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Amethi News: दूसरी बार चुनावी समर में उतरे गांधी परिवार के करीबी
Sat, 04 May 2024 01:52 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 04 May 2024 01:52 AM IST
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अमेठी सिटी। यह दूसरा मौका है, जब अमेठी की जनता गांधी परिवार के चुनाव लड़ने की जिद कर रही थी। धरना-प्रदर्शन तक किया। ऊहापोह व असमंजस के बीच शुक्रवार की सुबह कांग्रेस ने गांधी परिवार के करीबी केएल शर्मा को चुनावी मैदान में उतार दिया। गांधी परिवार के करीबी होने के साथ ही वह सोनिया गांधी के चाणक्य माने जाते हैं। इससे पहले 1991 में कैप्टन सतीश शर्मा को चुनाव लड़ाया गया था।
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ अमेठी आए कैप्टन सतीश शर्मा भी यहां सियासी पारी खेल चुके हैं। सांसद प्रतिनिधि, फिर सांसद व मंत्री तक सफर उन्होंने अमेठी के रास्ते तय किया था। राजीव गांधी की हत्या के बाद 1991 में जब सोनिया गांधी ने राजनीति से दूरी बनाई तो उन्हें काफी मनाने की कोशिश की गई। बात न बनने पर कांग्रेस ने कैप्टन सतीश शर्मा को राजीव गांधी के निधन से रिक्त हुई अमेठी सीट से पार्टी ने अपना प्रत्याशी बनाया।
1991 में हुए उप चुनाव में कैप्टन पहली बार अमेठी से सांसद बने और केंद्र की सरकार में मंत्री भी। 1996 के आम चुनाव में कैप्टन ने दूसरी बार अमेठी से जीत दर्ज की। 1998 में हुए आम चुनाव में कैप्टन सतीश शर्मा को भाजपा के डाॅ. संजय सिंह ने हराकर जीत दर्ज की।
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1999 में जब कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी राजनीति में सक्रिय हुई और अमेठी सीट से चुनाव मैदान में उतरीं तो कैप्टन सतीश शर्मा को रायबरेली सीट से चुनाव मैदान में उतारा गया। रायबरेली में काफी समय से हार का सामना कर रही कांग्रेस को कैप्टन शर्मा ने जीत दिलाई।
कैप्टन सतीश शर्मा ने रायबरेली में दोबारा कांग्रेस के जीत की शुरुआत की। यह सिलसिला 2019 तक कायम रहा। अब एक बार फिर 2024 के रण में कांग्रेस ने गांधी परिवार के करीबी किशोरी लाल शर्मा को प्रत्याशी बनाया है।
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पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ अमेठी आए कैप्टन सतीश शर्मा भी यहां सियासी पारी खेल चुके हैं। सांसद प्रतिनिधि, फिर सांसद व मंत्री तक सफर उन्होंने अमेठी के रास्ते तय किया था। राजीव गांधी की हत्या के बाद 1991 में जब सोनिया गांधी ने राजनीति से दूरी बनाई तो उन्हें काफी मनाने की कोशिश की गई। बात न बनने पर कांग्रेस ने कैप्टन सतीश शर्मा को राजीव गांधी के निधन से रिक्त हुई अमेठी सीट से पार्टी ने अपना प्रत्याशी बनाया।
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1991 में हुए उप चुनाव में कैप्टन पहली बार अमेठी से सांसद बने और केंद्र की सरकार में मंत्री भी। 1996 के आम चुनाव में कैप्टन ने दूसरी बार अमेठी से जीत दर्ज की। 1998 में हुए आम चुनाव में कैप्टन सतीश शर्मा को भाजपा के डाॅ. संजय सिंह ने हराकर जीत दर्ज की।
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1999 में जब कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी राजनीति में सक्रिय हुई और अमेठी सीट से चुनाव मैदान में उतरीं तो कैप्टन सतीश शर्मा को रायबरेली सीट से चुनाव मैदान में उतारा गया। रायबरेली में काफी समय से हार का सामना कर रही कांग्रेस को कैप्टन शर्मा ने जीत दिलाई।
कैप्टन सतीश शर्मा ने रायबरेली में दोबारा कांग्रेस के जीत की शुरुआत की। यह सिलसिला 2019 तक कायम रहा। अब एक बार फिर 2024 के रण में कांग्रेस ने गांधी परिवार के करीबी किशोरी लाल शर्मा को प्रत्याशी बनाया है।