमवार को क्षेत्र के शिव मंदिरों में भोले के भक्तों का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर दूध, फल, फूल, धतूरा, बेलपत्र, दही और जल आदि से अभिषेक कर भोले की पूजा अर्चना की।
सावन के दूसरे सोमवार को भी भोर से ही क्षेत्र के सभी मंदिरों में पूजा अर्चना को लेकर भक्तों की भारी भीड़ जुटी। हर-हर महादेव, जय-जय भोले, और ओम नम: शिवाय के उद्घोष के साथ भक्त गणों ने मंदिर परिसर को गुंजायमान कर दिया।
सेल परिसर के आनंदेश्वर महादेव मंदिर में दूर दराज के गांवों से आए भक्तों ने हर हर महादेव के जयकारों के साथ भगवान शिव की पूजा आराधना की और शिवलिंग पर दुग्धाभिषेक किया।
विज्ञापन
सोमवार को टेढ़ेनाथ धाम लखीमपुर से गुन्नौर नारद धाम स्थित शिवालय में अति प्राचीन अर्धनारीश्वर शिवलिंग पर रुद्राभिषेक कराने आए आचार्य अनमोल रतन शास्त्री ने बताया की हिंदू धर्म में सावन के महीने का विशेष महत्व है।
यह महीना भगवान शिव का प्रिय महीना कहा जाता है। मान्यताओं के अनुसार जो भोलेनाथ की आराधना पूरी श्रद्धा से करता है उसकी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। सावन के महीने में लोग भोले भंडारी को प्रसन्न करने के लिए घरों और मंदिरों में कई अनुष्ठान का आयोजन करते हैं जिसमें रुद्राभिषेक का खास महत्व है।
रुद्राभिषेक अलग-अलग संकल्प के साथ किया जाता है। रुद्राभिषेक करने के अलावा लोग मंदिरों में शिवलिंग पर दूध भी चढ़ाते हैं। उन्होंने बताया की भोलेनाथ को दूध के साथ गन्ने का रस चढ़ाना भी अच्छा होता है। इसका इस्तेमाल रुद्राभिषेक में भी किया जाता है। इसलिए अगर आप रोजाना इससे शिवलिंग पर चढ़ाएं तो आपको रुद्राभिषेक जैसा ही फल मिलेगा।
विज्ञापन
सावन के दूसरे सोमवार को भी भोर से ही क्षेत्र के सभी मंदिरों में पूजा अर्चना को लेकर भक्तों की भारी भीड़ जुटी। हर-हर महादेव, जय-जय भोले, और ओम नम: शिवाय के उद्घोष के साथ भक्त गणों ने मंदिर परिसर को गुंजायमान कर दिया।
विज्ञापन
सेल परिसर के आनंदेश्वर महादेव मंदिर में दूर दराज के गांवों से आए भक्तों ने हर हर महादेव के जयकारों के साथ भगवान शिव की पूजा आराधना की और शिवलिंग पर दुग्धाभिषेक किया।
विज्ञापन
सोमवार को टेढ़ेनाथ धाम लखीमपुर से गुन्नौर नारद धाम स्थित शिवालय में अति प्राचीन अर्धनारीश्वर शिवलिंग पर रुद्राभिषेक कराने आए आचार्य अनमोल रतन शास्त्री ने बताया की हिंदू धर्म में सावन के महीने का विशेष महत्व है।
यह महीना भगवान शिव का प्रिय महीना कहा जाता है। मान्यताओं के अनुसार जो भोलेनाथ की आराधना पूरी श्रद्धा से करता है उसकी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। सावन के महीने में लोग भोले भंडारी को प्रसन्न करने के लिए घरों और मंदिरों में कई अनुष्ठान का आयोजन करते हैं जिसमें रुद्राभिषेक का खास महत्व है।
रुद्राभिषेक अलग-अलग संकल्प के साथ किया जाता है। रुद्राभिषेक करने के अलावा लोग मंदिरों में शिवलिंग पर दूध भी चढ़ाते हैं। उन्होंने बताया की भोलेनाथ को दूध के साथ गन्ने का रस चढ़ाना भी अच्छा होता है। इसका इस्तेमाल रुद्राभिषेक में भी किया जाता है। इसलिए अगर आप रोजाना इससे शिवलिंग पर चढ़ाएं तो आपको रुद्राभिषेक जैसा ही फल मिलेगा।